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यूजीसी एक्ट में कमीशन सदस्य के छह महीने तक कार्य विस्तार का प्रावधान
ब्यूरो, अमर उजाला/नई दिल्ली
Updated Tue, 03 Oct 2017 06:15 PM IST
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यूजीसी
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यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन के चेयरमैन का पद खाली होने पर वाइस चेयरमैन कामकाज संभाल सकता है। हालांकि चेयरमैन और वाइस चेयरमैन के दोनों ही पद खाली होने पर कमीशन सदस्य को छह महीने तक कार्यकारी चेयरमैन का पदभार संभालने का जिम्मा दिया जा सकता है। लेकिन छह महीने की अवधि के बाद क्या होना चाहिए, इसका यूजीसी एक्ट में कोई प्रावधान नहीं है। इसलिए अब सरकार ने कानून मंत्रालय से इंफोरमल लीगल राय मांगी है।
सूत्रों के मुताबिक, यूजीसी एक्ट के प्रावधान के तहत ही सरकार ने यूजीसी के पूर्व चेयरमैन डॉ. वेदप्रकाश के 3 अप्रैल को रिटायर होने के बाद चार अप्रैल को कमीशन सदस्य डॉ. वीएस चौहान को कार्यकारी चेयरमैन का जिम्मेदारी दी थी। हालांकि चार अक्तूबर को कार्यकारी चेयरमैन डॉ. चौहान का कार्य सीमा समाप्त हो रही है।
इसी के चलते सरकार ने कानून मंत्रालय से इस संबंध में राय मांगी है कि यूजीसी एक्ट में अब कोई प्रावधान नहीं है। ऐसे में डॉ. चौहान को कार्यविस्तार दिया जाए या नहीं। सूत्रों का कहना है कि कानून मंत्रालय इसी हफ्ते तक इस संबंध में अपनी राय दे सकता है। उसी कानूनी राय के आधार पर यूजीसी एक्ट में बदलाव पर भी चर्चा होगी।
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सूत्रों के मुताबिक, यूजीसी एक्ट के प्रावधान के तहत ही सरकार ने यूजीसी के पूर्व चेयरमैन डॉ. वेदप्रकाश के 3 अप्रैल को रिटायर होने के बाद चार अप्रैल को कमीशन सदस्य डॉ. वीएस चौहान को कार्यकारी चेयरमैन का जिम्मेदारी दी थी। हालांकि चार अक्तूबर को कार्यकारी चेयरमैन डॉ. चौहान का कार्य सीमा समाप्त हो रही है।
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इसी के चलते सरकार ने कानून मंत्रालय से इस संबंध में राय मांगी है कि यूजीसी एक्ट में अब कोई प्रावधान नहीं है। ऐसे में डॉ. चौहान को कार्यविस्तार दिया जाए या नहीं। सूत्रों का कहना है कि कानून मंत्रालय इसी हफ्ते तक इस संबंध में अपनी राय दे सकता है। उसी कानूनी राय के आधार पर यूजीसी एक्ट में बदलाव पर भी चर्चा होगी।
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