प्रतिदिन कॉलेज जाना, हर क्लास करना और कक्षा में पढ़ाए गए विषयों को घर पर लिखकर अच्छी तरह दोहरा लेना। सफलता के इन्हीं तीन मूल मंत्रों के बल पर बृज बिहारी इंटर कॉलेज शिवकुटी की छात्रा अंजली वर्मा ने रविवार को माध्यमिक शिक्षा परिषद हाईस्कूल की परीक्षा में यूपी टॉप किया।
किराये के कमरे में पढ़ी किसान की बेटी अंजली कैसे बनीं यूपी बोर्ड की टॉपर, खुद खोले सीक्रेट
अंबेडकर नगर जिले के इयाकी सूबेदार का पूरा गांव निवासी किसान आशाराम वर्मा की बेटी अंजली ने सपने में भी नहीं सोचा था कि वह कभी यूपी टॉप करेगी। अमर उजाला से बातचीत में अंजली ने इस मुकाम तक पहुंचने में घर से स्कूल तक के माहौल और पढ़ाई की अपनी रणनीति तक के अनुभवों को साझा किया। पढ़ाई के लिए ही माता-पिता ने गांव से दूर इलाहाबाद भेज दिया।
इविवि से स्नातक कर रही बड़ी बहन दीक्षा के साथ सलोरी में किराये के कमरे में रहकर पढ़ाई करने वाली अंजली इस कामयाबी का श्रेय माता, पिता , बहन, भाई और अपने शिक्षकों को देती हैं। उन्होंने बताया कि स्कूल की पढ़ाई ही उनके काम आई। माता-पिता जिस भरोसे के साथ पेट काटकर पढ़ाई के लिए उसे प्रोत्साहित करते रहे, उस भरोसे को हमेशा जीतने की चिंता करती रही। रोज चार बजे उठना और छह से सात घंटे पढ़ाई करना उसका नियम था।
अंजली की सफलता के सूत्र
-टाइम टेबल बनाकर हर विषय को समान रूप से बांट कर अध्ययन
-5-7 घंटे तक नियमित पढ़ाई
-रोज कॉलेज जाना, कोई क्लास नहीं छोड़ना। कक्षा में पढ़ाए गए विषयों का नोट बनाकर याद करना।
परीक्षा परिणाम को लेकर अंजली की की नींद उड़ी हुई थी। रविवार की दोपहर स्कूल की प्रिंसिपल रजनी शर्मा ने जब उसे यूपी में टॉप करने की जानकारी दी, तो उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। कुछ देर में ही अंजलि को बधाई देने वाले शिक्षिक-शिक्षिकाओं, शुभेच्छुओं और छात्र-छात्राओं का तांता लग गया। गेंदा-गुलाब की मालाओं से गला लद गया। स्कूल परिसर में प्रबंधक रणजीत सिंह बैंड बाजा बजवाने लगे। कॉलेज में उत्सव का माहौल बन गया।
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