नौकरी में भी भेदभाव! अमीर छात्र को ज्यादा सैलरी, गरीब को कम
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शिक्षा चाहे इंसान की जात-पात या आर्थिक स्थिति न देखती हो लेकिन नौकरी जरूर देखती है। यानी कि भले ही एक गजीब और एक अमीर बच्चा एक ही कॉलेज से एक जैसी ही पढ़ाई क्यों न कर ले लेकिन अमीर को नौकरी में ज्यादा पैकेज मिलता है और गरीब को कम। हाल ही में हुई एक स्टडी में ये बात सामने आई है।
रीचर्स में 1998 से लेकर अब तक कई बच्चों के लोन रिकॉर्ड और टैक्स डाटा जांचे गए। सामने आया कि भले ही पढ़ाई समान स्तर की हो लेकिन जिन बच्चों का आर्थिक बैकग्राउंड मजबूत है वो गरीब बच्चों के मुकाबले 10% ज्यादा कमाते हैं।
हावर्ड यूनिवर्सिटी के इंस्टीट्यूट ऑफ फिस्कल स्टडीज ने ये रीसर्च की। इसमें पाया गया कि स्नातकों की सैलरी कैसे संस्थान, कॉलेज, विषय औऱ घर की कमाई के मुताबिक अलग अलग होती है।
कम सैलरी मिलने के कई हैं पैमाने
यूनीवर्सिटीज यूके की प्रेसिडेंट डेम जूलिया गुडफेलो ने कहा कि अकेले स्नातकों की कमाई से उनकी सफलता को नहीं भांपा जाना चाहिए। ऐसे भी कई बच्चे होते हैं जो अपने ही शहर में नौकरी करना चाहते हैं इसलिए भी उनकी सैलरी में फर्क आता है।
कुछ यूनीवर्सिटीज छात्रों को नर्सिंग, आर्ट्स के सेक्टर में भी ट्रेन करती हैं और नौकरी दिलाती हैं। जाहिर है इन क्षेत्रों में उतना पैसा नहीं है।
पाया गया कि पिछले 10 सालों में सबसे ज्यादा कमाई मेडिकल के बच्चों की थी औऱ उसके बाद ईकोनॉमिक्स के क्षेत्र में नौकरी करने वालों की। क्रिएटिव आर्ट की पढ़ाई कर रहे बच्चों की सबसे कम सैलरी है।
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