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सागर धनखड़ हत्या मामला : पहलवान अनिरुद्ध दहिया ने परीक्षा के लिए मांगी अंतरिम जमानत
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नई दिल्ली। छत्रसाल स्टेडियम में पहलवान सागर धनखड़ की हत्या के मामले में आरोपी एवं अंतरराष्ट्रीय पहलवान अनिरुद्ध दहिया ने कॉलेज के पेपर देने के लिए 15 दिन की अंतरिम जमानत मांगी है। इस मामले में ओलंपिक पदक विजेता रहे पहलवान सुशील कुमार मुख्य आरोपी हैं। अदालत ने याचिका पर मंगलवार को सुनवाई तय की है।
23 वर्षीय अनिरुद्ध दहिया ने आवेदन में तर्क रखा कि वह हरियाणा के एक निजी कॉलेज से बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन में डिग्री कोर्स कर रहा है। उसे चौथे सेमेस्टर की परीक्षा देनी है। इसके लिए उसे 27 सितंबर से 9 अक्तूबर तक जमानत की जरूरत है। याची ने तर्क रखा कि यदि उसे जमानत नहीं दी गई तो उसके भविष्य पर इसका असर पड़ेगा।
रोहिणी अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शिवाजी आनंद के समक्ष यह जमानत आवेदन दायर किया गया है। इस महीने यह दूसरा मौका है जब आरोपी ने परीक्षा के लिए अंतरिम जमानत मांगी है। अदालत ने पहले और तीसरे सेमेस्टर की परीक्षा में बैठने के लिए अंतरिम जमानत की मांग याचिका खारिज कर दी थी, लेकिन जेल से ऑनलाइन परीक्षा देने की अनुमति दे दी थी।
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वर्तमान जमानत याचिका में दहिया ने दावा किया है कि उन्हें पांच परीक्षाओं में शामिल होना है। अगर उन्हें उनकी तैयारी के लिए समय नहीं दिया गया तो उनका पूरा भविष्य बर्बाद हो जाएगा।
अधिवक्ता प्रदीप राणा के माध्यम से दायर याचिका में कहा गया है कि आरोपी को अगर उसे परीक्षाएं देने से रोका जाता है तो उसका एक महत्वपूर्ण वर्ष बर्बाद हो जाएगा। अदालत ने भले ही जेल से ऑनलाइन मोड से परीक्षा देने की अनुमति दी थी लेकिन तकनीकी जटिलताओं और प्रशासनिक खामियों के कारण वह उनमें बैठ नहीं सका।
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23 वर्षीय अनिरुद्ध दहिया ने आवेदन में तर्क रखा कि वह हरियाणा के एक निजी कॉलेज से बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन में डिग्री कोर्स कर रहा है। उसे चौथे सेमेस्टर की परीक्षा देनी है। इसके लिए उसे 27 सितंबर से 9 अक्तूबर तक जमानत की जरूरत है। याची ने तर्क रखा कि यदि उसे जमानत नहीं दी गई तो उसके भविष्य पर इसका असर पड़ेगा।
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रोहिणी अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शिवाजी आनंद के समक्ष यह जमानत आवेदन दायर किया गया है। इस महीने यह दूसरा मौका है जब आरोपी ने परीक्षा के लिए अंतरिम जमानत मांगी है। अदालत ने पहले और तीसरे सेमेस्टर की परीक्षा में बैठने के लिए अंतरिम जमानत की मांग याचिका खारिज कर दी थी, लेकिन जेल से ऑनलाइन परीक्षा देने की अनुमति दे दी थी।
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वर्तमान जमानत याचिका में दहिया ने दावा किया है कि उन्हें पांच परीक्षाओं में शामिल होना है। अगर उन्हें उनकी तैयारी के लिए समय नहीं दिया गया तो उनका पूरा भविष्य बर्बाद हो जाएगा।
अधिवक्ता प्रदीप राणा के माध्यम से दायर याचिका में कहा गया है कि आरोपी को अगर उसे परीक्षाएं देने से रोका जाता है तो उसका एक महत्वपूर्ण वर्ष बर्बाद हो जाएगा। अदालत ने भले ही जेल से ऑनलाइन मोड से परीक्षा देने की अनुमति दी थी लेकिन तकनीकी जटिलताओं और प्रशासनिक खामियों के कारण वह उनमें बैठ नहीं सका।