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इस नौकरी में मिलते हैं हर घंटे के लाखों रुपए
एजुकेशन डेस्क/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 20 Oct 2014 01:37 PM IST
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नए जमाने में परफॉर्मिंग आर्ट्स का महत्व सिर्फ मनोरंजन तक ही सीमित नहीं है, बल्कि कैरियर निर्माण के दृष्टिकोण से भी इसके महत्व में कई गुना बढ़ोतरी हुई है।
परफॉर्मिंग आर्ट्स से संबंधित कैरियर सिर्फ सामान्य जॉब मात्र नहीं होता है, बल्कि प्रतिभावान अभ्यर्थी अपनी बेहतर परफॉर्मेंस के बल पर सेलिब्रिटी भी बन सकते हैं। गायन, नृत्य या अभिनय के अलावा एंकरिंग, मॉडलिंग आदि नए जमाने में और भी कई विकल्प हैं, जिनके माध्यम से परफॉर्मिंग आर्ट्स के तहत कैरियर की रूपरेखा निर्धारित की जा सकती है। अब यह आप पर निर्भर करता है कि आप किस विकल्प का चयन करते हैं।
रेडियो जॉकी
नए रूप में श्रोताओं के बीच रेडियो की लोकप्रियता में भी जबरदस्त ढंग से इजाफा हुआ। ऐसे में इससे संबंधित रोजगार के अवसरों में भी बढ़ोतरी हुई। रेडियो जॉकी यानी आरजे भी उन्हीं में से एक है। रेडियो जॉकी को शॉर्ट में आरजे भी कहा जाता है, जिसके पास किसी रेडियो प्रोग्राम के संचालन की मुख्य जिम्मेदारी होती है। रेडियो स्टेशनों की बढ़ती संख्या के साथ-साथ प्रतिभावान आरजे की भी आज काफी मांग है और उनकी स्थिति सेलिब्रिटी से कम नहीं है। किसी प्रोग्राम की प्रकृति के अनुसार ही रेडियो जॉकी को अपनी बात कहनी पड़ती है। इसके अलावा श्रोताओं की रुचि का भी खास तौर पर ध्यान रखना होता है। इस क्षेत्र में सफल होने के लिए जरूरी है कि अपनी बातचीत से आप श्रोताओं को बांधने में सक्षम हों। बोलने की कला के अलावा आपको करंट अफेयर्स पर भी नजर रखनी होगी, क्योंकि अक्सर प्रोग्राम के दौरान ऐसी घटनाओं की चर्चा होती है। विभिन्न संस्थानों में इससे संबंधित कोर्स उपलब्ध हैं।
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एकेडमी ऑफ ब्रॉडकास्टिंग, चंडीगढ़
www.aofb.in
जेवियर इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशन, मुंबई
www.xaviercomm.org
म्यूजिक (गायन/वाद्य)
बेहतर ट्रेनिंग और संगीत के प्रति समर्पित होकर ही इस क्षेत्र में मंजिल पर पहुंचा जा सकता है। इस क्षेत्र में न सिर्फ गायन, बल्कि वादन में भी अपार संभावनाएं मौजूद हैं। विभिन्न रागों तथा संगीत से संबंधित अन्य बारीकियों की जितनी गहरी समझ आपमें होगी, आपकी सफलता की संभावना उतनी ही बढ़ जाएगी। विभिन्न संस्थानों तथा विश्वविद्यालय में म्यूजिक से संबंधित पाठ्यक्रम हैं, जिसके तहत सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन, एमफिल और पीएचडी स्तर के कोर्सेज में दाखिला लिया जा सकता है। लाइव शो से लेकर फिल्मों, एलबमों और विज्ञापनों में म्यूजिक प्रोफेशनल्स के लिए तमाम मौके हैं। टीचिंग के रूप में आप इस क्षेत्र में रेगुलर जॉब प्राप्त कर सकते हैं। इस फील्ड में जितना आपका नाम होगा, उतना ही आपकी आमदनी भी बढ़ती जाएगी।
दिल्ली यूनिवर्सिटी, दिल्ली
www.du.ac.in/
रबींद्र भारती यूनिवर्सिटी, कोलकाता
