SAFALTA Talks : 12वीं के बाद डिजिटल मार्केटिंग की जानकारी ले ली तो आपके लिए नहीं रहेगी नौकरी की कमी : आशीष
विषय : स्टार्टअप एवं आंत्रप्रेन्योरशिप
अतिथि वक्ता : आशीष कुमार अग्रवाल, संस्थापक, फ्रेंचाइजी बताओ
विस्तार
सफलता.कॉम द्वारा स्टार्टअप एवं आंत्रप्रेन्योरशिप विषय पर आयोजित किये गए सफलता टाक मास्टर क्लास सेशन में अतिथि वक्ता आशीष कुमार अग्रवाल ने कहा कि सफलता.कॉम सफलता की निरंतर नई उंचाइयां छू रहा है। बच्चों के जीवन में बदलाव लाने के लिए सफलता कितना कुछ कर रहा है ये देखकर मुझे बहुत अच्छा लगा। आज के समय में किसी युवा के लिए सबसे जरूरी है कौशल विकास करना। सफलता.कॉम के जरिये बच्चों का कौशल विकास हो रहा है। जिसके जरिये युवा MNCs व अलग - अलग कंपनियों में नौकरी हासिल कर रहे हैं।
छोटे से छोटे क्षेत्र में दिख रहा डिजिटलाइजेशन
झारखंड के धनबाद जिले में गोविंदपुर गांव के रहने वाले आशीष कुमार ने कहा मैंने पहली नौकरी अकाउंटेंट के रूप में शुरू की। लेकिन मेरी रुचि सेल्स और मार्केटिंग में थी। जिसके कारण मैंने अपना खुद का बेंचर शुरू किया।
उन्होंने डिजिटल मार्केटिंग के सवाल पर कहा कि सन् 2010 के बाद डिजिटल मार्केटिंग एक अपनी - अलग छाप छोड़ रहा है। आज छोटे से छोटे क्षेत्र में आपको डिजिटलाइजेशन देखने को मिलेगा। आज के दिन अगर आप पान वाले से भी मिलोगे तो उसकी अपनी वेबसाइट होगी और किसी न किसी एप्लीकेशन के जरिये वह ऑनलाइन पान भी सेल कर रहा होगा। जूते, कपड़े या किसी भी व्यवसाय को आप देख लें हर किसी व्यवसाय को डिजिटल ने अधिग्रहण कर लिया है।
सेल्स मार्केटिंग या डिजिटल प्रमोशन में कॅरिअर बनाना चाहते हैं तो डिजिटल मार्केटिंग सीखना जरूरी
ऐसे युवा जो सेल्स में, मार्केटिंग में और डिजिटल प्रमोशन में जाना चाहते हैं और उन्हें डिजिटल मार्केटिंग की नॉलेज नहीं है तो आपको जीवन में आगे बढ़ने के अवसर नहीं मिलेंगे। सबसे जरूरी काम ये है कि आप एमबीए करिये, बीबीए करिये, एमकॉम, बीकॉम करिये पढ़ाई बहुत जरूरी है लेकिन उसके साथ डिजिटल मार्केटिंग का SAFALTA जैसे किसी ब्रांड के साथ कोर्स जरूर करिये। सिर्फ कोर्स करने से कुछ नहीं होता यहां पर आपको प्रैक्टिस करनी होगी।
थ्यौरिटिकल नॉलेज के साथ साथ प्रैक्टिस बहुत जरूरी
क्योंकि कोर्स में आपको थ्यौरिटिकल नॉलेज मिल जाएगी, ज्ञान मिल जाएगा। जैसे आप कोर्स में जान पायेंगे सोशल मीडिया क्या है, ये कैसे काम करता है इसके क्या फायदे हैं लेकिन इन फायदों को लोगों तक पहुंचाने के लिए आपको उसकी रेगुलर प्रैक्टिस करनी पड़ेगी। इस प्रैक्टिस से आपको डिमांड में शामिल होने का मौका मिलेगा। आने वाले समय में अगर 10वीं-12वीं के बाद आपने ग्रेजुएशन या पोस्ट ग्रेजुएशन नहीं भी की है लेकिन आपको डिजिटल मार्केटिंग की जानकारी है तो आपके लिए नौकरी की कहीं कमी नहीं रहेगी।
अपने अंदर की काबिलियत पहचानें युवा
सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर कैसे बनें सवाल पर आशीष ने कहा कि आपके अंदर क्या काबिलियत है ये आपको पहले देखना चाहिए। जैसे मेरे चैनल के साथ ही कुछ अन्य चैनल भी उसी विषय पर कंटेंट बनाने लगे कुछ लोगों के चैनल चल भी गए लेकिन बहुत से फ्लॉप भी हुए। जिनके चैनल चले वो उनकी उस काबिलियत के कारण चले जो वो रिसर्च, एनालिसिस के जरिये अपने कंटेंट में ला रहे थे। अगर आपके अंदर कोई एंटरटेनमेंट वाली क्वालिटी है तो आप उस क्षेत्र में जाएं अगर आपको लगता है आप कोई ट्रेनिंग दे सकते हैं तो उस क्षेत्र में आप जाएं। डिजिटल इंफ्लुएंसर बनने के कई तरीके हैं।
