एक बैठक में बिहार सरकार ने लिया फैसला, इन कक्षाओं के छात्र बिना परीक्षा होंगे पास
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बिहार शिक्षा विभाग ने 8 अप्रैल को एक बैठक का आयोजन किया, जिसमें उन्होंने कक्षा 5वीं और कक्षा 8वीं में सभी छात्रों को वार्षिक परीक्षाओं के बिना प्रोमोट करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में इस फैसले को मंजूरी दी गई है। छात्रों को प्रमोट करने का निर्णय COVID-19 के लिए बंद किए जा रहे स्कूलों को ध्यान में रखकर लिया है।
बता दें कि बिहार बोर्ड पहले ही इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा के लिए परिणाम जारी कर चुका है। परिणाम इसलिए घोषित हुए क्योंकि बोर्ड ने फरवरी में परीक्षाओं का समापन किया था और मूल्यांकन प्रक्रिया भी समय पर संपूर्ण हुई।
मैट्रिक परीक्षा के लिए मूल्यांकन प्रक्रिया अभी खत्म नहीं हुई है इसलिए राज्य में कक्षा 10bवीं के छात्रों को अपने परिणाम के लिए कुछ और इंतजार करना होगा।
बिहार परीक्षाओं के बिना अगली कक्षा में छात्रों को बढ़ावा देने वाला एकमात्र राज्य नहीं है। देश भर के राज्य बोर्डों ने पिछले कुछ दिनों में कोरोना वायरस के कारण हुए लॉकडाउन को देखते हुए छात्रों को प्रमोट करने के अपने फैसले की घोषणा की है।
इस बीच, स्कूल कब दोबारा खुलेंगे, इस पर कोई फैसला या बयान नहीं आया है। स्कूलों ने शिक्षण और मूल्यांकन के लिए ऑनलाइन संसाधनों का सहारा लिया है।
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