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20 भाषाओं में होगी राष्ट्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा, जल्द जारी होगी नई अधिसूचना

Tue, 19 Jun 2018 04:52 PM IST
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Updated Tue, 19 Jun 2018 04:52 PM IST
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National Teacher Eligibility Test will be organized in 20 Indian languages
राष्ट्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटेट) 20 भारतीय भाषाओं में आयोजित कराई जाएगी। मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) ने भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देने के लिए सीबीएसई को सीटेट में इन्हें शामिल करने का निर्देश दिया है। 
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सीबीएसई अब सीटेट आयोजित करने के लिए नई अधिूसचना जारी करेगा। सीबीएसई ने पिछले हफ्ते दिल्ली हाईकोर्ट के चार महीने के अंदर परीक्षा आयोजित करने के निर्देश पर 16 सितंबर को परीक्षा कराने की अधिसूचना जारी की थी।
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एमएचआरडी मंत्री प्रकाश जावड़ेकर के मुताबिक, भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देने के मकसद से सीटेट में 20 भारतीय भाषाएं (असमी, तेलुगू, बांग्ला, गुजराती, मणिपुरी, मिजो, ओडिशी, उर्दू, पंजाबी, तमिल, मलयालम, हिंदी, अंग्रेजी, मराठी, संस्कृत आदि) को शामिल करने का फैसला किया गया है। 
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उधर, सीटेट में 20 भारतीय भाषाओं को शामिल करने के निर्देश के चलते अब सीबीएसई को परीक्षा की तैयारी के लिए और समय चाहिए। दिल्ली हाईकोर्ट ने चार महीने में इसके आयोजन का निर्देश दिया था। 16 सितंबर को प्रस्तावित सीटेट में हिंदी, इंग्लिश व संस्कृत भाषा को रखा गया था। 

ऐसे में उम्मीद है कि सीबीएसई दोबारा हाईकोर्ट जाकर 20 भाषाओं में परीक्षा की तैयारी की बात कहकर समय बढ़ाने की मांग कर सकता है।

बता दें कि 2016 के बाद से सीबीएसई ने सीटेट का आयोजन नहीं किया है। इसी के चलते देशभर में हजारों बीएड व एमएड डिग्रीधारक सरकारी स्कूलों में शिक्षक पद के लिए आवेदन नहीं कर सकते, क्योंकि सीटेट अनिवार्य है।

कनिमोझी के सीटेट पर गरमाई थी राजनीति 
द्रमुक सांसद एमके कनिमोझी ने एक ट्वीट कर सीटैट को लेकर अपनी नाराजगी जताई थी। कनिमोझाी का कहना था कि सीटेट में तमिल समेत 16 भाषाओं को बाहर करने का फैसला बिल्कुल गलत है। जिन छात्रों की मातृभाषा तमिल है, उन्हें अच्छा शिक्षक नहीं मिल पाएगा। छात्रों को अपनी मातृभाषा की बजाय जबरदस्ती संस्कृत व हिंदी पढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। 

भाजपा हिंदू-हिंदू-हिंदुस्तान बनाना चाहती है। कनिमोझी के ट्वीट पर जावडेकर का कहना था कि मंत्रालय ने पिछले हफ्ते बैठक के बाद सीबीएसई को रविवार को निर्देश दे दिया था कि सीटेट 20 भारतीय भाषाओं में आयोजित की जाए।
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