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किताबों की दुनिया में बनाइए कैरियर
एजुकेशन डेस्क/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 05 Nov 2014 09:14 AM IST
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अगर आप किताबों की दुनिया में डूबे रहना चाहते हैं तो यहां कॅरियर की अपार संभावनाएं हैं। इस क्षेत्र में छोटे लेवल से लेकर हायर लेवल तक आप अपना कॅरियर संवार सकते हैं। उत्तर भारत के साथ दक्षिण भारत के कई विश्वविद्यालय सर्टिफिकेट कोर्स से लेकर पीएचडी तक का कोर्स करा रहे हैं। जितना अधिक आपकी स्किल बढ़ाएंगे जॉब के अवसर बढ़ते जाएंगे।
10 वीं पास करने के बाद ही शुरू हो जाते हैं कोर्स
लाइब्रेरी के क्षेत्र में कॅरियर बनाने केलिए 10 वीं के बाद से ही कोर्स शुरू हो जाते हैं। 10 वीं के बाद उत्तर प्रदेश लाइब्रेरी एसोसिएशन की ओर से मान्यता प्राप्त छह महीने का ‘सर्टिफिकेट कोर्स इन लाइब्रेरी साइंस’ किया जा सकता है। इसे करने के बाद लाइब्रेरी में अटेंडेंट बन सकते हैं। इन्हें बुक अटेंडेंट भी कहा जाता है।
एक साल का ‘डिप्लोमा कोर्स इन लाइब्रेरी साइंस’ भी किया जा सकता है। इसे करने पर भी आप बुक अटेंडेंट की नौकरी आसानी से पा सकते हैं। इसके अलावा स्नातक के बाद ‘बैचलर ऑफ लाइब्रेरी साइंस एंड इनफारमेशन साइंस’ और ‘मॉस्टर ऑफ लाइब्रेरी साइंस एंड इनफारमेशन साइंस’ को कोर्स करके कालेज, विश्वविद्यालयों में लाइब्रेरियन, डिप्टी लाइब्रेरियन का पद पा सकते हैं।
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बीएचयू सहित कई शैक्षणिक संस्थान इन दोनों कोर्स को मिलाकर इंटीग्रेटेड कोर्स भी चला रहे हैं, जो दो वर्ष के हैं। इसे करने के बाद कोई भी युवा यूजीसी की नेट परीक्षा पास कर कालेज, विश्वविद्यालयों में नौकरी पाने के काबिल हो जाते हैं। साइबर दुनिया के बढ़ते जंजाल से कंप्यूटर से जुड़े भी तमाम कोर्स हो रहे हैं।
न्यूनतम से अधिकतम कमाई
सर्टिफिकेट कोर्स से लेकर मास्टर कोर्स करने के बाद नौकरियों के तमाम अवसर हासिल हो जाते हैं। लाइब्रेरी अटेेंडेंट जहां 15 हजार रुपये पा सकता हैं वहीं मॉस्टर डिग्री पाने वाले विवि के प्रोफेसर्स की तरह वेतन पा सकते हैं। इसकेअलावा कई औद्योगिक संस्थानों, शैक्षणिक संस्थानों में भी नौकरियों के अवसर आते रहते हैं।
शैक्षणिक संस्थान
दिल्ली विवि, अलीगढ़ मुस्लिम विवि, लखनऊ विवि, बीआर अंबेडकर विवि, आगरा विवि, बनारस विवि, मैसूर विवि, हैदराबाद विवि के अलावा तमाम ओपेन विवि भी कई तरह के कोर्स करवाते हैं
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10 वीं पास करने के बाद ही शुरू हो जाते हैं कोर्स
लाइब्रेरी के क्षेत्र में कॅरियर बनाने केलिए 10 वीं के बाद से ही कोर्स शुरू हो जाते हैं। 10 वीं के बाद उत्तर प्रदेश लाइब्रेरी एसोसिएशन की ओर से मान्यता प्राप्त छह महीने का ‘सर्टिफिकेट कोर्स इन लाइब्रेरी साइंस’ किया जा सकता है। इसे करने के बाद लाइब्रेरी में अटेंडेंट बन सकते हैं। इन्हें बुक अटेंडेंट भी कहा जाता है।
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एक साल का ‘डिप्लोमा कोर्स इन लाइब्रेरी साइंस’ भी किया जा सकता है। इसे करने पर भी आप बुक अटेंडेंट की नौकरी आसानी से पा सकते हैं। इसके अलावा स्नातक के बाद ‘बैचलर ऑफ लाइब्रेरी साइंस एंड इनफारमेशन साइंस’ और ‘मॉस्टर ऑफ लाइब्रेरी साइंस एंड इनफारमेशन साइंस’ को कोर्स करके कालेज, विश्वविद्यालयों में लाइब्रेरियन, डिप्टी लाइब्रेरियन का पद पा सकते हैं।
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बीएचयू सहित कई शैक्षणिक संस्थान इन दोनों कोर्स को मिलाकर इंटीग्रेटेड कोर्स भी चला रहे हैं, जो दो वर्ष के हैं। इसे करने के बाद कोई भी युवा यूजीसी की नेट परीक्षा पास कर कालेज, विश्वविद्यालयों में नौकरी पाने के काबिल हो जाते हैं। साइबर दुनिया के बढ़ते जंजाल से कंप्यूटर से जुड़े भी तमाम कोर्स हो रहे हैं।
न्यूनतम से अधिकतम कमाई
सर्टिफिकेट कोर्स से लेकर मास्टर कोर्स करने के बाद नौकरियों के तमाम अवसर हासिल हो जाते हैं। लाइब्रेरी अटेेंडेंट जहां 15 हजार रुपये पा सकता हैं वहीं मॉस्टर डिग्री पाने वाले विवि के प्रोफेसर्स की तरह वेतन पा सकते हैं। इसकेअलावा कई औद्योगिक संस्थानों, शैक्षणिक संस्थानों में भी नौकरियों के अवसर आते रहते हैं।
शैक्षणिक संस्थान
दिल्ली विवि, अलीगढ़ मुस्लिम विवि, लखनऊ विवि, बीआर अंबेडकर विवि, आगरा विवि, बनारस विवि, मैसूर विवि, हैदराबाद विवि के अलावा तमाम ओपेन विवि भी कई तरह के कोर्स करवाते हैं
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