www.rbu.ac.in
डिस्क जॉकी (डीजे)
आज के युवाओं में न सिर्फ म्यूजिक सुनने का शौक है, बल्कि म्यूजिक की धुन पर थिरकना भी उन्हें बेहद पसंद है। म्यूजिक की धुन पर लोगों को थिरकने के लिए मजबूर कर देना ही डिस्क जॉकी यानी डीजे का काम है। ऐसे प्रोफेशनल्स को तरह-तरह के म्यूजिक की समझ होती है, जिनको अपनी क्रिएटिविटी के आधार पर जरूरत के अनुसार रीमिक्स किया जाता है। निरंतर बजते म्यूजिक के बीच डीजे बीच-बीच में अपने कमेंट्स देता रहता है, ताकि लोग ऊर्जावान बने रहें। डिस्कोथेक, इवेंट्स, पार्टी आदि में दर्शकों और श्रोताओं के मनोरंजन के लिए डीजे की जरूतर होती है। साउंड इंजीनियरिंग की डिग्री डिस्क जॉकी के लिए फायदेमंद है।
स्पिन गुरु डीजे ऐंड रीमिक्सिंग एकेडमी, नई दिल्ली
www.spingurus.com
डीजे ट्रेनिंग एकेडमी, अहमदाबाद
www.djdevmani.com
मॉडलिंग
विज्ञापनों की दुनिया के विस्तार का ही परिणाम है कि आज मॉडलिंग से संबंधित अनेक अवसर उपलब्ध होने लगे हैं और परफॉर्मिंग आर्ट्स का यह एक महत्वपूर्ण कैरियर विकल्प बन गया है। इस क्षेत्र में प्रिंट मीडिया से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया तक अवसर कई रूपों में मिलते हैं। इसके अलावा कैटलॉग, पैकेजिंग आदि के लिए भी मॉडलों की जरूरत बनी रहती है। रैंप मॉडलिंग भी एक विकल्प है। फैशन शो के लिए ऐसे मॉडलों की आवश्यकता बनी रहती है। इस क्षेत्र में सफलता के लिए आपके लुक के अलावा आपकी पर्सनैलिटी का भी काफी महत्व होता है। वैसे आज हर तरह के शारीरिक बनावट और हर उम्र वाले अभ्यर्थियों के लिए मॉडलिंग के अवसर उपलब्ध हैं। कम्युनिकेशन स्किल के अलावा फिटनेस पर भी ध्यान देना जरूरी है। किसी संस्थान से संबंधित कोर्स करने के बाद अपना पोर्टफोलियो बनवाकर मॉडलिंग एजेंसीज और संबंधित संस्थानों से संपर्क बनाना जरूरी है।
एलीट स्कूल ऑफ मॉडलिंग, नई दिल्ली
www.elitemodelsindia.com
दि मेहर भसीन अकादमी, नई दिल्ली
www.meharbhasin.com
एंकरिंग
कैमरे या श्रोताओं के सामने बोलने में यदि आपको कोई हिचक नहीं होती है, तो एंकरिंग की दुनिया में आपका स्वागत है। व्यक्तित्व आकर्षक हो, हिंदी और अंग्रेजी भाषा पर पकड़ हो, तो इस क्षेत्र में सफलता की मंजिल पर पहुंचा जा सकता है। चैनल के प्रकृति के अनुरूप आपका सामान्य ज्ञान भी दुरुस्त होना चाहिए। टेलीविजन की दुनिया में हुए बूम से एंकरिंग नए जमाने का खास कैरियर विकल्प बन गया है। न्यूज चैनल से लेकर एंटरटेंमेंट चैनलों तक में एंकरों की नियुक्ति होती है। विभिन्न आयोजनों में लाइव परफॉर्मेंस के तहत भी एंकर को अवसर मिलते हैं। विभिन्न संस्थानों से इस बाबत ट्रेनिंग ली जा सकती है।
0 भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली
www.bvbdelhi.org
0 जीसस ऐंड मेरी कॉलेज, नई दिल्ली
www.jmcdelhi.com
एक्टिंग
