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Long Hour Work Row: लोग कितने घंटे की करें नौकरी? जानें महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा क्या बोले

Sun, 12 Jan 2025 12:49 PM IST
शाहीन परवीन एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: शाहीन परवीन Updated Sun, 12 Jan 2025 12:49 PM IST
सार

Long Hour Work Row: आनंद महिंद्रा ने एलएंडटी के चेयरमैन एसएन सुब्रमण्यन द्वारा 90 घंटे के कार्य सप्ताह के बारे में दिए गए विवादास्पद बयान के जवाब में काम के घंटों की संख्या की तुलना में आउटपुट की गुणवत्ता के महत्व पर जोर दिया।

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Long Hour Work Row: Mahindra Group Chairman Anand Mahindra told the working hours to people, read here
Long Hour Work Row - फोटो : PTI

विस्तार

Long Hour Work Row: महिंद्रा समूह के चेयरमैन आनंद महिंद्रा भी सप्ताह में 90 घंटे काम करने की बहस में शामिल हो गए हैं। ऐसा एलएंडटी के चेयरमैन एसएन सुब्रमण्यन की टिप्पणी के बाद हुआ है। शनिवार को नई दिल्ली में राष्ट्रीय युवा महोत्सव में तीखे और मजाकिया अंदाज में जवाब देते हुए महिंद्रा ने कहा कि असली मुद्दा काम किए गए घंटों की संख्या नहीं है, बल्कि आउटपुट की गुणवत्ता है। हमें काम की गुणवत्ता पर ध्यान केंद्रित करना होगा, काम की मात्रा पर नहीं। 

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कितने घंटे की करें नौकरी?

युवाओं से सीधे बात करते हुए, महिंद्रा ने इस मामले पर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा, "मैं नारायण मूर्ति और अन्य लोगों का बहुत सम्मान करता हूं। इसलिए, मैं इसे गलत नहीं समझूंगा। मुझे लगता है कि यह बहस गलत दिशा में जा रही है।

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उन्होंने कहा, "मेरा कहना है कि हमें काम की गुणवत्ता पर ध्यान देना चाहिए, काम की मात्रा पर नहीं। इसलिए, यह 40 घंटे, 70 घंटे या 90 घंटे की बात नहीं है। आप क्या आउटपुट दे रहे हैं? भले ही यह 10 घंटे का हो, आप 10 घंटे में दुनिया बदल सकते हैं।"
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आगे उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि ऐसा दिमाग होना चाहिए जो "समग्र सोच से जुड़ा हो, जो दुनिया भर से इनपुट के लिए खुला हो" और साथ ही उन्होंने इंजीनियरों और एमबीए जैसे अलग-अलग पृष्ठभूमि के लोगों को कला और संस्कृति का अध्ययन करने की आवश्यकता पर जोर दिया ताकि वे बेहतर फैसले ले सकें।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, हाल में ही कर्मचारियों के साथ बातचीत में कहा कि अगर संभव हुआ तो वे रविवार को भी उनसे काम करवाएंगे और उन्होंने 90 घंटे के कार्य सप्ताह की वकालत की। उन्होंने यह टिप्पणी तब की जब उनसे कंपनी की छह दिन के कार्य सप्ताह की नीति के बारे में पूछा गया। 

सुब्रमण्यन ने कर्मचारियों के साथ बैठक के दौरान कहा, "मुझे खेद है कि मैं आपसे रविवार को काम नहीं करवा पा रहा हूं। अगर मैं आपसे रविवार को काम करवा पाता, तो मुझे बहुत खुशी होती।" उन्होंने आगे पूछा, "आप घर पर बैठकर क्या करते हैं? आप अपनी पत्नी को कितनी देर तक घूर सकते हैं?"

सुब्रह्मण्यन की टिप्पणियों ने कार्य-जीवन संतुलन पर चल रही बहस में आग में घी डालने का काम किया है, जिसकी शुरुआत सबसे पहले 2023 में इंफोसिस के सह-संस्थापक एनआर नारायण मूर्ति ने की थी, जब उन्होंने सप्ताह में 70 घंटे काम करने का सुझाव दिया था।

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