फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   Chandrayaan 2 lander name Vikram and Rover name as Pragyan by ISRO, Know why

ISRO ने Chandrayaan 2 के लैंडर का नाम 'विक्रम' और रोवर का 'प्रज्ञान' ही क्यों रखा?

Fri, 06 Sep 2019 07:03 PM IST
रत्नप्रिया रत्नप्रिया एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: रत्नप्रिया रत्नप्रिया Updated Fri, 06 Sep 2019 07:03 PM IST
सार

  • आज चंद्रमा के दक्षिणी ध्रव पर उतरेगा चंद्रयान 2
  • लैंडर विक्रम कराएगा चंद्रयान की सॉफ्ट लैंडिंग

विज्ञापन
Chandrayaan 2 lander name Vikram and Rover name as Pragyan by ISRO, Know why
चंद्रयान-2 का विक्रम लैंडर और प्रज्ञान रोवर - फोटो : ISRO

विस्तार

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO - Indian Space Research Organisation) आज इतिहास रचने वाला है। इसरो का चंद्रयान 2 (Chandrayaan 2) चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव की सतह पर उतरने वाला है। यह सॉफ्ट लैंडिंग होगी। यानी यह धीरे और सुरक्षित तरीके से चांद की सतह पर उतरेगा। यह लैंडिंग इसरो और चंद्रयान 2, दोनों के लिए ही बेहद अहम है। इसकी जिम्मेदारी चंद्रयान 2 के लैंडर की है जिसका नाम इसरो ने विक्रम रखा है। जबकि रोवर का नाम है प्रज्ञान।

विज्ञापन

 

विज्ञापन


सवाल है कि इसरो ने लैंडर और रोवर को ये नाम क्यों दिए? ये नाम काफी सोच समझ कर दिए गए हैं। इसका कारण हम आपको आगे बता रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

  • चंद्रयान 2 के लैंडर का नाम डॉ. विक्रम साराभाई के नाम पर रखा गया है, जिन्हें भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम (Indian Space Programme) का जनक भी कहा जाता है। 
  • 'विक्रम' लैंडर  का वजन 1,471 किलो ग्राम है। यह 650 वॉट बिजली जनरेट कर सकता है।
  • इसे चंद्रमा की सीमा में एक दिन (One Lunar Day) तक काम करने के अनुसार तैयार किया गया है। चंद्रमा का एक दिन पृथ्वी के 14 दिन के बराबर होता है।
  • विक्रम लैंडर में बेंगलुरू के पास स्थित इसरो के IDSN सेंटर से संपर्क करने की भी क्षमता है। इसके अलावा यह प्रज्ञान रोवर और ऑर्बिटर से भी संपर्क कर सकता है।

इसरो ने विक्रम लैंडर से संबंधित एक वीडियो भी जारी किया है। यह वीडियो आप इस खबर में आगे देख सकते हैं।

ये तो बात हुई विक्रम लैंडर की। अब बात करते हैं चंद्रयान 2 के रोवर प्रज्ञान की। रोवर को ये नाम किसी शख्स के नाम पर नहीं दिया गया है। फिर क्यों इसरो ने रोवर का ये नाम रखा? 

दरअसल इसरो और इसके वैज्ञानिक भारत की परंपरा को भी मानते हैं। हमारी भाषा संस्कृत से उन्होंने ये नाम लिया है। इसरो ने बताया है कि प्रज्ञान का अर्थ होता है 'बुद्धिमता' (wisdom)। प्रज्ञान रोवर को चंद्रमा की सतह पर अपनी बुद्धिमता का परिचय देना है। वहां कई चीजों का पता लगाना है। 



ये भी पढ़ें : चांद के जिस हिस्से पर जा रहा है Chandrayaan 2, वहां अब तक कोई नहीं जा पाया, जानें क्यों

प्रज्ञान रोवर में 6 रोबोटिक पहिये हैं। यह करीब 500 मीटर तक सफर कर सकता है। काम करने के लिए प्रज्ञान सोलर ऊर्जा का इस्तेमाल करेगा। यह सिर्फ लैंडर विक्रम से संपर्क स्थापित कर सकता है। 

ISRO द्वारा जारी विक्रम लैंडर का वीडियो, यहां देखें

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed