CBSE Result 2024: 23 हजार छात्रों ने दिखाया 100 का दम; क्या कहता है इस साल का आंकड़ा? यहां पढ़ें पूरा विवरण
CBSE Result 2024: सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में 23 हजार विद्यार्थियों ने 100 का दम दिखाया है और इनमें सबसे अधिक 6,126 छात्रों ने पेंटिंग विषय में 100 का आंकड़ा छुआ है। साल दर साल अधिक अंक लाने वालों का ग्राफ बढ़ता जा रहा है। पिछले और इस साल का आंकड़ा क्या कहता है? पूरी खबर नीचे पढ़ें।
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विस्तार
CBSE Result 2024: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के बारहवीं के नतीजों में एक बार फिर से विद्यार्थियों ने 100 का दम दिखाया है। देशभर से इस बार 70 विषयों में कुल 23,720 विद्यार्थियों ने शतक लगाया है। इनमें सर्वाधिक 6,126 विद्यार्थियों ने पेंटिंग विषय में 100 का आंकड़ा छुआ है। इसके बाद केमिस्ट्री में 2,152 विद्यार्थियों ने शतकीय पारी खेली है, जबकि गणित का डर भगाते हुए 722 विद्यार्थियों ने इस विषय में 100 में से 100 अंक प्राप्त किए हैं। वहीं, बारहवीं के नतीजों में 90 और 95 फीसदी से अधिक अंक लाने वालों की होड़ लगी है।
साल दर साल इतने अधिक अंक लाने वालों का ग्राफ बढ़ता जा रहा है। हालांकि डीयू में कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेस टेस्ट (सीयूईटी) व आईपीयू में सीईटी और सीयूईटी, अंबेडकर में सीयूईटी से दाखिले होने के कारण इतने अंकों का महत्व कुछ कम हुआ है। दरअसल अब विवि बारहवीं के अंकों के आधार पर कट ऑफ जारी नहीं करते बल्कि सीयूईटी स्कोर के आधार पर दाखिला देते हैं।
इस बार विद्यार्थियों ने काफी विषयों में 100 का आंकड़ा छुआ है। साइकोलॉजी में 2,097, राजनीति शास्त्र में 1,024, अकाउंटेंसी में 1,175, कंप्यूटर साइंस में 975, फिजिक्स में 1,358, इकोनॉमिक्स में 1,258, बायोलॉजी में 530 और इंग्लिश कोर में 3,990 विद्यार्थियों ने 100 में से 100 अंक लिए हैं। रिजल्ट में गणित का हौव्वा नहीं दिखा है, इस विषय में 722 विद्यार्थियों के 100 में से 100 अंक हैं।
साल दर साल बढ़ रही ज्यादा अंक लाने की होड़
बोर्ड के नतीजों में इस साल देशभर में 90 से 100 फीसदी के बीच अंक लाने वाले 1,40,213 विद्यार्थी हैं। इनमें से 1,16,145 विद्यार्थियों ने 90% से अधिक अंक प्राप्त किए हैं, जबकि 95% से अधिक लाने वालों की संख्या 24,068 पहुंच गई है। बीते साल 95 फीसदी से अधिक प्राप्त करने वालों की संख्या 22,622 व 90 फीसदी से अधिक अंक लाने वालों की संख्या 1,12,838 रही थी। साल दर साल अंक लाने की यह होड़ लगातार बढ़ती जा रही है। इस तरह से 90 से 100 फीसदी अंक पाने वालों की संख्या 1,35,460 रही थी।
पिछले कुछ वर्षों की यह रही स्थिति
वर्ष 2022 के नतीजों में सभी जोन मिलाकर कुल 1,68,229 छात्रों ने 90% से 100% के बीच अंक प्राप्त किए हैं। इनमें से 90% से अधिक अंक पाने वाले 1,34,797 व 95% से अधिक पाने वालों की संख्या 33,432 रही थी। यह आंकड़ा वर्ष 2021 व 2020 के मुकाबले में कम था। दरअसल कोरोना महामारी के कारण 2021 में तो परीक्षा आयोजित ही नहीं की गई जबकि 2020 में कुछ विषयों की ही परीक्षाएं आयोजित की गई थीं।
