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मिसाल: 38 मिनट में 30 किलोमीटर का सफर तय कर दिल्ली पहुंचा महिला का दिल,बीएलके अस्पताल में 50 वर्षीय मरीज को लगाया
Fri, 10 Dec 2021 11:06 PM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Fri, 10 Dec 2021 11:06 PM IST
सार
दिल्ली पुलिस ने गुरुग्राम से करोल बाग तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया था जिसके चलते 37 मिनट और 58 सेंकड में यह सफर पूरा हुआ।
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गुरुग्राम से बीएलके अस्पताल पहुंचा महिला का दिल
- फोटो : amar ujala
विस्तार
अंगदान और प्रत्यारोपण को लेकर राजधानी की सड़कों पर अक्सर ग्रीन कॉरिडोर बनते हैं लेकिन ऐसा काफी दुर्लभ होता है जब किसी महिला या पुरुष का अंग किसी पुरुष या फिर महिला को प्रत्यारोपित होता है। बीएलके अस्पताल में ऐसा ही एक मामला आया है। यहां 50 वर्षीय भर्ती पुरुष मरीज को एक महिला का दिल प्रत्यारोपित किया गया। 38 मिनट में 30 किलोमीटर का सफर तय करने के बाद 53 वर्षीय महिला का दिल गुरुग्राम के एक प्राइवेट अस्पताल से करोल बाग तक पहुंचा और प्रत्यारोपित किया गया। जानकारी के अनुसार दिल्ली पुलिस ने गुरुग्राम से करोल बाग तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया था जिसके चलते 37 मिनट और 58 सेंकड में यह सफर पूरा हुआ।
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बीएलके अस्पताल के डॉ. नरेश गोयल ने बताया कि ब्रेन स्ट्रोक से पीड़ित 53 वर्षीय महिला गुरुग्राम के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती थीं। ब्रेन डेड होने और परिजनों की काउंसलिंग करने के बाद वे अंगदान के लिए तैयार हो गए। चूंकि बीएलके अस्पताल में एक मरीज वेटिंग में था। इसलिए अस्पताल को सूचना मिलने के बाद तत्काल एक टीम बनाई गई और वह गुरुग्राम रवाना हुई। यहां से कुछ घंटे बाद टीम दिल के साथ दिल्ली के लिए रवाना हुई। दिल्ली पुलिस ने इसमें सहयोग किया और ग्रीन कॉरिडोर बनाया।
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डॉ. गोयल ने बताया कि उनके यहां भर्ती 50 वर्षीय पुरुष मरीज लंबे समय से बीमार थे। साल 2016 से अब तक दो दो बार उनकी एंजियोप्लास्टि की जा चुकी है। हालांकि अत्यधिक हालत खराब होने के चलते इन्हें दिल प्रत्यारोपण की सलाह दी गई थी लेकिन आमतौर पर किडनी या लिवर से ज्यादा दिल की वेटिंग रहती है जिसकी वजह से मरीजों को समय रहते प्रत्यारोपण का लाभ नहीं मिल पाता है।
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उन्होंने लोगों से अपील की है कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में अंगदान के जरिए ऐसे जरूरतमंदों की जान बचाई जा सकती है। डॉ. गोयल ने बताया कि दिल प्रत्यारोपण शुक्रवार देर रात तक चला और वह सफल रहा। फिलहाल मरीज डॉक्टरों की निगरानी में है।