सभी भाषाओं को मिला दें, तो अपने देश में हॉलीवुड के बाद सबसे ज्यादा फिल्में बनती हैं। इसके अलावा पिछले दो दशकों में चैनलों के मामले में भी काफी विस्तार हुआ है और इनकी संख्या निरंतर बढ़ती ही जा रही है। इसके अलावा कारोबारी प्रतिस्पर्धा के कारण विज्ञापनों के निर्माण का दायरा भी बढ़ता ही जा रहा है। थियेटर का स्वरूप भी अब पहले के मुकाबले काफी बड़ा हो गया है। ऐसे अनुकूल माहौल में एक्टिंग के क्षेत्र में आज जॉब के अवसर कई गुना बढ़ गए हैं। किसी भी रोल को खुद में ढाल लेने की क्षमता यदि आपमें हो, तो आप इस ओर कदम बढ़ा सकते हैं। साथ ही लंबे समय तक संघर्ष करने का हौसला भी आपमें होनी चाहिए। एक्टिंग की ट्रेनिंग से फायदा होता है। अपनी फिटनेस और कम्युनिकेशन स्किल पर खास ध्यान दें। विभिन्न संस्थानों में इससे संबंधित कोर्स उपलब्ध हैं, जिनमें दाखिले के लिए योग्यता कोर्स और संस्थानों की प्रकृति के अनुसार 10वीं, 12वीं अथवा ग्रेजुएशन हो सकती है।
नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा, नई दिल्ली
www.nsd.gov.in
फिल्म ऐंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, पुणे
www.ftiindia.com
डांस/कोरियोग्राफी
परंपरागत नृत्य शैली की ट्रेनिंग किसी संस्थान या घराने की मदद से ली जा सकती है, जबकि विभिन्न संस्थानों में बीएफए (डांस), एमएफए (डांस), पीएचडी इन डांस आदि पाठ्यक्रमों में भी दाखिला लिया जा सकता है। 12वीं के बाद ग्रेजुएशन में एडमिशन लेकर शुरुआत की जा सकती है। यह एक ऐसा क्षेत्र है, जहां एक ओर क्लासिकल डांस के रूप में मौके मिलते हैं, वहीं फिल्मों, चैनलों और विज्ञापनों में कोरियोग्राफर अथवा डांस डायरेक्टर के रूप में खुद को स्थापित किया जा सकता है। फ्यूजन डांस सिखाने के लिए आजकल कई संस्थान खुल चुके हैं, जहां विश्व की विभिन्न नृत्य शैलियों को सीखकर कोरियोग्राफी में कदम बढ़ाए जा सकते हैं।
संगीत अकादमी, दिल्ली
www.sangeetnatak.gov.in
दिल्ली डांस एकेडमी, गुड़गांव
www.delhidanceacademy.i
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परफॉर्मिंग आर्ट्स से संबंधित कैरियर सिर्फ सामान्य जॉब मात्र नहीं होता है, बल्कि प्रतिभावान अभ्यर्थी अपनी बेहतर परफॉर्मेंस के बल पर सेलिब्रिटी भी बन सकते हैं। गायन, नृत्य या अभिनय के अलावा एंकरिंग, मॉडलिंग आदि नए जमाने में और भी कई विकल्प हैं, जिनके माध्यम से परफॉर्मिंग आर्ट्स के तहत कैरियर की रूपरेखा निर्धारित की जा सकती है। अब यह आप पर निर्भर करता है कि आप किस विकल्प का चयन करते हैं।
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रेडियो जॉकी
नए रूप में श्रोताओं के बीच रेडियो की लोकप्रियता में भी जबरदस्त ढंग से इजाफा हुआ। ऐसे में इससे संबंधित रोजगार के अवसरों में भी बढ़ोतरी हुई। रेडियो जॉकी यानी आरजे भी उन्हीं में से एक है। रेडियो जॉकी को शॉर्ट में आरजे भी कहा जाता है, जिसके पास किसी रेडियो प्रोग्राम के संचालन की मुख्य जिम्मेदारी होती है। रेडियो स्टेशनों की बढ़ती संख्या के साथ-साथ प्रतिभावान आरजे की भी आज काफी मांग है और उनकी स्थिति सेलिब्रिटी से कम नहीं है। किसी प्रोग्राम की प्रकृति के अनुसार ही रेडियो जॉकी को अपनी बात कहनी पड़ती है। इसके अलावा श्रोताओं की रुचि का भी खास तौर पर ध्यान रखना होता है। इस क्षेत्र में सफल होने के लिए जरूरी है कि अपनी बातचीत से आप श्रोताओं को बांधने में सक्षम हों। बोलने की कला के अलावा आपको करंट अफेयर्स पर भी नजर रखनी होगी, क्योंकि अक्सर प्रोग्राम के दौरान ऐसी घटनाओं की चर्चा होती है। विभिन्न संस्थानों में इससे संबंधित कोर्स उपलब्ध हैं।
