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GLA में धूमधाम से मनाया गया 71वां स्वतंत्रता दिवस समारोह

Thu, 17 Aug 2017 01:59 PM IST
amarujala.com- Presented by: कुशमिता राणा
amarujala.com- Presented by: कुशमिता राणा Updated Thu, 17 Aug 2017 01:59 PM IST
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71th independence day celebrated in gla with great enthusiasm
जीएलए विश्वविद्यालय मथुरा में स्वतंत्रता दिवस पर प्रस्तुति देते छात्र
जीएलए विश्वविद्यालय मथुरा में 71वां स्वतंत्रता दिवस बडे़ धूम-धाम के साथ ध्वजारोहण कर मनाया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय में विभिन्न देश भक्ति गानों पर छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रस्तुति दी। इसके दौरान कुलपति प्रोफेसर दुर्ग सिंह चैहान तथा प्रतिकुलपति प्रोफेसर एएम अग्रवाल, निदेशक प्रोफेसर अनूप कुमार गुप्ता, कुलसचिव अशोक कुमार सिंह ने साथ मिलकर ध्वजा रोहण किया। इसके बाद राष्ट्रगान हुआ और वंदेमातरम की प्रस्तुति छात्र- छात्राओं द्वारा दी गई। 
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भारत वर्ष में विद्वानों की कोई कमी नहीं रही

71th independence day celebrated in gla with great enthusiasm
संबोधित करते कुलपति
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कुलपति प्रोफेसर चौहान ने कहा कि आज भारत देश को स्वतंत्र हुए 70 वर्ष पूर्ण हो चुके हैं। जिन्होंने स्वतंत्रता की बलिवेदी पर अपने प्राण न्यौछावर किए, जीवन न्यौछावर किया और जो नेतृत्व करते हुए देश की सेवा करते रहे उन सभी को हमेशा याद करते रहना चाहिए।

उन्होंने छात्रों से कहा कि भारत वर्ष में विद्वानों की कोई कमी नहीं रही। 18 वर्ष की अवस्था में आईसीएस पास करने वाले बहुत अधिक लोग थे। अंग्रेजों ने जो भी कंडीशन रखी भारतीय उनसे आगे अपने आप को पाते थे। स्वयं महर्षि अरविंद ने आईसीएस की परीक्षा पास की। 

 
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नेताजी सुभाष चन्द्र ने भी पास की थी आईसीएस की परीक्षा

71th independence day celebrated in gla with great enthusiasm
नेताजी सुभाष चन्द्र ने आईसीएस की परीक्षा पास की, लेकिन इन महानुभावों ने अंग्रेजों की सेवा को स्वीकार नहीं किया। देश की गुलामी जिसके जीवन में यह भाव आ जाए की मेरा देश गुलाम है वह तब तक प्रयास करेगा जब तक वो आजाद न हो जाए।

जैसा कि नेहरू जी ने पहली कान्सेप्ट असेंबली में लेक्चर दिया था कि हमने कब प्रारंभ किया था उस यात्रा को कि हम आजाद होंगे और आज हम आजाद हो गए।

आगे उन्होंने छात्रों से कहा कि हम यहां सभी विश्वविद्यालय में ज्ञान के लिए ही आए हैं और जब हम यहां से जाएं और कोई प्रश्न पूछे और उसका जवाब न दें तो आप कहेंगे कि ये तो हमने पढ़ा ही नहीं था। आज के समय में शिक्षा ही एक मुक्ति का आंदोलन है। यहा देखें स्वतंत्रता दिवस समारोह का वीडियो-

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