AICTE: बीटेक छात्र अब डिफेंस टेक्नोलॉजी में देंगे योगदान, देश की सुरक्षा के लिए तैयार होंगे स्वदेशी समाधान
Defence Technology: एआईसीटीई ने इंजीनियरिंग कॉलेजों में नया कोर्स शुरू किया है, जिसमें बीटेक छात्र डिफेंस टेक्नोलॉजी सीखकर देश की सुरक्षा के लिए स्वदेशी तकनीक विकसित करेंगे।
विस्तार
B.Tech Students: अब बीटेक में पढ़ाई के साथ-साथ छात्र देश की सुरक्षा के लिए भारतीय सेना को स्वदेशी तकनीक तैयार करके देंगे। नौसेना प्रौद्योगिकी, हथियार प्रणाली, साइबर सुरक्षा, वैमानिकी प्रणाली आदि में मुख्य तौर पर आत्मनिर्भर भारत के तहत स्वदेशी तकनीक बनाने पर काम होगा।
अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) के इंजीनियरिंग कॉलेजों में यूजी के छात्रों को डिफेंस टेक्नोलॉजी इंजीनियरिंग में पढ़ाई का मौका मिलेगा। इसके तहत डिफेंस टेक्नोलॉजी इंजीनियरिंग में माइनर डिग्री का मॉडल पाठ्यक्रम भी तैयार किया गया है।
एआईसीटीई के अध्यक्ष प्रो. टीजी सीताराम ने रक्षा प्रौद्योगिकी इंजीनियरिंग व टेक्नोलॉजी में यूजी प्रोग्राम के लिए माइनर डिग्री का मॉडल पाठ्यक्रम लांच किया। प्रो. सीताराम ने कहा, स्वदेशी क्षमताओं को आगे बढ़ाने और भारत के युवाओं को रक्षा संबंधी नवाचार में अपना भविष्य बनाने के लिए बेहद फायदेमंद होगा।
200 कॉलेजों में बनेगा डिफेंस टेक्नोलॉजी का टैलेंट पूल
पाठ्यक्रम इंजीनियरिंग छात्रों को वैमानिकी प्रणालियों, नौसेना प्रौद्योगिकी, हथियार प्रणाली, साइबर सुरक्षा आदि के आधार पर तैयार किया गया है। यह प्रोग्राम सशस्त्र बलों, डीआरडीओ और रक्षा विनिर्माण उद्योगों की आवश्यकताओं को पूरा करेगा। इसमें छात्रों को अंतः विषय शिक्षा और नवाचार का मौका भी मिलेगा। पढ़ाई और रोजगार के साथ देश सेवा में सहयोग देने का मौका भी मिलेगा।
सर्वश्रेष्ठ 200 कॉलेजों में डिफेंस टेक्नोलॉजी का टैलेंट पूल बनेगा : प्रो. सीताराम ने कहा, आत्मनिर्भर भारत, तेजी से बदलती तकनीक और भारत रक्षा क्षेत्र में बदलाव के दौर से गुजर रहा है, इसलिए ऐसे समय में रक्षा प्रौद्योगिकी में कुशल, नवोन्मेषी और युवाओं का पुल तैयार करना राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने और स्वदेशी क्षमताओं को आगे बढ़ाने के लिए बेहद जरूरी है।
कमेंट
कमेंट X