फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   3 Idiots Movie Fame School still waits for CBSE affiliation after over two decades since its establishment

उम्मीद : थ्री इडियट्स वाले रेंचो के स्कूल को जल्द मिल सकती है सीबीएसई की मान्यता, 20 साल से अटका था मामला

Mon, 24 Jan 2022 05:08 PM IST
राहुल मानव एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: राहुल मानव Updated Mon, 24 Jan 2022 05:08 PM IST
विज्ञापन
सार
लद्दाख के जिस स्कूल में थ्री इडियट्स फिल्म की शूटिंग हुई थी, उस स्कूल को पिछले दो दशक से सीबीएसई की संबद्धता का इंतजार है। अब स्कूल के प्रिंसिपल मिंगूर अगमो ने कहा है कि राज्य बोर्ड से लंबित एनओसी मिलने के बाद सीबीएसई की संबद्धता इस वर्ष मिल जाएगी। 
loader
3 Idiots Movie Fame School still waits for CBSE affiliation after over two decades since its establishment
3 idiots fame school to get CBSE affiliation - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

लद्दाख के जिस स्कूल में थ्री इडियट्स फिल्म की शूटिंग हुई थी, उस स्कूल को जल्द ही केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की मान्यता मिलने की उम्मीद है। स्कूल की मान्यता का मसला 20 साल से अटका पड़ा था। अब जल्द ही इसे केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से संबद्धता मिल जाएगी।  

जम्मू-कश्मीर बोर्ड से अब मिली एनओसी

स्कूल को जम्मू-कश्मीर बोर्ड से एनओसी मिल गई है, यह लंबे समय से लंबित थी। इस स्कूल का नाम ड्रुक पद्मा कार्पो स्कूल है। यह स्कूल आमिर खान की अभिनीत फिल्म थ्री इडियट्स के बाद चर्चा में आया था, इसे रैंचो के स्कूल के नाम से भी जाना जाता है। स्कूल की स्थापना के दो दशक लंबे इंतजार के बाद अब इस स्कूल को सीबीएसई की संबद्धता मिल सकेगी। 

राज्य शिक्षा बोर्ड से लेनी होती है एनओसी

नियम के अनुसार सीबीएसई द्वारा किसी भी स्कूल को उसकी संबद्धता पाने के लिए उस राज्य के शिक्षा बोर्ड से अनापत्ति प्रमाण पत्र चाहिए होता है। वहीं, अगर विदेशी स्कूल को सीबीएसई की संबद्धता प्राप्त होगी तो उस स्कूल को संबंधित देश में संबंधित दूतावास या भारत के वाणिज्य दूतावास में एक समान दस्तावेज की आवश्यकता होती है। लद्दाख का यह स्कूल, जम्मू-कश्मीर स्कूल शिक्षा बोर्ड (जेकेबीओएसई) से संबद्ध है। जिसमें वर्ष 2009 में आई फिल्म थ्री इडियट्स फिल्म की शूटिंग हुई थी। 

इस वर्ष है संबद्धता मिलने की उम्मीद

स्कूल के प्रिंसिपल मिंगूर अगमो ने कहा कि हम कई वर्षों से अपने स्कूल को सीबीएसई से संबद्ध करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारे स्कूल के पास सभी आवश्यक बुनियादी ढांचे, उत्कृष्ट परिणाम रिकॉर्ड मौजूद हैं। हमने शिक्षण में सीखने के अभिनव तरीकों पर ध्यान केंद्रित किया है। हालांकि, इन सब के बावजूद भी जेकेबीओएसई से एनओसी नहीं मिली। उन्होंने कहा कि आखिरकार, इस महीने दस्तावेज प्राप्त हो गया है और हम संबद्धता के लिए बाकी प्रक्रिया को जल्द ही पूरा कर लेंगे। हम उम्मीद कर रहे हैं कि हमें इस साल संबद्धता मिल जाएगी और कोई और बाधा नहीं होगी। 

महान विद्धान के नाम पर रखा स्कूल का नाम

स्कूल प्रिंसिपल मिंगूर अगमो ने कहा कि लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा मिलने से पहले से ही स्कूल द्वारा सीबीएसई की संबद्धता की मंजूरी लेने की कोशिश की जा रही थी। लद्दाख का केंद्र शासित दर्जा मिलने के बाद उसके विभाजन के बाद भी, लद्दाख में स्थित इस स्कूल की संबद्धता जम्मू और कश्मीर स्कूल शिक्षा बोर्ड से है। एक समिति ने पिछले साल लद्दाख में क्षेत्र की प्राकृतिक परिस्थितियों के अनुसार छात्रों की यथार्थवादी जरूरतों को पूरा करने के उद्देश्य से एक नए क्षेत्रीय बोर्ड की स्थापना का प्रस्ताव रखा था। इस 21 वर्षीय स्कूल का नाम मिफाम पेमा कार्पो (1527-1592) के नाम पर रखा गया है, जो एक महान विद्वान के रूप में प्रतिष्ठित हैं, जबकि पद्मा कर्पो का अर्थ स्थानीय भाषा बोथी में सफेद कमल है। 

स्कूल की दीवार पर है 3 इडियट्स फिल्म की झलक

इस स्कूल की इमारत की दीवार को बॉलीवुड फिल्म थ्री इडियट्स के समापन दृश्य में दिखाया गया था। जिसमें एक पात्र, चतुर पेशाब करने की कोशिश करता है, लेकिन बिजली का झटका लगता है क्योंकि दो बच्चे उस पर पहली मंजिल की खिड़की से तार से जुड़ा एक प्रकाश बल्ब फेंकते हैं। इस स्कूल में थ्री इडियट्स की झलक भी प्रदर्शित की गई है। इसकी दीवार 2010 में क्षतिग्रस्त हो गई थी। यह अभी भी स्कूल परिसर में स्थापित है। 

रैंचों की दीवार को किया गया था स्थानांतरित 

स्कूल प्रिंसिपल मिंगूर अगमो ने बताया कि स्कूल ने 2018 में  'रैंचो की दीवार' को स्थानांतरित करने का फैसला किया था। जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि स्कूलों में आने वाले पर्यटकों के कारण छात्र विचलित न हों और उनकी पढ़ाई में बाधा उत्पन्न न हो। प्रिंसिपल   ने कहा कि स्कूल के छात्र बोथी, अंग्रेजी और हिंदी के साथ-साथ विज्ञान, सामाजिक अध्ययन, रचनात्मक कला और खेल जैसे विषयों की पढ़ाई करते हैं। इस स्कूल में छात्रों को औपचारिक और सह-पाठयक्रम गतिविधियों के माध्यम से जीवन और आजीविका कौशल, टीम वर्क, प्रस्तुति कौशल, नेतृत्व और समस्या समाधान का प्रशिक्षण भी दिया जाता है।

नो गैजेट्स के तौर पर मनाया शीतकालीन अवकाश

प्रिंसिपल मिंगूर अगमो ने बताया कि मौजूदा समय में छात्र शीतकालीन अवकाश पर हैं। हमने तय किया कि यह शीतकालीन अवकाश 'नो गैजेट्स' अवकाश होगा। महामारी के कारण, हमने स्मार्टफोन के माध्यम से कक्षाएं शुरू की, हालांकि यह अभी भी एक चुनौती बनी हुई है क्योंकि कुछ पहाड़ी इलाकों में इंटरनेट की स्थिरता नहीं है, इसलिए हमने ब्रेक के दौरान छात्रों को सिर्फ ऑफलाइन होमवर्क दिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

Followed