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Odisha: छात्राओं को STEM और विमानन में करियर बनाने का मौका, धर्मेंद्र प्रधान ने किया कार्यक्रम का उद्घाटन

Sun, 25 Jan 2026 11:27 AM IST
शाहीन परवीन एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: शाहीन परवीन Updated Sun, 25 Jan 2026 11:27 AM IST
सार

Sambalpur Girls: ओडिशा के संबलपुर में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने छात्राओं को STEM और विमानन क्षेत्र में प्रशिक्षण और करियर के अवसर देने वाले कार्यक्रम का उद्घाटन किया। 

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Pradhan inaugurates STEM lab in Odisha’s Sambalpur
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान - फोटो : ANI

विस्तार

STEM Education: केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को ओडिशा के संबलपुर जिले के तीन शैक्षणिक संस्थानों में एक कार्यक्रम का उद्घाटन किया, जिसका उद्देश्य छात्राओं को विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) में कौशल सीखने और विमानन क्षेत्र में नौकरियों के लिए प्रशिक्षण प्राप्त करने में मदद करना है।

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उन्होंने कहा कि अब छात्र ज्ञान और विज्ञान के एकीकरण के माध्यम से अपने सपनों को वास्तविकता में साकार कर सकेंगे। 'बोइंग सुकन्या कार्यक्रम' का उद्देश्य देश के बढ़ते विमानन क्षेत्र में अधिक से अधिक लड़कियों के प्रवेश को प्रोत्साहित करना है।
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केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रधान ने संबलपुर के चंद्रशेखर बेहरा (सीएसबी) जिला विद्यालय सहित तीन स्थानों पर पहले चरण में कार्यक्रम का उद्घाटन किया।

प्रधान ने 'राष्ट्रीय बालिका दिवस' के अवसर पर संबलपुर स्थित सीएसबी जिला विद्यालय के वार्षिक उत्सव 'ज्योतिर्गमय' में भाग लेते हुए कहा, "यह केवल एक विज्ञान प्रयोगशाला नहीं है, बल्कि हमारी बेटियों के लिए आसमान छूने का एक शक्तिशाली साधन है।"

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STEM प्रयोगशालाओं से विमानन करियर को बढ़ावा 

उस संस्थान के अलावा, मंत्री ने रेडखोल के गौरचंद्र हाई स्कूल और कुचिंदा के सरकारी हाई स्कूल में प्रयोगशालाओं का उद्घाटन किया।

प्रधान ने कहा, “यह प्रयोगशाला पायलट बनने के लिए आवश्यक विज्ञान के साथ-साथ एयरोस्पेस संबंधी शिक्षा और प्रशिक्षण प्रदान करेगी। यह पहल हमारे छात्रों, विशेषकर छात्राओं में वैज्ञानिक सोच और नवाचार की एक नई रोशनी जगाएगी।”

मंत्री जी ने कहा कि अगले 10 वर्षों में भारत में विमानों की संख्या बढ़कर 15,000 हो जाएगी। इसके लिए बड़ी संख्या में पायलटों, इंजीनियरों और डिजाइनरों की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा कि ये विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (एसटीईएम) प्रयोगशालाएं आने वाले दिनों में तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होंगी।

विज्ञान और विमानन में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की पहल

बोइंग इंडिया और दक्षिण एशिया के अध्यक्ष सलिल गुप्ते ने कहा कि बोइंग सुकन्या कार्यक्रम इस सोच पर आधारित है कि शिक्षा में समान अवसर मिलने से नवाचार को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने कहा कि यह पहल खास तौर पर छात्राओं को आगे बढ़ने का मौका देने के लिए शुरू की गई है।

यह कार्यक्रम लर्निंग लिंक्स फाउंडेशन (LLF) के साथ मिलकर चलाया जा रहा है, जो भारत में शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में काम करने वाला एक गैर-लाभकारी संगठन है। एलएलएफ की अध्यक्ष डॉ. अंजली प्रकाश ने कहा कि ये प्रयोगशालाएं छात्रों को सवाल पूछने, नई चीजें सीखने और नवाचार करने के लिए प्रेरित करती हैं। साथ ही इससे शिक्षकों की क्षमता और स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था भी मजबूत होती है।

डॉ. अंजली प्रकाश ने बताया कि इस पहल का मकसद ज्यादा से ज्यादा छात्रों, खासकर लड़कियों, को विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित यानी STEM के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए तैयार करना है।

यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2024 में शुरू की गई पहल का हिस्सा है, जिसके तहत बोइंग और एलएलएफ देशभर के सरकारी स्कूलों में STEM प्रयोगशालाएं स्थापित कर रहे हैं। इसके साथ ही छात्राओं को पायलट बनने के सपने को पूरा करने के लिए छात्रवृत्ति भी दी जा रही है, ताकि भारत के विमानन क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई जा सके।

बोइंग सुकन्या कार्यक्रम से शिक्षा में समानता पर जोर

STEM प्रयोगशालाओं में बच्चों के लिए सीखने वाले किट, डिजिटल उपकरण और व्यावहारिक मॉड्यूल उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि वे विज्ञान, विमानन और एयरो मॉडलिंग को किताबों से नहीं, बल्कि करके सीख सकें। कक्षा 6 से 10 तक के छात्र गतिविधि आधारित पढ़ाई, कार्यशालाओं और खोजबीन वाले सत्रों में हिस्सा लेंगे। इससे उन्हें विषयों की बेहतर समझ मिलेगी और वे राज्य व राष्ट्रीय स्तर की STEM और विमानन प्रतियोगिताओं में भी भाग ले सकेंगे।

बोइंग इंडिया और दक्षिण एशिया के अध्यक्ष सलिल गुप्ते ने कहा कि बोइंग सुकन्या कार्यक्रम इस सोच पर आधारित है कि जब सभी को शिक्षा के समान अवसर मिलते हैं, तो नए विचार और नवाचार आगे बढ़ते हैं।

यह कार्यक्रम लर्निंग लिंक्स फाउंडेशन (LLF) के साथ मिलकर चलाया जा रहा है, जो शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में काम करने वाला एक गैर-लाभकारी संगठन है और बोइंग ग्लोबल एंगेजमेंट का साझेदार भी है।

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