BPSC Paper Leak: बीपीएससी 67वीं परीक्षा रद्द, आरा में पेपर लीक पर बवाल के बाद फैसला, साइबर सेल करेगी जांच
Bihar BPSC 67th PT Exam Paper Leak Protest: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 67वीं संयुक्त प्रतियोगी प्रारंभिक परीक्षा का पेपर लीक होने के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई है। वहीं, आयोग ने डीजीपी को मामले की जांच साइबर सेल से कराने के लिए कहा है।
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BPSC 67th PT Exam Paper Leak Protest: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 67वीं संयुक्त प्रतियोगी प्रारंभिक परीक्षा पेपर लीक होने के कारण रद्द कर दी गई है। आयोग ने डीजीपी से अनुरोध कर पेपर सोशल मीडिया में वायरल होने के मामले की जांच साइबर सेल से कराने का आग्रह किया है। इससे पहले, कथित तौर पर पेपर लीक का मामला सामने के बाद आयोग की ओर एक तीन सदस्यीय समिति बनाई गई थी।
समिति को 24 घंटे में रिपोर्ट सौंपने को कहा गया था, लेकिन जानकारी के अनुसार, समिति ने महज तीन घंटे में ही रिपोर्ट सौंप दी और परीक्षा निरस्त करने की सिफारिश कर दी। मामले को लेकर अब सियासत भी शुरू हो गई है। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने बिहार लोक सेवा आयोग का नाम बदलकर बिहार लोक पेपर लीक आयोग करने का सुझाव देते हुए तंज कसा है।
बिहार के डीजीपी एसके सिंघल ने कहा कि बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की 67वीं संयुक्त (प्रारंभिक) प्रतियोगी परीक्षा रद्द कर दी गई है। बीपीएससी जांच समिति ने पाया कि परीक्षा का सेट सी लीक हो गया था। मामले की गहन जांच के लिए आर्थिक अपराध इकाई को सौंप दिया है।
आगे उन्होंने कहा कि साइबर सेल एडीजी आर्थिक अपराध इकाई के तहत काम करता है। इसलिए एक टीम बनाई गई है और उन्होंने जांच शुरू कर दी है। सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
परीक्षा में मिला पेपर और वायरल पेपर एक समान
सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि परीक्षा में मिला पेपर, टेलीग्राम और व्हाट्सएप पर वायरल हो रहे पेपर के जैसा ही है। यानी कि पेपर परीक्षा से पहले ही लीक हो गया था। इसे लेकर जहां उम्मीदवारों में व्यापक नाराजगी देखने को मिल रही है। वहीं आयोग ने रविवार दोपहर तक इसे पेपर लीक मानने से इनकार कर दिया था। साथ ही, मामले की जांच कराने की बात कहते हुए इसके लिए एक तीन सदस्यीय जांच समिति बनाई थी।
खास उम्मीदवारों को अलग से दिलाई जा रही थी परीक्षा
उम्मीदवारों ने बताया कि परीक्षा केंद्र के संचालकों ने उनसे कहा कि उनका पेपर देरी से शुरू होगा, जबकि परीक्षा केंद्र पर ही दो अलग कमरों में कुछ उम्मीदवारों को परीक्षा दिलाई जा रही थी। इतना ही नहीं, नाराज प्रदर्शनकारी उम्मीदवारों ने दावा किया कि उन दोनों कमरों के दरवाजे बंद करके रखे गए थे। उन कमरों में मौजूद उम्मीदवारों के पास मोबाइल फोन भी थे। इनके परीक्षा देते हुए वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं।
बीपीएससी की जांच समिति को 24 घंटे में देनी थी रिपोर्ट
बिहार लोक सेवा आयोग के अधिकारियों से हुई बातचीत के अनुसार, आयोग ने फिलहाल इसे पेपर लीक मानने से इनकार किया है। आयोग की ओर से मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई गई है। यह जांच समिति 24 घंटे में जांच रिपोर्ट बीपीएससी के चेयरमैन को सौंपेगी। इसके बाद ही आयोग कथित पेपर लीक को लेकर अपना आधिकारिक बयान जारी करेगा। हालांकि, इसके उलट समिति ने तीन घंटे में ही परीक्षा निरस्त करने की सिफारिश कर दी है और जानकारी के अनुसार, आयोग के चेयरमैन ने इस पर सहमति भी दे दी है।
आरा के परीक्षा केंद्र पर हुआ बवाल
इससे पहले रविवार, आठ मई की सुबह परीक्षा शुरू होने के बाद भोजपुर जिले में आरा के वीर कुंवर सिंह परीक्षा केंद्र पर उम्मीदवारों ने कथित तौर पर पेपर लीक करने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। उम्मीदवारों का आरोप था कि परीक्षा केंद्र संचालकों ने कुछ परीक्षार्थियों को समय से पहले ही परीक्षा कक्ष में प्रवेश दे दिया था और उनके पास मोबाइल फोन भी मौजूद थे। जानकारी के अनुसार, इन्हीं परीक्षार्थियों के द्वारा पेपर सोशल मीडिया पर लीक किए गए हैं। बीपीएससी के सूत्रों ने भी यहीं से पेपर लीक के संकेत दिए हैं।
- ANI Multimedia (@ANI_Multimedia) 9 May 2022
उम्मीदवारों की उत्तर पुस्तिकाओं को छीन लिया एवं फाड़ दिया
बीपीएससी परीक्षा के दौरान कुछ उम्मीदवारों को अलग से विशेष कमरे में बैठाकर पेपर दिलाने का मामला सामने आने के बाद उम्मीदवारों में रोष फैल गया। बड़ी संख्या में उम्मीदवारों ने हंगामा शुरू कर दिया और उन कमरों में घुस कर पहले परीक्षा दे रहे उम्मीदवारों की उत्तर पुस्तिकाओं को छीन लिया एवं फाड़ दिया। घटनाक्रम की जानकारी मिलने पर भोजपुर के जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा मौके पर पहुंचे और सभी प्रश्न पत्रों को सील करवाते हुए नाराज छात्रों से लिखित में शिकायत देने को कहा।
तेजस्वी यादव ने साधा निशाना
वहीं, पेपर लीक मामले को लेकर सियासत भी शुरू हो गई है। बिहार विधानसभा में नेता विपक्ष और पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार के करोड़ों युवाओं और अभ्यर्थियों का जीवन बर्बाद करने वाले बिहार लोक सेवा आयोग का नाम बदलकर अब “बिहार लोक पेपर लीक आयोग” कर देना चाहिए।
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