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AICTE: कंप्यूटर साइंस के बाद मैकेनिकल, केमिकल, सिविल और इलेक्ट्रिकल में सबसे ज्यादा नौकरी; रिपोर्ट में खुलासा

Sat, 13 Sep 2025 08:13 AM IST
शिवम गर्ग सीमा शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
सीमा शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवम गर्ग Updated Sat, 13 Sep 2025 08:13 AM IST
सार

Engineering Jobs: अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद की नई रिपोर्ट के अनुसार, कंप्यूटर साइंस के बाद मैकेनिकल, केमिकल, इलेक्ट्रिकल और सिविल इंजीनियरिंग में सबसे ज्यादा छात्रों को नौकरी मिल रही है। बीते पांच वर्षों में बीटेक प्लेसमेंट में करीब 15% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

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AICTE Report 2025: Computer Science tops placements, Mechanical & Core branches see 15% job growth
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Adobe Stock

विस्तार

AICTE Report 2025: बीटेक में कंप्यूटर साइंस के बाद मैकेनिकल, सिविल, केमिकल, इलेक्ट्रिकल में सबसे अधिक छात्र-छात्राओं को रोजगार मिल रहा है। बीटेक में कंप्यूटर साइंस में 94.46 फीसदी विद्यार्थियों का प्लेसमेंट हुआ है। मैकेनिकल इंजीनियरिंग में 66.48 फीसदी, केमिकल में 59.28 फीसदी, इलेक्ट्रिकल में 58.58 और सिविल इंजीनियरिंग में 41.88% अभ्यर्थियों को नौकरी मिली है। यह खुलासा अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) की पिछले 5 वर्षों की रिपोर्ट में हुआ है।

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खास बात यह है कि शैक्षणिक सत्र 2020-21 से लेकर 2024-25 तक, सभी ब्रांच में प्लेसमेंट का आंकड़ा 7.39 लाख से बढ़कर 8.5 लाख पार कर गया है। वैश्विक महामारी कोरोना में भी इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी डिमांड पर था। तब सत्र 2020-21 में कैंपस प्लेसमेंट 5.80 लाख हुआ था। एआईसीटीई के अध्यक्ष प्रो. टीजी सीताराम ने बताया कि मान्यता प्राप्त इंजीनियरिंग कॉलेजों में पांच वर्षों में प्लेसमेंट में लगातार बढ़ोतरी हुई है। ये आंकड़े करीब 15% की मजबूत वृद्धि दर्शाते हैं।

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इसका प्रमुख कारण, एक दशक में बाजार व उद्योग मांग के आधार पर वैश्विक स्तर पर पाठ्यक्रम में बदलाव, उद्योग के साथ ट्रेनिंग और इंटर्नशिप कार्यक्रम हैं। आंकड़े इस बात की पुष्टि करते हैं कि तकनीकी शिक्षा में इंजीनियरिंग भारत के कुशल कार्यबल की रीढ़ के रूप में अपनी पकड़ बनाए हुए है।  

वैश्विक महामारी कोरोना में भी रिकॉर्ड प्लेसमेंट

अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद की रिपोर्ट के अनुसार वैश्विक महामारी कोरोना के दौरान भी इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी की नौकरियों की मांग बनी रही। शैक्षणिक सत्र 2020-21 में रिकार्ड 5.80 लाख प्लेसमेंट हुए थे। 2024-25 में यह आंकड़ा 6.05 लाख पार कर गया। यह इंजीनियरिंग स्नातकों की निरंतर व मजबूत मांग को दर्शाता है। 

कंप्यूटर विज्ञान में 78% प्लेसमेंट

भारत कौशल रिपोर्ट 2025 के अनुसार, बीई और बीटेक में रोजगार क्षमता विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग है। कंप्यूटर विज्ञान इंजीनियरिंग (सीएसई) 78% के साथ शीर्ष पर है। सूचना प्रौद्योगिकी 75%, इलेक्ट्रॉनिक्स व संचार इंजीनियरिंग 72%, इलेक्ट्रिकल में 68%, बॉयोटेक इंजीनियरिंग में 65% तो वहीं मैकेनिकल इंजीनियरिंग में 60% प्लेसमेंट हुआ है।

कौशल रिपोर्ट 2025 में यूजी में सीएसई प्लेसमेंट 78 फीसदी

रोजगार पर आधारित भारत कौशल रिपोर्ट 2025 के अनुसार, बीई और बीटेक में रोजगार क्षमता विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग है। कंप्यूटर विज्ञान (सीएसई) 78 फीसदी के साथ टॉप पर है। जबकि सूचना प्रौद्योगिकी 75 फीसदी, इलेक्ट्रॉनिक्स व संचार इंजीनियरिंग 72 फीसदी, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में 68 फीसदी, बायोटेक इंजीनियरिंग में 65 फीसदी तो मैकेनिकल इंजीनियरिंग में 60 फीसदी प्लेसमेंट है, जो पारंपरिक मुख्य क्षेत्रों में उद्योग-अकादमिक समन्वय की आवश्यकता को दर्शाता है।

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