आज लाखों लोगों के इनकम मुख्य स्त्रोत बन चुके हैं यूट्यब इंस्टाग्राम
आज के समय में सोशल मीडिया पर बहुत सारे ऐसे नाम हैं जिन्होंने अपने टैलेंट- सिंगिंग, डांसिंग, एक्टिंग, कमेडी, डॉयलॉग डिलीवरी आदि को दिखाकर बहुत बड़ा नाम कमा लिया है। आज जितने भी बड़े इंफ्लुएंसर हैं उनकी अर्निंग का एक बड़ा हिस्सा उनके चैनल से उन्हें आता है। साथ ही कई ऐसे लोग भी हैं जिनकी इनकम का स्त्रोत ही यूट्यूब या इंस्टाग्राम है। तो आज युवाओं के पास यूट्यूब या इंस्टाग्राम, फेसबुक के जरिये अपना कॅरिअर बनाने का पूरा मौका है।
जिस फील्ड में जाना चाहें उस फील्ड के टॉप 10 लोगों को करें फॉलो
जिस भी फील्ड में आप जाने की सोच रहे हैं उस फील्ड के कम से कम 10 बड़े नामों को लगातार फॉलो करें। आप देखें कि वो किस तरीके का कंटेंट बना रहे हैं, उनके कंटेंट में गैप कितना आ रहा है। वो हफ्ते में कब - कब पोस्ट कर रहे हैं। वो किस तरीके का लाइटिंग, कैमरा यूज कर रहे हैं। साथ ही कंटेंट बनाने के लिए पहले कंटेंट चुनें, फिर उस पर रिसर्च करें, उसको वेरीफाई करें कि ये किस तरह से काम कर रहे हैं। अगर मैं ये कंटेंट किसी यूट्यूब प्लेटफॉर्म या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर डालूंगा तो उसका कोई निगेटिव इंपैक्ट तो नहीं जाएगा। फिर उस कंटेंट की वीडियोग्रॉफी करना और उसके बाद उस कंटेंट की एडिटिंग करना। फिर उसको सही समय पर आपको पोस्ट करना है। समय ऐसा चुनें जिस समय आपको देखने वाले लोग ऑनलाइन रहते हैं। आपके वीडियो को पोस्ट करते समय उसका टाइटल सही तरीके से लिखें, वीडियो का थंबनेल बड़ी बात है उसे सही से लगाएं। आपने चाहे कितना ही अच्छा वीडियो क्यों न बनाया है थंबनेल और टाइटल दो ऐसी चीजें हैं जिसकी वजह से आपका वीडियो बूस्ट भी कर सकता है और आप डाउन भी जा सकते हैं।
वीडियोज के माध्यम से टारगेट ऑडियंस तक पहुंचना है सबसे अच्छा तरीका
वीडियो मार्केटिंग कैसे करें विषय पर आशीष ने कहा कि सबसे आसान तरीका है कि वीडियोज के माध्यम से अपने टारगेट ऑडियंस तक पहुंचना। उन्होंने कहा कि वीडियो देखने वालों को मैं दो श्रेणी में विभाजित करता हूं। एक वो जिन्हें मनोरंजन के लिये रील्स, या वीडियो, मूवी देखना पसंद है। दूसरे वो जिन्हें जरूरत है इसलिये वो कंटेंट देख रहे हैं ताकि उनको उससे फायदा हो। उन्होंने कहा जूते के बारे में गूगल पर वही सर्च करेगा जिसे जूते खरीदने होंगे। उन्होंने कहा कि आपकी टारगेट ऑडियंस आपका इंतजार कर रही है। अगर यूट्यूब, इंस्टाग्राम या फेसबुक पर सही कंटेंट आपने प्रमोट किया तो आपके ग्राहक वहां मौजूद हैं जो आपसे खरीदारी करना चाहते हैं। आप सिर्फ किसी तरीके से एक प्लेटफॉर्म को पूरी तरह समझिये फिर देखिये आपको वहां से सेल मिलेगी। आज मैं ऐसे कई लोगों को जानता हूं जिन्होंने इंस्टाग्राम से एड करके अपनी सेल जीरो से करोड़ों तक पहुंचा ली है।
कमेंट
कमेंट X