पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली के जीवन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां, ऐसा रहा उनका राजनीतिक सफर
- पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली का निधन।
- 1957-69 सेंट जेवियर्स स्कूल, दिल्ली से अपनी शैक्षणिक पढ़ाई पूरी की।
- 1977 में दिल्ली विश्वविद्यालय के विधि संकाय से एलएलबी की डिग्री हासिल की।
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भारत के पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली का एम्स अस्पताल में आज, 24 अगस्त, 2019, को निधन हो गया। उनका जन्म 28 दिसंबर, 1952 को नई दिल्ली में हुआ था।
उन्होंने 1957-69 सेंट जेवियर्स स्कूल, दिल्ली से अपनी शैक्षणिक पढ़ाई पूरी की थी। उन्होंने 1973 में नई दिल्ली के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से कॉमर्स में बीकॉम की डिग्री हासिल की थी। उन्होंने 1977 में दिल्ली विश्वविद्यालय के फैकल्टी ऑफ़ लॉ से एलएलबी की डिग्री हासिल की।
केंद्र सरकार में सदस्य रहते हुए वे केंद्रीय मंत्रालय में कई वरिष्ठ पदों पर कार्यरत रहे। अरुण जेटली द्वारा वाजपेयी सरकार और नरेंद्र मोदी सरकार में संभाले गए कुछ वरिष्ठ पदों की सूची निम्न है:
- वित्त मंत्री
- कॉर्पोरेट मामलों के मंत्री
- रक्षा मंत्री
- वाणिज्य और उद्योग मंत्री
- कानून और न्याय मंत्री
- भारत के सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता
2009 से 2014 तक उन्होंने राज्यसभा में विपक्ष के नेता के रूप में कार्य किया। वह 2014 से 2019 तक भारत सरकार के वित्त और कॉर्पोरेट मामलों के मंत्री थे। अस्वस्थ होने के कारण अरुण जेटली ने 2019 में मोदी मंत्रिमंडल में शामिल होने से इनकार कर दिया था।
वे सर्वोच्च न्यायालय में वकालत भी करते थे। जनवरी 1990 में, दिल्ली उच्च न्यायालय ने उन्हें वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में चयनित किया।
उन्हें 1989 में वी. पी. सिंह सरकार द्वारा अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल नियुक्त किया गया था। अरुण जेटली बोफोर्स घोटाले की जांच में भी शामिल थे।
09 अगस्त, 2019 को, उन्हें सांस फूलने की शिकायत के बाद नई दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में भर्ती किया गया था।
17 अगस्त को बताया गया कि जेटली लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर हैं। 23 अगस्त को यह सूचना मिली कि उनकी तबीयत अधिक खराब हो गई है और 24 अगस्त 2019 को अरुण जेटली का 66 वर्ष की आयु में निधन हो गया।
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