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Medical Students Suspended: सीएमसी वेल्लोर में सात मेडिकल छात्र रैगिंग के आरोप में निलंबित,वीडियो हुआ था वायरल
Thu, 10 Nov 2022 08:43 AM IST
सौरभ पांडेय
एजुकेशन डेस्क, नई दिल्ली
एजुकेशन डेस्क, नई दिल्ली
Published by: सौरभ पांडेय
Updated Thu, 10 Nov 2022 08:43 AM IST
सार
तमिलनाडु के वेल्लोर में क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज ने सात वरिष्ठ मेडिकल छात्रों को रैगिंग के एक मामले में निलंबित कर दिया है।
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विस्तार
तमिलनाडु के वेल्लोर में क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज (Christian Medical College ) ने अंतिम वर्ष के सात छात्रों को रैगिंग के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। दरअसल प्रथम वर्ष के छात्रों के कपड़े उतारे जाने, पीटे जाने और प्रताड़ित करने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। कथित तौर पर नौ अक्तूबर को शूट किए गए वीडियो में जूनियर छात्रों को वरिष्ठ छात्रों के निर्देश के अनुसार अंडरवियर में परिसर में घूमने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
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रैगिंग को लेकर 'जीरो टॉलरेंस पॉलिसी
सीएमसी प्रिंसिपल डॉ सोलोमन सतीशकुमार (CMC principal Dr Solomon Sathishkumar) ने मंगलवार को कहा कि संस्थान की रैगिंग को लेकर 'जीरो टॉलरेंस पॉलिसी' है। इस मामले को लेकर छह सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया गया है। यह समिति अपनी रिपोर्ट एंटी रैगिंग सेल को सौंपेगी। सीएमसी के निदेशक विक्रम मैथ्यू ने बुधवार को कहा कि कॉलेज को पिछले रविवार एक गुमनाम ईमेल पर शिकायत मिली थी। ईमेल की पहचान न होने के बावजूद उन्होंने इस मुद्दे पर कार्रवाई शुरू की। ईमेल में भेजने वाले का नाम या अन्य पहचान नहीं थी। डॉ. मैथ्यू ने कहा कि ईमेल के आधार पर सात छात्रों को सोमवार को निलंबित कर दिया गया। ये ज्यादातर तीसरे वर्ष के छात्र हैं। डॉ. मैथ्यू ने कहा आगे कहा कि “घटना की जांच चल रही है और अगले कुछ दिनों में विशेष समिति द्वारा एक रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। हम किसी भी रूप में रैगिंग की निंदा नहीं करते हैं। हम रैगिंग पर भी जीरो टॉलरेंस रखते हैं,” ।
सीएमसी प्रिंसिपल डॉ सोलोमन सतीशकुमार (CMC principal Dr Solomon Sathishkumar) ने मंगलवार को कहा कि संस्थान की रैगिंग को लेकर 'जीरो टॉलरेंस पॉलिसी' है। इस मामले को लेकर छह सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया गया है। यह समिति अपनी रिपोर्ट एंटी रैगिंग सेल को सौंपेगी। सीएमसी के निदेशक विक्रम मैथ्यू ने बुधवार को कहा कि कॉलेज को पिछले रविवार एक गुमनाम ईमेल पर शिकायत मिली थी। ईमेल की पहचान न होने के बावजूद उन्होंने इस मुद्दे पर कार्रवाई शुरू की। ईमेल में भेजने वाले का नाम या अन्य पहचान नहीं थी। डॉ. मैथ्यू ने कहा कि ईमेल के आधार पर सात छात्रों को सोमवार को निलंबित कर दिया गया। ये ज्यादातर तीसरे वर्ष के छात्र हैं। डॉ. मैथ्यू ने कहा आगे कहा कि “घटना की जांच चल रही है और अगले कुछ दिनों में विशेष समिति द्वारा एक रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। हम किसी भी रूप में रैगिंग की निंदा नहीं करते हैं। हम रैगिंग पर भी जीरो टॉलरेंस रखते हैं,” ।
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सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो
कथित रैगिंग की घटना तब सामने आई जब रविवार को एक ट्विटर यूजर ने अपने ट्विटर हैंडल पर कॉलेज, मुख्यमंत्री एम के स्टालिन और अन्य को टैग करते हुए इस घटना को उजागर किया। साथ ही घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में कुछ छात्रों को वेल्लोर के बाहरी इलाके में बगयम के परिसर में पुरुषों के छात्रावास के अंदर आधा नग्न (केवल उनके अंडरवियर के साथ) परेड कराई गई थी। एक पाइप से उन पर पानी का छिड़काव किया गया और उन्हें मिट्टी में लिटाया गया और जमीन पर कुछ कार्य करने के लिए कहा गया। छात्रों में से एक एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्र, ने एक ऑनलाइन पोस्ट में घटना का विस्तृत विवरण दिया। पोस्ट में यह भी आरोप लगाया गया कि उनके साथ शारीरिक और यौन शोषण किया गया। वेल्लोर के पुलिस अधीक्षक एस राजेश कन्नन ने कहा कि हमें अब तक इस मुद्दे पर कोई शिकायत नहीं मिली है। एक बार जब हमें शिकायत मिलती है, तो हम उसके अनुसार कार्य करते हैं।
कथित रैगिंग की घटना तब सामने आई जब रविवार को एक ट्विटर यूजर ने अपने ट्विटर हैंडल पर कॉलेज, मुख्यमंत्री एम के स्टालिन और अन्य को टैग करते हुए इस घटना को उजागर किया। साथ ही घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में कुछ छात्रों को वेल्लोर के बाहरी इलाके में बगयम के परिसर में पुरुषों के छात्रावास के अंदर आधा नग्न (केवल उनके अंडरवियर के साथ) परेड कराई गई थी। एक पाइप से उन पर पानी का छिड़काव किया गया और उन्हें मिट्टी में लिटाया गया और जमीन पर कुछ कार्य करने के लिए कहा गया। छात्रों में से एक एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्र, ने एक ऑनलाइन पोस्ट में घटना का विस्तृत विवरण दिया। पोस्ट में यह भी आरोप लगाया गया कि उनके साथ शारीरिक और यौन शोषण किया गया। वेल्लोर के पुलिस अधीक्षक एस राजेश कन्नन ने कहा कि हमें अब तक इस मुद्दे पर कोई शिकायत नहीं मिली है। एक बार जब हमें शिकायत मिलती है, तो हम उसके अनुसार कार्य करते हैं।
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