वर्ष 2020 में 1,57,934 विद्यार्थियों और 2021 में 1,50,152 विद्यार्थियों को 90% से अधिक अंक मिले थे, जबकि 2022 में ऐसे विद्यार्थियों की संख्या 1,34,797 थी। इन दोनों साल में 90% से 100% अंक लाने वाले इसलिए बढ़े क्योंकि कोरोना काल होने के कारण अलग-अलग तरह से रिजल्ट जारी किया गया था।
यदि इस साल के आंकड़े की तुलना बीते साल से करें तो 90% से 100% अंक लाने वाले लगातार बढ़ रहे हैं। वर्ष 2019 के रिजल्ट में 90% से अधिक अंक प्राप्त करने वालों की संख्या 94,299 थी। वहीं 17,693 विद्यार्थियों को 95% से अधिक अंक मिले थे। वहीं वर्ष 2018 के रिजल्ट पर नजर डालें तो 90% से अधिक अंक लाने वाले 92,599 विद्यार्थी थे, जबकि 95% से अधिक अंक 12,737 विद्यार्थियों को मिले थे। वर्ष 2017 में 90% से अधिक लाने वालों की संख्या 63,247 और 95% से अधिक अंक पाने वालों की संख्या 10,091 थी।
नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के दिल्ली क्षेत्र के 12वीं के नतीजों में 2.75 फीसदी का सुधार हुआ है। इस बार यहां का पास प्रतिशत 94.97 फीसदी है, जबकि बीते साल 92.22 फीसदी रहा था। हालांकि, दिल्ली वेस्ट रीजन में बीते साल के मुकाबले में चौथे पायदान से पांचवें पायदान पर आ गया है। इनका पास प्रतिशत 95.64 फीसदी रहा है, जबकि दिल्ली ईस्ट 94.51 फीसदी पास प्रतिशत के साथ छठे स्थान पर है।
दिल्ली ईस्ट ने अपना छठी पायदान को बरकरार रखा है। देशभर के सीबीएसई के 17 रीजन में से सात रीजन का रिजल्ट औसत पास प्रतिशत से भी कम है जबकि दस रीजन का ज्यादा है। अगले साल बोर्ड परीक्षाएं 15 फरवरी से आयोजित की जाएंगी। इन सात रीजन में देहरादून, पटना, भुवनेश्वर, भोपाल, गुहावटी, नोएडा, व प्रयागराज शामिल है। सीबीएसई परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज के अनुसार इस साल बारहवीं कक्षा का रिजल्ट 0.65 फीसदी बेहतर है। रिजल्ट में सुधार इसलिए हुए क्योंकि इस वर्ष परीक्षाओं में 40 फीसदी योग्यता आधारित प्रश्न पूछे गए थे।
सेंट्रल तिब्बतन स्कूल रहे अव्वल, निजी स्कूल पिछड़े
जवाहर नवोदय स्कूल के बीते साल के दबदबे को पछाड़ते हुए इस बार सेंटर तिब्बतन स्कूल अव्वल रहे हैं। इनका पास प्रतिशत 99.23 फीसदी रहा है जबकि जवाहर नवोदय स्कूल खिसक कर दूसरे पायदान पर पहुंच गए हैं इनका पास प्रतिशत 98.90 फीसदी रहा है। केंद्रीय विद्यालय 98.81 फीसदी के साथ तीसरे पायदान पर रहे हैं। वहीं रिजल्ट में देशभर के निजी स्कूल पिछड़ गए हैं। बीते साल निजी स्कूल चौथे पायदान पर थे जबकि इस बार खिसक कर सबसे नीचे आ गए हैं। निजी स्कूलों का पास प्रतिशत इस बार 87.70 फीसदी रहा है। सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों ने भी रिजल्ट में सुधार किया है।
दसवीं कक्षा में 93.60% विद्यार्थी पास, पिछले साल से 0.48% ज्यादा