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एकेडमी ऑफ ब्रॉडकास्टिंग, चंडीगढ़
www.aofb.in
जेवियर इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशन, मुंबई
www.xaviercomm.org
म्यूजिक (गायन/वाद्य)
बेहतर ट्रेनिंग और संगीत के प्रति समर्पित होकर ही इस क्षेत्र में मंजिल पर पहुंचा जा सकता है। इस क्षेत्र में न सिर्फ गायन, बल्कि वादन में भी अपार संभावनाएं मौजूद हैं। विभिन्न रागों तथा संगीत से संबंधित अन्य बारीकियों की जितनी गहरी समझ आपमें होगी, आपकी सफलता की संभावना उतनी ही बढ़ जाएगी। विभिन्न संस्थानों तथा विश्वविद्यालय में म्यूजिक से संबंधित पाठ्यक्रम हैं, जिसके तहत सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन, एमफिल और पीएचडी स्तर के कोर्सेज में दाखिला लिया जा सकता है। लाइव शो से लेकर फिल्मों, एलबमों और विज्ञापनों में म्यूजिक प्रोफेशनल्स के लिए तमाम मौके हैं। टीचिंग के रूप में आप इस क्षेत्र में रेगुलर जॉब प्राप्त कर सकते हैं। इस फील्ड में जितना आपका नाम होगा, उतना ही आपकी आमदनी भी बढ़ती जाएगी।
दिल्ली यूनिवर्सिटी, दिल्ली
www.du.ac.in/
रबींद्र भारती यूनिवर्सिटी, कोलकाता
www.rbu.ac.in
डिस्क जॉकी (डीजे)
आज के युवाओं में न सिर्फ म्यूजिक सुनने का शौक है, बल्कि म्यूजिक की धुन पर थिरकना भी उन्हें बेहद पसंद है। म्यूजिक की धुन पर लोगों को थिरकने के लिए मजबूर कर देना ही डिस्क जॉकी यानी डीजे का काम है। ऐसे प्रोफेशनल्स को तरह-तरह के म्यूजिक की समझ होती है, जिनको अपनी क्रिएटिविटी के आधार पर जरूरत के अनुसार रीमिक्स किया जाता है। निरंतर बजते म्यूजिक के बीच डीजे बीच-बीच में अपने कमेंट्स देता रहता है, ताकि लोग ऊर्जावान बने रहें। डिस्कोथेक, इवेंट्स, पार्टी आदि में दर्शकों और श्रोताओं के मनोरंजन के लिए डीजे की जरूतर होती है। साउंड इंजीनियरिंग की डिग्री डिस्क जॉकी के लिए फायदेमंद है।
स्पिन गुरु डीजे ऐंड रीमिक्सिंग एकेडमी, नई दिल्ली
www.spingurus.com
डीजे ट्रेनिंग एकेडमी, अहमदाबाद
www.djdevmani.com
मॉडलिंग
विज्ञापनों की दुनिया के विस्तार का ही परिणाम है कि आज मॉडलिंग से संबंधित अनेक अवसर उपलब्ध होने लगे हैं और परफॉर्मिंग आर्ट्स का यह एक महत्वपूर्ण कैरियर विकल्प बन गया है। इस क्षेत्र में प्रिंट मीडिया से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया तक अवसर कई रूपों में मिलते हैं। इसके अलावा कैटलॉग, पैकेजिंग आदि के लिए भी मॉडलों की जरूरत बनी रहती है। रैंप मॉडलिंग भी एक विकल्प है। फैशन शो के लिए ऐसे मॉडलों की आवश्यकता बनी रहती है। इस क्षेत्र में सफलता के लिए आपके लुक के अलावा आपकी पर्सनैलिटी का भी काफी महत्व होता है। वैसे आज हर तरह के शारीरिक बनावट और हर उम्र वाले अभ्यर्थियों के लिए मॉडलिंग के अवसर उपलब्ध हैं। कम्युनिकेशन स्किल के अलावा फिटनेस पर भी ध्यान देना जरूरी है। किसी संस्थान से संबंधित कोर्स करने के बाद अपना पोर्टफोलियो बनवाकर मॉडलिंग एजेंसीज और संबंधित संस्थानों से संपर्क बनाना जरूरी है।
