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गाजीपुर बार्डर पर मनाया गया युवा किसान दिवस, मशाल लेकर पहुंचे हरियाणा के अन्नदाता

Fri, 26 Feb 2021 10:17 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Fri, 26 Feb 2021 10:17 PM IST
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yuva kisan diwas celebrated on ghazipur border
गाजीपुर बॉर्डर पर मनाया गया युवा किसान दिवस - फोटो : amar ujala

केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे किसान आंदोलन के  93वें दिन शुकवार को गाजीपुर बॉर्डर पर युवा किसान दिवस का आयोजन किया गया। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर भारी संख्या में किसान गाजीपुर बॉर्डर पहुंचे। मंच की कमान भी युवा किसानों के हाथ में रही।

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भारतीय किसान यूनियन (युवा) के अध्यक्ष गौरव टिकैत ने कहा कि सरकार का कहना है कि कृषि कानूनों से किसानों की आय बढ़ेगी। जबकि असलियत कुछ और है, यह कानून लागू हुए तो किसान जिस स्थिति में हैं, उसमें भी न रह पाएंगे। कार्पोरेट कंपनियां अपने मुताबिक किसान की जमीन का दोहन करेंगे और उसे बुरे हाल में करके छोड़ देंगे। बिहार से गाजीपुर बार्डर पहुंचे कबीर राजपूत ने कहा कि सरकार द्वारा न केवल आवश्यक वस्तु अधिनियम को कार्पोरेट के मन माफिक बना दिया है, बल्कि तीनों नए कृषि कानून भी कार्पोरेट के हितों को ही ध्यान में रखकर बनाए गए हैं। उन्होंने कहा सरकार सिर्फ पूंजीपतियों के बारे में ही सोचती है और किसान, मजदूर, गरीब व मध्यम वर्ग का उत्पीड़न करने पर आमादा है। 
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पैदल मार्च करते हुए मशाल लेकर पहुंचे हरियाणा के किसान 
युवा किसान दिवस के मौके पर शुक्रवार को हरियाणा से पैदल यात्रा करते हुए दर्जनों किसान मशाल लेकर गाजीपुर बॉर्डर पहुंचे। हरियाणा से आए किसानों ने बताया कि वह चारों बॉर्डरों पर चल रहे आंदोलन में पैदल मार्च करते हुए मशाल लेकर शामिल हो चुके हैं। गाजीपुर बार्डर से यह किसान पैदल मार्च करते हुए पलवल जाएंगे। 
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उन्होंने कहा कि जब तक सरकार इन तीनों कृषि कानूनों को वापस नहीं लेगी तब तक वह हाथों में मशाल लेकर इसी तरह सभी बॉर्डर पर किसानों को समर्थन देते रहेंगे। मशाल  यात्रा के साथ आए 82 वर्षीय राजपाल सिंह ने बताया कि यात्रा एक सप्ताह पूर्व हरियाणा के झज्जर गांव से शुरू की गई थी। पूरे सप्ताह लगातार चलते हुए हमने राह में आए विभिन्न गांवों में सभाएं कर लोगों को जागरूक करने का काम किया। 


होशियारपुर से आए बाबा कर रहे किसानों का उपचार
पंजाब के होशियारपुर से गाजीपुर बॉर्डर पहुंचे बाबा अजेब सिंह किसानों का उपचार कर रहे हैं। देशी नुस्खों और एक्यूप्रेशर के सहारे उपचार करने वाले बाबा अजेब सिंह का कहना है कि किसान आंदोलन को समर्थन देने का उनका यही तरीका है। उन्होंने इस दौरान आंदोलनरत किसानों का देसी नुस्खों से इलाज भी किया। बाबा का कहना है कि वह मरीजों की निशुल्क सेवा करते आए हैं। 

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