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DU: डीयू में शुरू होंगे ‘रेडियो जॉकींग’ जैसे स्किल बेस्ड कोर्स; अकादमिक परिषद ने मंजूरी दी

Sun, 06 Jul 2025 07:17 AM IST
शाहीन परवीन एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: शाहीन परवीन Updated Sun, 06 Jul 2025 07:17 AM IST
सार

Delhi University: दिल्ली विश्वविद्यालय की अकादमिक परिषद ने अपनी हालिया बैठक में नए और विविध पाठ्यक्रमों को मंजूरी दी है। इनमें 'भारतीय इतिहास में सिख शहादत' पर स्नातक वैकल्पिक पाठ्यक्रम और 'रेडियो जॉकींग' जैसे कौशल विकास पाठ्यक्रम शामिल हैं। 

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Courses on Sikh martyrdom, radio jockeying cleared by DU academic council
दिल्ली विश्वविद्यालय, Delhi University - फोटो : University Of Delhi

विस्तार

Radio Jockeying Course: दिल्ली विश्वविद्यालय की अकादमिक परिषद (एसी) ने शनिवार को अपनी बैठक में कई नए पाठ्यक्रमों को मंजूरी दी। इनमें 'भारतीय इतिहास में सिख शहादत' पर एक नया स्नातक वैकल्पिक पाठ्यक्रम शामिल है। इसके अलावा, चौथे वर्ष की परियोजनाओं की निगरानी के लिए दिशानिर्देश तय किए गए हैं। परिषद ने ‘रेडियो जॉकींग’ जैसे कौशल विकास से जुड़े पाठ्यक्रमों (एसईसी) को भी मंजूरी दी है।
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स्वतंत्रता और विभाजन अध्ययन केंद्र (CIPS) द्वारा पेश सिख शहादत पर सामान्य वैकल्पिक (GE) पेपर आगामी शैक्षणिक सत्र से सभी कॉलेजों के छात्रों के लिए उपलब्ध होगा, डीयू के एक आधिकारिक बयान में कहा गया है।

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चार क्रेडिट का यह पाठ्यक्रम सिख धर्म के विकास, मुगल साम्राज्य के तहत "राज्य उत्पीड़न" और गुरु अर्जन देव, गुरु तेग बहादुर, गुरु गोविंद सिंह, साहिबजादों और बंदा सिंह बहादुर जैसे सिख गुरुओं और योद्धाओं के नेतृत्व में "प्रतिरोध" का पता लगाएगा।

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सिख इतिहास और शोध कार्य के लिए नई पहल

पाठ्यक्रम में ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण गुरुद्वारों और किलों का दौरा, वृत्तचित्रों की स्क्रीनिंग और इंटरैक्टिव ट्यूटोरियल शामिल हैं।

अधिकारियों ने कहा कि इसका उद्देश्य सिख समुदाय के सामाजिक-धार्मिक योगदान को उजागर करके प्रमुख ऐतिहासिक आख्यानों में अंतराल को भरना है।

परिषद ने यूजीसीएफ 2022 ढांचे के तहत स्नातक अध्ययन के चौथे वर्ष के लिए शोध प्रबंध, शैक्षणिक परियोजनाओं और उद्यमिता मॉड्यूल की देखरेख के लिए दिशा-निर्देशों को भी मंजूरी दी।

रेडियो जॉकी से लेकर इको-प्रिंटिंग तक नए कोर्स

दिशा-निर्देशों के अनुसार, पीएचडी के साथ या बिना पीएचडी वाले सभी संकाय सदस्य ऐसे काम की देखरेख करने के पात्र हैं। प्रत्येक संकाय सदस्य कार्यक्रम-विशिष्ट अनुपात के अधीन अधिकतम दस छात्रों का मार्गदर्शन कर सकता है, और प्रत्येक छात्र को शोध के लिए एक सलाहकार समिति (एसीआर) सौंपी जाएगी।

 

हालांकि, कुछ परिषद सदस्यों ने शिक्षण घंटों में समायोजन के बिना उच्च पर्यवेक्षी भार पर चिंता जताते हुए एक असहमति नोट प्रस्तुत किया। उन्होंने सिफारिश की कि संकाय तीन से चार छात्रों से अधिक की देखरेख नहीं करें और अतिथि संकाय को छात्र-शिक्षक अनुपात में शामिल किया जाए।

 

व्यावहारिक शिक्षा के अवसरों का विस्तार करते हुए, विश्वविद्यालय 'रेडियो जॉकींग' पर एक नया कौशल संवर्द्धन पाठ्यक्रम (एसईसी) शुरू करने जा रहा है, जहां छात्रों को वॉयस मॉड्यूलेशन, डिक्शन, स्टूडियो संचालन, लाइव शो होस्टिंग और उद्योग के पेशेवरों के साथ बातचीत का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

 

पाठ्यक्रम में व्यावहारिक स्टूडियो सिमुलेशन, उच्चारण अभ्यास, पिच नियंत्रण और शो प्लानिंग शामिल हैं।

 

अन्य नए स्वीकृत एसईसी में 'टेक्सटाइल पर इको-प्रिंटिंग', 'वैक्यूम टेक्नोलॉजी', सरफेस ऑर्नामेंटेशन', 'मेडिकल डायग्नोस्टिक्स' और 'इंटीरियर डिजाइनिंग के लिए डिजिटल टूल्स' शामिल हैं।

 

छात्रों को राहत और पाठ्यक्रमों में बदलाव

पाठ्यक्रम परिवर्तन से प्रभावित छात्रों के लिए एक राहत उपाय के रूप में, डीयू ने 2016-17 शैक्षणिक सत्र में प्रवेश लेने वाले छात्रों के लिए अपने शैक्षणिक बैकलॉग को पूरा करने और डिग्री के लिए अर्हता प्राप्त करने के लिए दो साल का विस्तार स्वीकृत किया है। इस प्रावधान का उद्देश्य सीबीसीएस से यूजीसीएफ प्रणाली में स्विच करने से प्रभावित छात्रों का समर्थन करना है।

परिषद ने अकादमिक मामलों पर स्थायी समिति द्वारा प्रस्तावित सभी पाठ्यक्रम परिवर्तनों को भी मंजूरी दे दी, जिसमें स्नातकोत्तर राजनीति विज्ञान पाठ्यक्रम से इस्लाम, पाकिस्तान और चीन से संबंधित पेपरों को हटाना भी शामिल है।

एक अन्य प्रस्ताव, जिसमें 2025-26 से SWAYAM और MOOCs प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से पाठ्यक्रम क्रेडिट का 5 प्रतिशत अर्जित करने की अनुमति दी गई थी, को सदस्यों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा, जिन्होंने शैक्षणिक मानकों पर चिंता जताई। मामले की समीक्षा के लिए एक समिति गठित की गई है।

कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने विभागों को लंबित पेपर मूल्यांकन बिलों को जमा करने में तेजी लाने के निर्देश दिए, साथ ही परीक्षा शाखा और वित्त विभाग को संकाय को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

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