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दिपेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी के खिलाफ महिला कांग्रेस का प्रदर्शन

Sat, 13 Jul 2019 01:03 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 13 Jul 2019 01:03 AM IST
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Women congress protest against petrol diesel price hike
दिल्ली के पंडित दीनदयाल उपाध्याय मार्ग स्थित भाजपा मुख्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन करती कांग्रे? - फोटो : Ashram
पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी के खिलाफ महिला कांग्रेस का प्रदर्शन
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नई दिल्ली। दिल्ली प्रदेश महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाए जाने के विरोध में दीनदयाल उपाध्याय मार्ग स्थित भारतीय जनता पार्टी मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकार से पेट्रोल और डीजल पर बढ़ाई गई एक्साइज ड्यूटी की दरों को तुरंत प्रभाव से वापस लेने की मांग की।
प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष शर्मिष्ठा मुखर्जी ने कहा कि मोदी सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल के शुरुआती बजट में ही पेट्रोल पर 2.50 रुपये और डीजल पर 2.30 रुपये की प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी में बढ़ोतरी कर दी। मोदी सरकार का जनविरोधी रवैये का खुलासा इस बात से होता है कि अपने दूसरे कार्यकाल के शुरुआत में ही गरीब, मध्यम वर्ग और आम लोगों की जेब पर डाका डालना शुरू कर दिया है। केंद्र सरकार कॉरपोरेट कंपनियां जो 400 करोड़ से अधिक का कारोबार कर रही है उनको 25 प्रतिशत से 30 प्रतिशत तक को आयकर घटाकर राहत दे रही है और दूसरी ओर आम लोग विशेष रुप से सार्वजनिक परिवहन, दोपहिया वाहन का उपयोग करने वाले, छोटे किसान जो पंप आदि डीजल से चलते है इन पर सरकार टैक्स का अतिरिक्त बोझ डालकर अपनी तिजोरी भरेगी।
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उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की दरों में रिकॉर्ड तोड़ कमी होने के बावजूद मोदी सरकार के कार्यकाल में पेट्रोल और डीजल की दरों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। मोदी सरकार के पिछले 5 वर्षों के कार्यकाल में पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 211 प्रतिशत और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 443 प्रतिशत बढ़ाई गई। यह अतिरिक्त बढ़ोतरी का भार देश भर के गरीब और आम जनता पर पड़ा। इसका परिणाम पूरी तरह खाद्य पर पड़ता है जिससे गृहणियों का सीमित बजट बहुत अधिक प्रभावित होता है। निर्मला सीतारमन पहली महिला वित्त मंत्री है जिन्होंने इंदिरा गांधी के बाद केंद्रीय बजट पेश किया है, इन्हें महिलाओं के प्रति सहानुभूति होनी चाहिए। इनके बजट में कुछ भी प्रर्याप्त नहीं है बल्कि अतिरिक्त कर लगाकर उनकी समस्याएं अधिक बढ़ा दी गई हैं।
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