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किराये के कमरे में पढ़ी किसान की बेटी अंजली कैसे बनीं यूपी बोर्ड की टॉपर, खुद खोले सीक्रेट

Sun, 29 Apr 2018 05:45 PM IST
अनूप ओझा, अमर उजाला
अनूप ओझा, अमर उजाला Updated Sun, 29 Apr 2018 05:45 PM IST
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interview of up board 10th class topper anjali verma

प्रतिदिन कॉलेज जाना, हर क्लास करना और कक्षा में पढ़ाए गए विषयों को घर पर लिखकर अच्छी तरह दोहरा लेना। सफलता के इन्हीं तीन मूल मंत्रों के बल पर बृज बिहारी इंटर कॉलेज शिवकुटी की छात्रा अंजली वर्मा ने रविवार को माध्यमिक शिक्षा परिषद हाईस्कूल की परीक्षा में यूपी टॉप किया।



बिना कोचिंग किए किसान की इस बेटी ने अपनी मेधा से सूबे में जहां बेटियों की बुलंदी का झंडा गाड़ा, वहीं यह भी साबित कर दिया कि मेहनत और लगन के साथ प्रयास किया जाए तो लक्ष्य तय करने में गरीबी, आर्थिक तंगी राह का रोड़ा नहीं बन सकती। अंजली का कहना है कि आने वाले समय में वह इंजीनियर बनकर नए-नए आविष्कार करेंगी।

interview of up board 10th class topper anjali verma

अंबेडकर नगर जिले के इयाकी सूबेदार का पूरा गांव निवासी किसान आशाराम वर्मा की बेटी अंजली ने सपने में भी नहीं सोचा था कि वह कभी यूपी टॉप करेगी। अमर उजाला से बातचीत में अंजली ने इस मुकाम तक पहुंचने में घर से स्कूल तक के माहौल और पढ़ाई की अपनी रणनीति तक के अनुभवों को साझा किया। पढ़ाई के लिए ही माता-पिता ने गांव से दूर इलाहाबाद भेज दिया।

इविवि से स्नातक कर रही बड़ी बहन दीक्षा के साथ सलोरी में किराये के कमरे में रहकर पढ़ाई करने वाली अंजली इस कामयाबी का श्रेय माता, पिता , बहन, भाई और अपने शिक्षकों को देती हैं। उन्होंने बताया कि स्कूल की पढ़ाई ही उनके काम आई। माता-पिता जिस भरोसे के साथ पेट काटकर पढ़ाई के लिए उसे प्रोत्साहित करते रहे, उस भरोसे को हमेशा जीतने की चिंता करती रही। रोज चार बजे उठना और छह से सात घंटे पढ़ाई करना उसका नियम था।

interview of up board 10th class topper anjali verma
कॉलेज में कोई भी कक्षा खाली नहीं रहती थी। उन्होंने भी रोज कॉलेज आने के साथ ही कोई कक्षा छोड़ी नहीं। कक्षा में पढ़ाए जाने वाले विषयों के नोट बनाकर घर पर नियमित दोहराती रही। उनका कहना है कि कोई भी छात्र-छात्रा अगर नियमित रूप से क्लास करें औरकक्षा में पढ़ाए जाने वाले विषयों का रिवीजन करते रहें तो सफलता जरूर हासिल होगी।

अंजली की सफलता के सूत्र
-टाइम टेबल बनाकर हर विषय को समान रूप से बांट कर अध्ययन
-5-7 घंटे तक नियमित पढ़ाई
-रोज कॉलेज जाना, कोई क्लास नहीं छोड़ना। कक्षा में पढ़ाए गए विषयों का नोट बनाकर याद करना।

 
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गेंदा-गुलाब की मालाओं से लदा अंजली का गला, कॉलेज में उत्सव
परीक्षा परिणाम को लेकर अंजली की की नींद उड़ी हुई थी। रविवार की दोपहर स्कूल की प्रिंसिपल रजनी शर्मा ने जब उसे यूपी में टॉप करने की जानकारी दी, तो उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। कुछ देर में ही अंजलि को बधाई देने वाले शिक्षिक-शिक्षिकाओं, शुभेच्छुओं और छात्र-छात्राओं का तांता लग गया। गेंदा-गुलाब की मालाओं से गला लद गया। स्कूल परिसर में प्रबंधक रणजीत सिंह बैंड बाजा बजवाने लगे। कॉलेज में उत्सव का माहौल बन गया।
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