सीबीएसई स्कूलों में पहली से 10वीं तक के छात्रों के लिए कला आधारित प्रोजेक्ट शामिल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने इस शैक्षणिक सत्र से कक्षा एक से लेकर दसवीं तक के विद्यार्थियों के लिए कला आधारित प्रोजेक्ट कार्य शुरू करने का निर्णय लिया है। सीबीएसई ने कला आधारित प्रोजेक्ट कार्य को इसलिए शुरू करने का निर्णय लिया है ताकि छात्रों के सीखने की क्षमता को और ज्यादा आनंदपूर्ण बनाया जा सके। पहली से लेकर दसवीं तक के विद्यार्थियों को अब शैक्षणिक सत्र 2020-2021 से प्रत्येक विषय में कम से कम एक कला आधारित प्रोजेक्ट कार्य लेना पड़ेगा। इतना ही नहीं, कक्षा पहली से लेकर आठवीं तक के छात्रों को भी नए शैक्षणिक वर्ष में कम से कम एक कला आधाारित प्रोजेक्ट कार्य (ट्रांस-अनुशासनात्मक परियोजना) लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
वर्तमान सत्र से सभी सीबीएसई स्कूलों में कक्षा 1-10 के छात्रों के लिए कला आधारित प्रोजेक्ट कार्य शामिल किया जा रहा है।
अधिक जानकारी : https://t.co/dbbVB0mfHM@cbseindia29 @HRDMinistry @PIB_India @DDNewslive— Dr Ramesh Pokhriyal Nishank (@DrRPNishank) May 15, 2020विज्ञापन
इसे भी पढ़ें-NEET 2020: एनटीए ने अभ्यर्थियों के लिए जारी की ये अहम सूचना
बोर्ड ने स्कूलों को लिखे पत्र में यह बात कही है। केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल ने भी ट्विटर पर सीबीएसई अधिसूचना के साथ यह जानकारी साझा की है। इस अधिसूचना के साथ ही अब पहली से लेकर दसवीं कक्षा तक के लिए सीबीएसई का सिलेबस अपडेट हो गया है। सीबीएसई ने पहली से लेकर दसवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए कम से कम एक विषय कला प्रोजेक्ट कार्य के रूप में शामिल कर दिया है। बता दें कि कला-आधारित विषय पहली से लेकर दसवीं कक्षा तक के छात्रों के लिए अनिवार्य रूप से लागू किया गया है। यानी की विद्यार्थियों को इसे लेना ही लेना है। प्रत्येक छात्र को एक कला आधारिक कार्य लेना ही लेना है।
कमेंट
कमेंट X