नई दिल्ली केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के दसवीं में देशभर से करीब तीन लाख विद्यार्थियों ने 90% से 100% के बीच अंक प्राप्त किए हैं। दसवीं के 40 विषय ऐसे हैं जिनमें 36, 416 विद्यार्थियों ने सौ का आंकड़ा छुआ है। इसमें मैथमेटिक्स ऐसा विषय है जिसमें 11,253 छात्रों को सौ में से सौ अंक प्राप्त हुए हैं। वहीं, 2,12,384 विद्यार्थियों ने 90% से अधिक अंक प्राप्त किए हैं जबकि 95% से अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों की संख्या 47,983 है। इस तरह से देशभर में 2,96,783 विद्यार्थियों को 90% से 100% के बीच अंक मिले हैं।
दसवीं का रिजल्ट बारहवीं के रिजल्ट के मुकाबले बेहतर रहा है। दसवीं में बीते साल से 0.48% ज्यादा 93.60% विद्यार्थी पास हुए हैं। दसवीं के रिजल्ट में भी लड़कियों ने लड़कों के मुकाबले में बेहतर प्रदर्शन किया है। जहां लड़कियों का पास प्रतिशत 94.75% है, वहीं लड़कों का पास प्रतिशत 92.71% रहा है। बीते साल 94.25% लड़कियां और 92.27% लड़के पास घोषित किए गए थे। ट्रांसजेंडर श्रेणी के रिजल्ट में बीते साल के मुकाबले में सुधार हुआ है।
इस साल इस श्रेणी का रिजल्ट 91.30% रहा है जबकि बीते साल यह 90 फीसदी था। विशेष जरूरत वाले बच्चों की श्रेणी में 93.45% विद्यार्थी पास हुए हैं। सामान्य श्रेणी की तरह ही इस श्रेणी में भी 90 से 100 फीसदी के बीच अंक लाने विद्यार्थियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। ऐसे विद्यार्थियों की संख्या 451 है जबकि बीते साल यह संख्या 315 थी।
दसवीं के नतीजों में 40 ऐसे विषय हैं जिसमें 36,416 विद्यार्थियों को सौ में से सौ अंक मिले हैं। गणित के डर को दरकिनार करते हुए मैथमेटिक्स स्टैंडर्ड में 11253 विद्यार्थियों ने शतक लगाया है। जबकि संस्कृत में 6555 को सोशल साइंस में 5092 को, इंग्लिश में 3319 को तमिल में 2129, पंजाबी में 2013 को हिंदी कोर्स ए में 2627 को, साइंस में 2247 विद्यार्थियों ने शतकीय पारी खेली है।
देशभर में कुल 14 लाख विद्यार्थी हुए पास
देशभर के 18,417 स्कूलों से इस बार बारहवीं में 16,21,224 विद्यार्थी परीक्षा में बैठे थे, इनमें से 14,26,420 विद्यार्थी पास हुए हैं। बीते साल ट्रांसजेंडर का रिजल्ट 60% था जो कि इस बार घटकर 50% पहुंच गया है। वहीं चिल्ड्रेन विद स्पेशल नीड (सीडब्लयूएसएन) श्रेणी के 5057 में से 4548 विद्यार्थी पास हुए हैं। इनका पास प्रतिशत 90.62% रहा है।
जवाहर नवोदय विद्यालय अव्वल
दसवीं के रिजल्ट में जवाहर नवोदय विद्यालय 99.09 फीसदी के साथ अव्वल रहे हैं। इसके बाद केंद्रीय विद्यालयों ने 99.09 फीसदी अंकों के साथ दूसरा स्थान प्राप्त किया है। निजी स्कूल 94.54 फीसदी के साथ तीसरे स्थान पर रहे हैं। सेंट्रल तिब्बतन स्कूल का पास प्रतिशत 94.40 फीसदी रहा है।
सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के मुकाबले में देशभर के सरकारी स्कूलों ने रिजल्ट में बेहतर प्रदर्शन किया है। जहां सरकारी स्कूलों का रिजल्ट 86.72% है, वहीं सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों का रिजल्ट 83.95% है।
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