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Board Exam 2023: ऑनलाइन गेम खेलने की आदत हो गई और पढ़ाई में नहीं लग रहा मन, तो अपनाएं ये एक्सपर्ट मंत्र

Sat, 14 Jan 2023 04:54 PM IST
देवेश शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, मुरादाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, मुरादाबाद Published by: देवेश शर्मा Updated Sat, 14 Jan 2023 04:54 PM IST
सार

Board Exam Tips Reduce Gaming Addiction: एक छात्र का कहना है कि मुझे पता है कि मेरे अंक कम आएंगे या फेल हो जाऊंगा। मुझे थोड़ी देर गेम खेलने का मौका नहीं मिलता तो बेचैनी होने लगती है और चिड़चिड़ा हो जाता हूं। मनोवैज्ञानिक डॉ. कुमार मंगलम सारस्वत ने ऐसे विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण सलाह दी है।

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Board Exam 2023 Tips Know How to Manage Exam Stress and Preventing a Gaming Addiction Problem
Board Exam Tips Reduce Gaming Addiction - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

Board Exam 2023 Tips Manage Exam Stress: बोर्ड परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं और विद्यार्थियों में तनाव बढ़ने लगा है। दो विद्यार्थियों ने पढ़ाई का पर्याप्त समय न मिल पाने और पढ़ाई व खेल में प्राथमिकता तय न कर पाने की समस्या बताई। विद्यार्थियों का कहना है कि बोर्ड परीक्षाओं में अच्छे अंक प्राप्त करने के दबाव की वजह से बेचैनी, कुंठा और निराशा महसूस हो रही है। मनोवैज्ञानिक डॉ. कुमार मंगलम सारस्वत ने ऐसे विद्यार्थियों को आज का कार्य कल पर न टालने और पढ़ाई को प्राथमिकता बनाने की सलाह दी है। उन्होंने विद्यार्थियों के माता-पिता को भी पढ़ाई में मदद करने को कहा है।

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यह भी पढ़ें : Board Exam Tips: एग्जाम आ गए और बार-बार पढ़ने के बाद भी नहीं हो रहा याद तो एक्सपर्ट की यह सलाह आएगी काम

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केस नंबर-1: गेम खेलने से मैं फेल हो जाऊंगा, लेकिन लत लग चुकी है

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद के रामगंगा विहार निवासी 12वीं का छात्र को वीडियो गेम खेलने की लत है। काउंसलिंग में उसने बताया कि चाहे मोबाइल हो या फिर कंप्यूटर मैं वीडियो गेम खेलता रहता हूं। मोबाइल से वाई-फाई ऑन कर लैपटॉप पर गेम खेलता हूं। मुझे पता है कि मेरे अंक कम आएंगे या फेल हो जाऊंगा। मुझे थोड़ी देर गेम खेलने का मौका नहीं मिलता तो बेचैनी होने लगती है और चिड़चिड़ा हो जाता हूं। एक बार पापा ने गुस्से में लैपटॉप तोड़ दिया, लेकिन मेरी तबीयत खराब होती देख कर उन्होंने दूसरा दिलवा दिया। अब बोर्ड परीक्षाओं को लेकर भी डर लग रहा है।

 

एक्सपर्ट के सुझाव

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                                                    लैपटॉप और मोबाइल को बच्चे के कमरे से निकाल कर बाहर रखना शुरू करें। 
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                                                    पढ़ाई के अलावा घर के काम में भी बच्चे को ज्यादा व्यस्त करें।
  •                                                                                                                                  
                                                    
    
                                                                                                                                     
                                                    बच्चे को सामाजिक गतिविधियों में साथ लेकर जाएं।
  •                                                                                                                                  
                                                    
    
                                                                                                                                     
                                                    अभिभावक भी घर में मोबाइल इस्तेमाल न करें।
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                                                    अभिभावकों को भी बच्चों के साथ में बैठ कर अन्य पुस्तकें पढ़नी चाहिए। 

 

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केस नंबर-2: पढ़ाई में मन एकाग्र नहीं हो पा रहा, क्या करूं?

