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CBSE Result: सीबीएसई ने कहा- परिणामों में नहीं हुई गिरावट, वर्ष 2019 के मुकाबले इस बार हुई बढ़ोतरी
Sat, 13 May 2023 06:18 AM IST
वीरेंद्र शर्मा
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Sat, 13 May 2023 06:18 AM IST
सार
सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक डॉ. संयम भारद्वाज ने कहा कि वर्ष 2019 के बाद पहला मौका है जब परीक्षा सामान्य तौर पर हुई है। इस कारण अगर तुलना करनी है तो वर्ष 2019 से करनी चाहिए।
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cbse results 2023
- फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार
दसवीं व बारहवीं के रिजल्ट में बीते साल की तरह इस बार भी गिरावट हुई है, लेकिन सीबीएसई इसे गिरावट नहीं मान रहा है। सीबीएसई का कहना है कि इस रिजल्ट की तुलना बीते साल से नहीं की जा सकती।
सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक डॉ. संयम भारद्वाज ने कहा कि वर्ष 2019 के बाद पहला मौका है जब परीक्षा सामान्य तौर पर हुई है। इस कारण अगर तुलना करनी है तो वर्ष 2019 से करनी चाहिए। उस समय के मुकाबले में पास प्रतिशत में गिरावट नहीं बढ़ोतरी हुई है। उस साल 12वीं का पास प्रतिशत 83.40 फीसदी था, जो इस साल बढ़कर 87.33 फीसदी हो गया है। वर्ष 2021 में परीक्षाएं नहीं, रिजल्ट टेबुलेशन पॉलिसी के माध्यम से रिजल्ट जारी किया गया था, उसमें 40:30:30 फॉर्मूले को अपनाया गया। वर्ष 2022 में दो टर्म में 30:70 फीसदी फॉर्मूले से परीक्षा आयोजित की गई।
वहीं, 2020 मेें कुछ विषयों की परीक्षाएं हुई थी। इस बार रिजल्ट अच्छा रहा है। पहले हमने 30-31 मई को रिजल्ट देने का निर्णय लिया था, लेकिन रिजल्ट जल्द तैयार होने से इसे समय से दे दिया गया। इससे हमें अगले साल की परीक्षा की तैयारी के लिए मौका मिलेगा। हमने अभी ही अगले साल की परीक्षा की तिथि घोषित कर दी है। अगले साल बोर्ड की परीक्षाएं 15 फरवरी से ही शुरू होंगी।
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इधर, स्कूल प्राचार्यों का कहना है कि लर्निंग गैप की वजह से रिजल्ट में गिरावट हुई है। माउंट आबू स्कूल की प्राचार्य ज्योति अरोड़ा ने कहा कि कोरोना के कारण बच्चों की पढ़ाई में काफी लर्निंग गैप आया। इसका असर बारहवीं के नतीजों में देखने को मिला। अब जिन बच्चों ने बारहवीं की परीक्षा दी उन्होंने कोरोना के कारण दसवीं बोर्ड नहीं दिया था। एक तरह से पूरी तरह से अभी ही परीक्षाएं हुईं।
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सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक डॉ. संयम भारद्वाज ने कहा कि वर्ष 2019 के बाद पहला मौका है जब परीक्षा सामान्य तौर पर हुई है। इस कारण अगर तुलना करनी है तो वर्ष 2019 से करनी चाहिए। उस समय के मुकाबले में पास प्रतिशत में गिरावट नहीं बढ़ोतरी हुई है। उस साल 12वीं का पास प्रतिशत 83.40 फीसदी था, जो इस साल बढ़कर 87.33 फीसदी हो गया है। वर्ष 2021 में परीक्षाएं नहीं, रिजल्ट टेबुलेशन पॉलिसी के माध्यम से रिजल्ट जारी किया गया था, उसमें 40:30:30 फॉर्मूले को अपनाया गया। वर्ष 2022 में दो टर्म में 30:70 फीसदी फॉर्मूले से परीक्षा आयोजित की गई।
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वहीं, 2020 मेें कुछ विषयों की परीक्षाएं हुई थी। इस बार रिजल्ट अच्छा रहा है। पहले हमने 30-31 मई को रिजल्ट देने का निर्णय लिया था, लेकिन रिजल्ट जल्द तैयार होने से इसे समय से दे दिया गया। इससे हमें अगले साल की परीक्षा की तैयारी के लिए मौका मिलेगा। हमने अभी ही अगले साल की परीक्षा की तिथि घोषित कर दी है। अगले साल बोर्ड की परीक्षाएं 15 फरवरी से ही शुरू होंगी।
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इधर, स्कूल प्राचार्यों का कहना है कि लर्निंग गैप की वजह से रिजल्ट में गिरावट हुई है। माउंट आबू स्कूल की प्राचार्य ज्योति अरोड़ा ने कहा कि कोरोना के कारण बच्चों की पढ़ाई में काफी लर्निंग गैप आया। इसका असर बारहवीं के नतीजों में देखने को मिला। अब जिन बच्चों ने बारहवीं की परीक्षा दी उन्होंने कोरोना के कारण दसवीं बोर्ड नहीं दिया था। एक तरह से पूरी तरह से अभी ही परीक्षाएं हुईं।
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