2020 में 15 हजार आईटीआई को रेटिंग देगी सरकार, पांच हजार संस्थानों को अपग्रेड करेगा आईआईएस
आईआईटी, आईआईएम व यूनिवर्सिटी की तर्ज पर पहली बार देश के सभी आईटीआई की ग्रेडिंग होगी। केंद्र सरकार 2020 सत्र में ही ग्रेडिंग का काम शुरू करने जा रही है। इसमें छात्र-शिक्षक अनुपात, पढ़ाई की गुणवत्ता, ट्रेनिंग व प्लेसमेंट के आधार पर आईटीआई को रेटिंग मिलेगी। खास बात यह है कि इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल (आईआईएस) मुंबई और अहमदाबाद आईटीआई के शिक्षकों को ट्रेनिंग देंगे। इसके अलावा पाठ्यक्रम और कोर्स भी रिडिजाइन किया जाएगा।
केंद्रीय कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय का लक्ष्य एक करोड़ युवाओं को उच्च स्तरीय कौशल विकास की ट्रेनिंग करवाना है। इसमें आईआईएस मदद करेगा। अभी तक आईटीआई में पढ़ाई करने वाले छात्रों को मार्केट आधार पर ट्रेनिंग नहीं मिल पाती है क्योंकि आईटीआई में मार्केट डिमांड के आधार पर कोर्स व पाठ्यक्रम नहीं है। इसीलिए अधिकतर छात्र आईटीआई में दाखिला लेने से पीछे हट जाते हैं। अब सरकार उसकी ग्रेडिंग करवा रही है ताकि रेटिंग के आधार पर छात्र देश के किसी भी आईटीआई में दाखिला ले सकें।
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल व कंपनियां करेंगी रिडिजाइन
पहली बार देश के सभी 15 हजार आईटीआई में पढने वाले छात्रों को उच्चस्तरीय ट्रेनिंग दी जाएगी। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल मुंबई और अहमदाबाद शिक्षकों को ट्रेनिंग देंगे। कंपनियों व मार्केट डिमांड के आधार पर कोर्स व पाठ्यक्रम का रिडिजाइनिंग होगी। आईटीआई की ग्रेडिंग होने से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, जिससे गुणवत्ता में भी सुधार होगा।
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-महेंद्र नाथ पांडेय, केंद्रीय कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री।