मंडी चौक निवासी कक्षा 12वीं का छात्र बोर्ड परीक्षा की तैयारी के साथ आईआईटी की कोचिंग भी कर रहा है। वह संयुक्त परिवार में रहता है। छात्र ने बताया कि बोर्ड परीक्षा में अच्छे नंबर लाने का दबाव है और आईआईटी में भी सफलता पाने की उसको चिंता है। जब वह पढ़ने बैठता है तो परिजन उसे घरेलू कार्य बता देते हैं, जिससे वह पढ़ाई में एकाग्र नहीं हो पाता है। घर में ज्यादातर वही खाना बनता है, जो उसे पसंद नहीं है, लेकिन अन्य परिजनों की वजह से वह कुछ कह नहीं पाता है। ताऊ-ताई व बड़े भाई-बहन हमेशा तैयारी कैसी चल रही है, यही कहते रहते हैं। समय प्रबंधन न कर पाने के कारण अपनी पढ़ाई में खुद को पिछड़ता महसूस कर रहा है। वह खुद को कुंठित और निराश महसूस करता रहता है। 

यह भी पढ़ें : UP Board Exam 2023 Tips: यूपी बोर्ड के छात्र ऐसे करें गणित की तैयारी, परीक्षा में मिलेंगे बंपर अंक

 

एक्सपर्ट के सुझाव

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                                                    बच्चों को अपना रुटीन टाइम बदलना चाहिए। 
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                                                    दिन के बजाय सुबह चार से सात बजे तक पढ़ने को कहा है।
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                                                    टाइम-टेबल के अनुसार, आज का काम कल पर टालने के बजाय आज ही करने की आदत बनाएं। 
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                                                    अभिभावक जब तक परीक्षा नहीं हो जाती है बच्चों को पर्याप्त समय दें।
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                                                    खाना उसको मन का दें, ताकि वह पेट भर कर खा सके।
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                                                    दूसरों के सामने बच्चों की कमियां नहीं गिनानी चाहिए। 
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                                                    बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करते रहें। 


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केस संख्या-3: मुझे क्रिकेट का शौक है और भाई को पढ़ने का, घर वाले तुलना करते हैं

बुद्धि विहार निवासी कक्षा 10वीं के छात्र ने बताया कि उसको क्रिकेट का शौक है। वह स्कूल के अलावा चार से पांच घंटे का समय खेल पर दे रहा है। उसके बड़े भाई ने बोर्ड परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त किए हैं। अब माता-पिता बड़े भाई से उसकी तुलना कर रहे हैं, जिसकी वजह से वह पढ़ाई से और दूर हो रहा है। पढ़ाई का नाम सुनते ही वह गुस्सा हो जाता है और खाना खाना कम कर देता है। अक्सर अपने बड़े भाई से अपनी तुलना किए जाने को लेकर परेशान रहता है।

यह भी पढ़ें : UP Board Exam 2023: छात्रा बोली-किताबें देखते ही आते हैं चक्कर,आत्महत्या का करता है मन; एक्सपर्ट ने कही ये बात

 

एक्सपर्ट के सुझाव

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                                                    माता-पिता को दोनों बच्चों की आपस में तुलना नहीं करनी चाहिए। 
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                                                    छात्र को भी एक माह तक पढ़ाई को प्राथमिकता देनी चाहिए। 
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                                                    चार घंटे के बजाय एक घंटे खेलने के लिए कहा है।
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                                                    दोस्तों के साथ ग्रुप स्टडी करने के लिए प्रेरित किया है, क्योंकि दोस्त पढ़ने में होशियार हैं।
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                                                    शिक्षकों से प्रश्न-पत्र बनवाकर अभिभावकों को मॉक टेस्ट लेने को कहा है, ताकि वास्तविक स्थिति का पता लग सके।
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