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बड़ा फैसला : आंध्र प्रदेश के सभी स्नातक डिग्री कॉलेजों में अंग्रेजी माध्यम हुआ अनिवार्य
Tue, 15 Jun 2021 07:51 PM IST
देवेश शर्मा
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: देवेश शर्मा
Updated Tue, 15 Jun 2021 07:51 PM IST
सार
शिक्षा मंत्री ऑडिमुलपु सुरेश ने कहा कि आंध्र प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग को लगता है कि स्नातक स्तर पर अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा शुरू करने से स्नातकों के करिअर की संभावनाएं बढ़ेंगी।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
विस्तार
आंध्र प्रदेश सरकार ने इस शैक्षणिक वर्ष यानी 2021- 2022 की शुरुआत से राज्य के सभी डिग्री कॉलेजों में अंग्रेजी भाषा को सीखने का माध्यम बनाने का फैसला किया है।शिक्षा मंत्री ए सुरेश ने कहा कि आंध्र प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग को लगता है कि स्नातक स्तर पर अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा शुरू करने से स्नातकों के करिअर की संभावनाएं बढ़ेंगी।
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आंध्र प्रदेश सरकार ने सितंबर 2019 में घोषणा की थी कि वह सभी सरकारी स्कूलों में अंग्रेजी को शिक्षा के माध्यम के रूप में पेश करेगी, और धीरे-धीरे सभी तेलुगु - माध्यम के स्कूलों को अंग्रेजी - माध्यम में परिवर्तित कर देगी, जबकि अभी भी मातृभाषा तेलुगु को अनिवार्य विषय के रूप में पढ़ाया जाएगा।
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Andhra Pradesh Govt has decided to make ‘english medium’ compulsory across all government, private aided & unaided degree colleges in the state from the academic year 2021-22: Chief Minister's Office
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) June 15, 2021
गौरतलब है कि जनवरी में, आंध्र प्रदेश सरकार ने अंग्रेजी में दक्षता विकसित करने और शिक्षकों एवं छात्रों को प्रशिक्षित करने के लिए कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के साथ भागीदारी की थी। उल्लेखनीय है कि 2020-21 में राज्य भर के डिग्री कॉलेजों में प्रवेश लेने वाले 2.62 लाख से अधिक छात्रों में से 65,981 तेलुगु-माध्यम के संस्थानों में हैं। इनमें से 65,981 तेलुगु-माध्यम के छात्र, 24,007 बीए, 16,925 बीकॉम और 24,960 बीएससी कर रहे हैं।
शिक्षा मंत्री ए सुरेश के अनुसार, अंग्रेजी को शिक्षा की भाषा बनाने के फैसले से इन छात्रों को काफी फायदा होना तय है। अधिकारियों ने कहा कि उनके द्वारा एकत्र किए गए डेटा से संकेत मिलता है कि बीए के छात्रों को पत्रकारिता और अनुसंधान के अलावा बिक्री और विपणन में नौकरी मिलती है, और अंग्रेजी में दक्षता उनकी रोजगार संभावनाओं को बढ़ाएगी। अधिकांश कंपनियों ने बहुभाषी उम्मीदवारों को प्राथमिकता देना शुरू कर दिया है और अंग्रेजी पर जोर दिया है। इसलिए, यह आवश्यक है कि छात्र स्नातक की पढ़ाई अंग्रेजी माध्यम में करें।
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