एलीट स्कूल ऑफ मॉडलिंग, नई दिल्ली
www.elitemodelsindia.com
दि मेहर भसीन अकादमी, नई दिल्ली
www.meharbhasin.com
एंकरिंग
कैमरे या श्रोताओं के सामने बोलने में यदि आपको कोई हिचक नहीं होती है, तो एंकरिंग की दुनिया में आपका स्वागत है। व्यक्तित्व आकर्षक हो, हिंदी और अंग्रेजी भाषा पर पकड़ हो, तो इस क्षेत्र में सफलता की मंजिल पर पहुंचा जा सकता है। चैनल के प्रकृति के अनुरूप आपका सामान्य ज्ञान भी दुरुस्त होना चाहिए। टेलीविजन की दुनिया में हुए बूम से एंकरिंग नए जमाने का खास कैरियर विकल्प बन गया है। न्यूज चैनल से लेकर एंटरटेंमेंट चैनलों तक में एंकरों की नियुक्ति होती है। विभिन्न आयोजनों में लाइव परफॉर्मेंस के तहत भी एंकर को अवसर मिलते हैं। विभिन्न संस्थानों से इस बाबत ट्रेनिंग ली जा सकती है।
0 भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली
www.bvbdelhi.org
0 जीसस ऐंड मेरी कॉलेज, नई दिल्ली
www.jmcdelhi.com
एक्टिंग
सभी भाषाओं को मिला दें, तो अपने देश में हॉलीवुड के बाद सबसे ज्यादा फिल्में बनती हैं। इसके अलावा पिछले दो दशकों में चैनलों के मामले में भी काफी विस्तार हुआ है और इनकी संख्या निरंतर बढ़ती ही जा रही है। इसके अलावा कारोबारी प्रतिस्पर्धा के कारण विज्ञापनों के निर्माण का दायरा भी बढ़ता ही जा रहा है। थियेटर का स्वरूप भी अब पहले के मुकाबले काफी बड़ा हो गया है। ऐसे अनुकूल माहौल में एक्टिंग के क्षेत्र में आज जॉब के अवसर कई गुना बढ़ गए हैं। किसी भी रोल को खुद में ढाल लेने की क्षमता यदि आपमें हो, तो आप इस ओर कदम बढ़ा सकते हैं। साथ ही लंबे समय तक संघर्ष करने का हौसला भी आपमें होनी चाहिए। एक्टिंग की ट्रेनिंग से फायदा होता है। अपनी फिटनेस और कम्युनिकेशन स्किल पर खास ध्यान दें। विभिन्न संस्थानों में इससे संबंधित कोर्स उपलब्ध हैं, जिनमें दाखिले के लिए योग्यता कोर्स और संस्थानों की प्रकृति के अनुसार 10वीं, 12वीं अथवा ग्रेजुएशन हो सकती है।
नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा, नई दिल्ली
www.nsd.gov.in
फिल्म ऐंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, पुणे
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डांस/कोरियोग्राफी
परंपरागत नृत्य शैली की ट्रेनिंग किसी संस्थान या घराने की मदद से ली जा सकती है, जबकि विभिन्न संस्थानों में बीएफए (डांस), एमएफए (डांस), पीएचडी इन डांस आदि पाठ्यक्रमों में भी दाखिला लिया जा सकता है। 12वीं के बाद ग्रेजुएशन में एडमिशन लेकर शुरुआत की जा सकती है। यह एक ऐसा क्षेत्र है, जहां एक ओर क्लासिकल डांस के रूप में मौके मिलते हैं, वहीं फिल्मों, चैनलों और विज्ञापनों में कोरियोग्राफर अथवा डांस डायरेक्टर के रूप में खुद को स्थापित किया जा सकता है। फ्यूजन डांस सिखाने के लिए आजकल कई संस्थान खुल चुके हैं, जहां विश्व की विभिन्न नृत्य शैलियों को सीखकर कोरियोग्राफी में कदम बढ़ाए जा सकते हैं।
संगीत अकादमी, दिल्ली
www.sangeetnatak.gov.in
दिल्ली डांस एकेडमी, गुड़गांव
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