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अब स्कूलों में होगी कोडिंग की पढ़ाई, ये है सरकार की योजना
Sun, 29 Dec 2019 09:26 AM IST
रत्नप्रिया रत्नप्रिया
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: रत्नप्रिया रत्नप्रिया
Updated Sun, 29 Dec 2019 09:26 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : pexels.com
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कोडिंग (Coding) वो विषय है जो अब तक छात्रों को इंजीनियरिंग के कोर्सेज के दौरान पढ़ाया जाता रहा है। लेकिन समय के साथ इसकी मांग हर क्षेत्र में बढ़ रही है। इसलिए अब इस विषय को स्कूल स्तर के पाठ्यक्रम में भी शामिल किए जाने की कवायद शुरू हुई है। अब तेलंगाना सरकार राज्य के सरकारी स्कूलों में कोडिंग की पढ़ाई शुरू करने की तैयारी कर रही है।
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इसके लिए तेलंगाना सरकार 33 सरकार स्कूलों में पायलट प्रोजेक्ट लॉन्च करने जा रही है। एक अधिकारी के अनुसार, राज्य शिक्षा विभाग, प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग एवं तेलंगाना इनफॉर्मेशन एंड टेक्नोलॉजी एसोसिएशन (TITA) मिलकर पायलट प्रोजेक्ट चलाने की तैयारी कर रहे हैं। यह प्रोजेक्ट करीब एक सप्ताह तक चलाया जाएगा।
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सूचना एवं प्रौद्योगिकी के प्रमुख सचिव जयेश रंजन के अनुसार, टीटा सदस्य इस पायलट प्रोजेक्ट के दौरान इस योजना को राज्य स्तर पर लागू करने में आ सकने वाली चुनौतियों का आंकलन भी करेंगे।
इसके तहत एक एंट्री लेवल ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाया जाेगा। इसके बाद स्कूली छात्रों और एक शिक्षक को स्क्रैच प्रोग्रामिंग, एचटीएमएल और पायथॉन (HTML and Python) लैंग्वेजेज की पांच दिनों की ट्रेनिंग दी जाएगी।
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टीटा अध्यक्ष ने बताया कि 'ये प्रोजेक्ट छात्रों को नए कौशल से रूबरू कराएगा। स्कूल स्तर पर ही अगर वे कोडिंग सीखेंगे तो इससे उनमें समस्याओं का समाधान ढूंढने का कौशल (Problem Solving Skill) भी विकसित होगा। आंत्रप्रेन्योरशिप की क्षमता विकसित होगी।' उन्होंने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट के लिए अभी तेलंगाना के एक जिले के 33 सरकारी स्कूलों से तीन-तीन छात्रों को चुना गया है। यानी इस दौरान कुल 99 छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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