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AICTE Guideline: एआइसीटीई का संस्थानों को निर्देश, गैर-मान्यता प्राप्त देशों के कार्यक्रम में शामिल न हों कोई भी शिक्षाविद

Sun, 19 Dec 2021 06:59 PM IST
सुभाष कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: सुभाष कुमार Updated Sun, 19 Dec 2021 06:59 PM IST
सार

AICTE Guideline: भारत के कुछ शिक्षाविदों द्वारा तुर्की के कब्जे वाले सायप्रस के एक शैक्षणिक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद यह निर्देश जारी किया गया है। सायप्रस की सरकार ने भारतीय विदेश मंत्रालय को इस बात को लेकर सूचना दी थी।

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AICTE New Directions AICTE directs Academicians to not participate in conferences held by countries, states not recognised by govt
AICTE - फोटो : social media

विस्तार

अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआइसीटीई) ने सभी इंजीनियरिंग कॉलेजों और तकनीकी संस्थानों को निर्देश जारी किया है कि वह भारत सरकार द्वारा मान्यता न दिए गए देश के किसी भी कार्यक्रम में हिस्सा न लें। वहीं, संस्थान अपने सभी शिक्षकों और अन्य सदस्यों की भी इसमें भागीदारी न करने को सुनिश्चित करें। 

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भारत के कुछ शिक्षाविदों द्वारा तुर्की के कब्जे वाले सायप्रस के एक शैक्षणिक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद यह निर्देश जारी किया गया है। सायप्रस की सरकार ने भारतीय विदेश मंत्रालय को इस बात को लेकर सूचना दी थी। इस कारण से एआइसीटीई ने इंजीनियरिंग कॉलेजों और तकनीकी संस्थानों को यह निर्देश जारी किया है।  
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सायप्रस के उच्चायोग ने लिखा पत्र
एआइसीटीई के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार भारतीय विदेश मंत्रालय को सायप्रस के उच्चायोग ने पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने बताया कि 8 नवंबर 2021 से 12 नवंबर 2021 के बीच कई भारतीय शिक्षाविदों ने प्राकृतिक संसाधन और सतत पर्यावरण प्रबंधन पर 5वें अतरराष्ट्रीय सम्मेलन में हिस्सा लिया था। इस सम्मेलन को वर्चुअल माध्यम से तुर्की के कब्जे वाले सायप्रस के गैरकानूनी दक्षिण पूर्वी विश्विद्यालय के School of Civil and Environmental Engineering द्वारा आयोजित किया गया था। 
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सायप्रस के उच्चायोग ने चिंता जाहिर की
एआइसीटीई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शिक्षाविदों के सम्मेलन में भाग लेने की घटना पर सायप्रस के उच्चायोग ने चिंता जाहिर की है। इसके बाद सभी मान्यता प्राप्त संस्थानों को ऐसे किसी भी सम्मेलन में न भीग लेने का निर्देश दिया गया है। संस्थानों को अपने सभी शिक्षकों और अन्य सदस्यों को भी यह निर्देश देने को कहा गया है कि किसी भी ऐसे स्थान पर आयोजित कार्यक्रम का हिस्सा न बनें, जिसे भारत सरकार मान्यता नहीं दी है। 


इससे पहले देश के शिक्षा मंत्रालय ने निर्देश जारी किया था कि सभी विश्वविद्यालयों और प्रोफेसरों को ऐसे किसी भी ऑनलाइन अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम जो किसी संवेदनशील विषय, देश की आंतरिक सुरक्षा या ऐसा कोई विषय जो सीधे तौर पर देश आंतरिक मसलों पर जुड़ा हो, इसमें भाग लेने के लिए भारतीय विदेश मंत्रालय की अनुमति लेनी पड़ेगी। हालांकि, आगे चलकर इस निर्देश में बदलाव कर दिए गए थे। 

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