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CCPA: कोचिंग संस्थान नहीं कर पाएंगे भ्रामक विज्ञापन, सीसीपीए ने गाइडलाइन पर 16 मार्च तक मांगी राय

Fri, 16 Feb 2024 05:40 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: आकाश कुमार Updated Fri, 16 Feb 2024 05:40 PM IST
सार

CCPA: सीसीपीए ने कोचिंग के क्षेत्र में भ्रामक विज्ञापनों की रोकथाम के लिए तैयार किए गए ड्राफ्ट पर लोगों से टिप्पणियां मांगी हैं। मसौदा "कोचिंग" को परिभाषित करता है और ऐसी स्थितियां बताता है जो भ्रामक विज्ञापनों के अंतर्गत आती हैं।

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CCPA seeks public comments on draft guidelines to prevent misleading ads in coaching sector
सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

CCPA Guidlines for Coaching Sector: उपभोक्ता संरक्षण नियामक सीसीपीए ने कोचिंग क्षेत्र में भ्रामक विज्ञापनों की रोकथाम के लिए दिशानिर्देशों के मसौदे पर 16 मार्च तक सार्वजनिक टिप्पणियां मांगी हैं। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने कोचिंग संस्थानों, कानून फर्मों, सरकार और स्वैच्छिक उपभोक्ता संगठनों सहित सभी हितधारकों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श के बाद मसौदा दिशानिर्देश तैयार किए हैं।

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मसौदा "कोचिंग" को परिभाषित करता है और ऐसी स्थितियां बताता है जो भ्रामक विज्ञापनों के अंतर्गत आती हैं। उदाहरण के लिए, कोचिंग संस्थानों को सफल उम्मीदवार द्वारा चुने गए पाठ्यक्रम की अवधि, पाठ्यक्रम के नाम (चाहे मुफ्त हो या भुगतान) या किसी अन्य महत्वपूर्ण जानकारी जो उपभोक्ताओं के उनकी सेवाओं को चुनने के निर्णय को प्रभावित कर सकती है, छिपाने की अनुमति नहीं है।
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कोचिंग संस्थान को बिना सत्यापित सबूत के किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में छात्रों की सफलता दर, चयन की संख्या या रैंकिंग के संबंध में झूठे दावे करने से बचना चाहिए। कोचिंग संस्थानों को छात्रों के व्यक्तिगत प्रयासों को स्वीकार किए बिना, ऐसा नहीं दिखाना चाहिए कि छात्रों की सफलता के लिए पूरी तरह से कोचिंग जिम्मेदार है।
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अन्य शर्तों के अलावा, सीसीपीए ने कहा कि कोचिंग सेंटरों को छात्रों की सफलता में कोचिंग की भागीदारी की सीमा को स्पष्ट रूप से बताना चाहिए।

कोचिंग संस्थानों को छात्रों और अभिभावकों में यह झूठी भावना नहीं भरनी चाहिए कि कोचिंग की सख्त जरूरत है या इसके बिना छात्र सफल नहीं हो सकता। कोचिंग संस्थानों को किसी भी ऐसे काम में संलग्न नहीं होना चाहिए जो उपभोक्ताओं को गुमराह कर सकता है या उपभोक्ता की स्वायत्तता और पसंद को नष्ट कर सकता है।


सीसीपीए ने कहा कि दिशानिर्देशों का उद्देश्य उपभोक्ताओं को कोचिंग क्षेत्र में भ्रामक विज्ञापनों से बचाना है और यह कोचिंग में लगे प्रत्येक व्यक्ति पर लागू होगा। कोचिंग क्षेत्र द्वारा भ्रामक विज्ञापनों को उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के अनुसार नियंत्रित किया जाएगा और प्रस्तावित दिशानिर्देश हितधारकों में स्पष्टता लाएंगे और उपभोक्ता हितों की रक्षा करेंगे।

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