{"_id":"3091abf81e73a92c739cf0f998d629b2","slug":"spiti-valley-of-himachal","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्वर्ग से कम नहीं है स्पीति घाटी","category":{"title":"Dropped","title_hn":"Dropped","slug":"dropped"}}
स्वर्ग से कम नहीं है स्पीति घाटी
टीम डिजिटल/अमर उजाला, शिमला
Updated Fri, 02 May 2014 04:09 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल के जिला लाहौल स्पीति में स्थित स्पीती घाटी किसी स्वर्ग से कम नहीं है। साल में कुछ ही महीने यह सैर सपाटे के लिए खुला रहता है। लेकिन इसके बावजूद कई सैलानियों की यह पहली पसंद है।
विज्ञापन
हर साल भारी बर्फबारी के बावजूद यह स्थल दुनिया भर के सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित करता है। लद्दाख और तिब्बत की सीमा से सटी इस घाटी में हरियाली कम ही दिखाई देती है। चारों और ठंडा रेगिस्तान और बर्फ से ढके पहाड़ इसकी सुंदरता बढ़ाते हैं।
विज्ञापन
भीड़ भाड़ से हटकर सैलानी यहां के शांत वातावरण में कई दिन बिता जाते हैं। ज्यादातर वही लोग यहां सैर सपाटे के लिए आते हैं जो शारीरिक तौर पर स्वस्थ होते हैं। वर्ष 1991 के बाद इसे विदेशी सैलानियों के लिए भी खोला गया।
विज्ञापन
कई समुदाय के लोग है यहां
घाटी में कई समुदाय के लोग भी रहते हैं। इनकी सबकी अपनी अपनी संस्कृति और रिवाज है। बौद्घ समुदाय के लोगों की संख्या यहां काफी बढ़ी है।
यह पर्यटक स्थल मनाली से सड़कमार्ग से जुड़ा हुआ है। हालांकि, अभी यह स्थल पूरी तरह से विकसित नहीं हुआ है लेकिन धीरे धीरे यहां काफी होटल खुलने लगे हैं।
जिले में कई बड़ी झीलें भी हैं जो सर्दियों के दौरान जम जाती है। सैलानी गर्मियों के महीनों में यहां आ सकते हैं। सर्दियों में ज्यादातर दिन यह घाटी बाहरी दुनिया से कटी रहती है।