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CBSE: क्या रद्द हो गई स्कैन कॉपी प्राप्त करने की प्रक्रिया? सीबीएसई ने बताई वायरल नोटिस की सच्चाई

Sat, 23 May 2026 04:37 PM IST
Akash Kumar एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: Akash Kumar Updated Sat, 23 May 2026 04:37 PM IST
सार

CBSE Viral Notice: सीबीएसई ने सोशल मीडिया पर वायरल उस सर्कुलर को लेकर जवाब दिया है, जिसमें री-इवैल्यूएशन और उत्तर पुस्तिका की फोटोकॉपी प्रक्रिया रद्द होने का दावा किया गया था। बोर्ड ने साफ शब्दों में कहा कि यह सर्कुलर फर्जी है और छात्रों को ऐसी अफवाहों पर विश्वास नहीं करना चाहिए।
 

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CBSE Calls Revaluation Cancellation Notice Fake, Urges Students to Trust Official Updates Only
CBSE - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

CBSE: सीबीएसई ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक कथित सर्कुलर को पूरी तरह फर्जी बताया है। इस वायरल सर्कुलर में दावा किया जा रहा था कि बोर्ड ने 2026 परीक्षाओं के लिए उत्तर पुस्तिकाओं की फोटोकॉपी और री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया रद्द कर दी है। हालांकि, सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि यह सूचना पूरी तरह गलत और भ्रामक है।

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सीबीएसई ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर 'फेक न्यूज अलर्ट' जारी करते हुए छात्रों और अभिभावकों को सतर्क रहने की सलाह दी। बोर्ड ने कहा कि एक नकली सर्कुलर सोशल मीडिया पर तेजी से फैलाया जा रहा है, जिसमें यह दावा किया गया है कि तकनीकी समस्याओं के कारण उत्तर पुस्तिका की कॉपी प्राप्त करने और पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया रद्द कर दी गई है।
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बोर्ड ने साफ शब्दों में कहा कि यह सर्कुलर फर्जी है और छात्रों को ऐसी अफवाहों पर विश्वास नहीं करना चाहिए। सीबीएसई ने अपने पोस्ट में लिखा, 'फर्जी खबरों और अफवाहों से सावधान रहें। किसी भी जानकारी की पुष्टि केवल सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से करें।'
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वायरल सर्कुलर में क्या दावा किया गया था?

सोशल मीडिया पर वायरल कथित सर्कुलर में कहा गया था कि ऑनलाइन सिस्टम में तकनीकी दिक्कतों के कारण री-इवैल्यूएशन और फोटोकॉपी प्रक्रिया बंद की जा रही है। इसमें यह भी दावा किया गया था कि छात्रों द्वारा जमा की गई फीस 15 कार्य दिवसों में वापस कर दी जाएगी और मौजूदा अंक ही अंतिम माने जाएंगे।

हालांकि, सीबीएसई ने इस पूरे दस्तावेज को फर्जी करार दिया है। बोर्ड ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट या बोर्ड के सत्यापित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से मिली जानकारी पर ही भरोसा करें।

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