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एमफिल कराने के साथ ही पीएचडी कराएगा JNU
एजुकेशन डेस्क/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 05 Nov 2014 09:23 AM IST
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जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय नए शैक्षणिक सत्र 2015-16 में विज्ञान विभाग में छह साल का इंटीग्रेटेड पीएचडी कोर्स शुरू करने जा रहा है। इस नए प्रोग्राम में छात्र एमएससी में दाखिला लेंगे, लेकिन छह सालों के बाद सीधे पीएचडी करके निकलेंगे।
खास बात यह है कि छात्रों को इस प्रोग्राम के तहत अब एमफिल अलग से नहीं करनी पड़ेगी। कुलपति प्रो. एसके सोपोरी के मुताबिक, इसके साथ ही छात्रों को मीडिया स्टडीज में भी पीएचडी करने का मौका मिलेगा। इसके सहित पीएचडी में तीन नए प्रोग्राम शुरू करने के लिए जेएनयू की एग्जीक्यूटिव काउंसिल ने हरी झंडी दे दी है।
सबसे खास बात यह है कि विज्ञान विभाग नए सत्र में छह साल का इंटीग्रेटेड कोर्स शुरू करने जा रहा है। इस नए प्रोग्राम में छात्र एमएससी में दाखिला लेगा, लेकिन छह सालों के बाद पीएचडी की डिग्री पा सकेगा। एमएससी प्रोग्राम दो साल का ही होगा लेकिन पीएचडी चार साल में करनी होगी। जबकि उसे अलग से एमफिल नहीं करना पड़ेगा।
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कुलपति के मुताबिक, जेएनयू में बीए के साथ ही एमए इंटीग्रेटेड कोर्स पढ़ाए जाते हैं। भाषायी बीए कोर्स में दाखिले के लिए छात्रों को प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण करनी होती है, लेकिन अगर छात्र इसी कोर्स में आगे एमए करना चाहें तो उसे प्रवेश परीक्षा नहीं देनी होगी।
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खास बात यह है कि छात्रों को इस प्रोग्राम के तहत अब एमफिल अलग से नहीं करनी पड़ेगी। कुलपति प्रो. एसके सोपोरी के मुताबिक, इसके साथ ही छात्रों को मीडिया स्टडीज में भी पीएचडी करने का मौका मिलेगा। इसके सहित पीएचडी में तीन नए प्रोग्राम शुरू करने के लिए जेएनयू की एग्जीक्यूटिव काउंसिल ने हरी झंडी दे दी है।
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सबसे खास बात यह है कि विज्ञान विभाग नए सत्र में छह साल का इंटीग्रेटेड कोर्स शुरू करने जा रहा है। इस नए प्रोग्राम में छात्र एमएससी में दाखिला लेगा, लेकिन छह सालों के बाद पीएचडी की डिग्री पा सकेगा। एमएससी प्रोग्राम दो साल का ही होगा लेकिन पीएचडी चार साल में करनी होगी। जबकि उसे अलग से एमफिल नहीं करना पड़ेगा।
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कुलपति के मुताबिक, जेएनयू में बीए के साथ ही एमए इंटीग्रेटेड कोर्स पढ़ाए जाते हैं। भाषायी बीए कोर्स में दाखिले के लिए छात्रों को प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण करनी होती है, लेकिन अगर छात्र इसी कोर्स में आगे एमए करना चाहें तो उसे प्रवेश परीक्षा नहीं देनी होगी।
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