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CBSE: सीबीएसई के नए ड्राफ्ट नियमों से पंजाब सरकार नाराज, जताई कड़ी आपत्ति; बोर्ड ने दिया ये स्पष्टीकरण

Wed, 26 Feb 2025 02:44 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: आकाश कुमार Updated Wed, 26 Feb 2025 02:44 PM IST
सार

CBSE: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने कक्षा 10 बोर्ड परीक्षा साल में दो बार कराने का प्रस्ताव दिया, जिसमें पंजाबी का जिक्र न होने पर पंजाब सरकार ने विरोध जताया। नई नीति पर 9 मार्च तक सुझाव मांगे गए हैं।
 

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CBSE Proposes Biannual Class 10 Board Exams; Punjab Govt Protests Over Punjabi Language Omission
पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस - फोटो : X(@harjotbains)

विस्तार

CBSE Board Exam Twice A Year: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा के लिए प्रस्तावित नए ड्राफ्ट नियमों में पंजाबी भाषा का उल्लेख नहीं किया गया, जिसपर पंजाब सरकार ने कड़ा विरोध जताया है। हालांकि, सीबीएसई अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह सूची केवल सांकेतिक है और कोई भी विषय हटाया नहीं जाएगा।

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पंजाब के शिक्षा मंत्री का विरोध

सीबीएसई के ड्राफ्ट नियमों में पंजाबी भाषा का उल्लेख न होने पर पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार पंजाबी भाषा को हटाने के किसी भी प्रयास को बर्दाश्त नहीं करेगी।

उन्होंने एक वीडियो साझा करते हुए कहा, "हम सीबीएसई की नई परीक्षा प्रणाली का सख्त विरोध करते हैं, जो पंजाबी को हटाने का प्रयास कर रही है। पंजाब में पंजाबी को मुख्य भाषा का दर्जा दिया जाना चाहिए और इसे पूरे देश में एक क्षेत्रीय भाषा के रूप में मान्यता मिलनी चाहिए, क्योंकि इसे कई राज्यों में बोला और पढ़ा जाता है। पंजाबी भाषा पर कोई हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"

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CBSE ने दी सफाई

सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने स्पष्ट किया कि मौजूदा विषयों की सूची में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, "ड्राफ्ट नीति में दी गई सूची केवल सांकेतिक है। वर्तमान में उपलब्ध सभी विषय पहले की तरह जारी रहेंगे और दोनों चरणों की बोर्ड परीक्षा में शामिल होंगे।"

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2026 से साल में दो बार होगी बोर्ड परीक्षा

25 फरवरी, मंगलवार को सीबीएसई ने कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा साल में दो बार कराने के लिए नए मसौदा नियमों को मंजूरी दी। इस नीति को अंतिम रूप देने से पहले 9 मार्च तक सभी हितधारकों से सुझाव मांगे गए हैं।

सीबीएसई के प्रस्तावित नए नियमों के अनुसार, कक्षा 10वीं के छात्र 2026 से दो बार बोर्ड परीक्षा दे सकेंगे। वे इन दोनों में से किसी एक परीक्षा का भी चयन कर सकते हैं। छात्र चाहें तो दोनों परीक्षाओं में भी शामिल हो सकते हैं।

  • पहला चरण: 17 फरवरी से 6 मार्च के बीच आयोजित होगा।
  • दूसरा चरण: 5 मई से 20 मई के बीच होगा।

छात्रों को मिलेगा विषय छोड़ने का विकल्प

सीबीएसई ने परीक्षा प्रणाली में एक नया बदलाव किया है, जिसके तहत यदि छात्र पहले चरण में अपनी किसी विषय की परफॉर्मेंस से संतुष्ट हैं, तो वे दूसरे चरण में उस विषय की परीक्षा छोड़ सकते हैं।

  • यदि छात्र पहले चरण में कुछ विषयों की परीक्षा देते हैं और अन्य को छोड़ते हैं, तो वे दूसरे चरण में बाकी विषयों की परीक्षा दे सकते हैं।
  • यदि छात्र पहले चरण में सभी विषयों की परीक्षा दे चुके हैं और अपने अंकों में सुधार करना चाहते हैं, तो वे दूसरे चरण में दोबारा परीक्षा दे सकते हैं।
  • सप्लीमेंट्री परीक्षा नहीं होगी, दूसरा चरण सुधार परीक्षा का काम करेगा। जो छात्र अपने अंकों में सुधार करना चाहते हैं, उनके लिए दूसरा चरण ही सप्लीमेंट्री परीक्षा की तरह काम करेगा।


राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत यह सिफारिश की गई थी कि छात्रों को एक शैक्षणिक वर्ष में दो बार बोर्ड परीक्षा देने का अवसर मिलना चाहिए ताकि परीक्षाओं का अत्यधिक दबाव कम किया जा सके।

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