दिल्ली-NCR में मौसम ने ली अंगड़ाई: आसमान में काले बादलों ने जमाया डेरा, कई इलाकों में बारिश; जानें पूर्वानुमान
पश्चिमी विक्षोभ के असर से राजधानी का मौसम बदला और हल्की बारिश हुई। आंधी और बौछारें पड़ने से अलग-अलग हिस्सों में ट्रैफिक रेंगता नजर आया। तेज आंधी से एनसीआर के कई इलाकों में बिजली भी गुल हो गई। इस दौरान शाम 5:30 बजे तक सफदरजंग मानक वेधशाला में 2.1 एमएम बारिश दर्ज की गई।
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विस्तार
दिल्ली में पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिल रहा है। सोमवार को हुई बारिश की मौजूदगी मंगलवार को भी देखने को मिली। सुबह के समय सूरज अपने तेवर दिखाकर लोगों को परेशान कर रहा था। यह स्थिति ज्यादा देर तक नहीं रही। ऐसे में आसमान में एकदम से बादल छाए और उन्होंने सूरज को अपने आगोश में ले लिया। दिनभर बादल और सूर्यदेव के बीच आंख-मिचौली का खेल जारी रहा। लेकिन, दोपहर के समय मौसम पूरी तरह बदल गया। अचानक काले बादलों के साथ अंधेरा छा गया। ऐसा लग रहा था कि मानों दिन में काली घटा छा गई हो। इस दौरान कई जगहों पर तेज आंधी के साथ बारिश हुई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली।
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(Full video available on PTI Videos - https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/mY4FMD69JMविज्ञापन विज्ञापन— Press Trust of India (@PTI_News) March 31, 2026
दूसरी ओर, आंधी और बौछारें पड़ने से अलग-अलग हिस्सों में ट्रैफिक रेंगता नजर आया। तेज आंधी से एनसीआर के कई इलाकों में बिजली भी गुल हो गई। इस दौरान शाम 5:30 बजे तक सफदरजंग मानक वेधशाला में 2.1 एमएम बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा, बीते 24 घंटे में 0.5 बारिश रिकॉर्ड की गई। साथ ही, दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, इस दौरान अधिकतम तापमान 32.6 और न्यूनतम तापमान 19.4 डिग्री दर्ज हुआ। दिल्ली में अधिकतम आर्द्रता 96 प्रतिशत और न्यूनतम आर्द्रता 36 प्रतिशत रही। मौसम विभाग के अनुसार, रिज में 33.9, आया नगर में 33.8 और पालम और लोधी रोड़ में 33.2 अधिकतम पारा दर्ज किया गया।
बारिश के बावजूद बीते 4 वर्षों में सबसे गर्म रहा मार्च
दिल्ली में सामान्य से 15 प्रतिशत अधिक बारिश के बावजूद यह मार्च बीते चार साल का सबसे गर्म मार्च रहा है। न सिर्फ दिन बल्कि रात में भी गर्मी बढ़ी है। इस बीच पूर्वानुमान के अनुसार, अगले कुछ दिन अब तापमान तेजी से बढ़ेगा, जो 38 डिग्री तक पहुंच सकता है। इसके बाद तीन अप्रैल से मौसम एक बार फिर करवट ले सकता है। यह मार्च 2022 के बाद सबसे गर्म मार्च रहा है।
तीन साल बाद मार्च में अधिक बरसे बदरा
दिल्ली में इस बार मार्च महीने में तीन साल बाद अच्छी बारिश देखने को मिली है। आंकड़ों के अनुसार, जहां साल 2024 में मार्च में केवल 4.3 मिमी और 2025 में महज 2 मिमी बारिश दर्ज की गई थी, वहीं 2026 में यह आंकड़ा बढ़कर 19.82 मिमी तक पहुंच गया। हालांकि, यह बारिश सिर्फ दो दिनों में ही दर्ज की गई, लेकिन इसकी मात्रा पिछले वर्षों की तुलना में काफी अधिक रही। मौसम में इस बदलाव से तापमान में हल्की गिरावट आई और लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की अनियमित बारिश जलवायु परिवर्तन के संकेत भी हो सकते हैं, जिस पर ध्यान देना जरूरी है।
अप्रैल की शुरुआत, सूरज के तेवर के साथ
मौसम विभाग के अनुसार, अप्रैल के शुरुआती दो दिन सूरज अपने तेवर दिखाएगा। ऐसे में एक अप्रैल को 31-33 और दो अप्रैल को 32 से 34 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। दिल्ली में अगले दो दिन मौसम आम तौर पर बादलों भरा रहेगा।
2 अप्रैल को सक्रिय होगा नया पश्चिमी विक्षोभ, दिखेगा 3 अप्रैल से असर
मौसम विभाग के अनुसार, एक नया पश्चिमी विक्षोभ 2 अप्रैल से उत्तर-पश्चिमी भारत को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में इसका असर 3 और 4 मार्च को देखने को मिल सकता है। ऐसे में मौसम विभाग ने 3 और 4 अप्रैल को दिल्ली में गरज चमक के साथ हल्की बारिश या बौछारें पड़ने की संभावना जताई है। इससे मौसम एकबार फिर सुहावना हो जाएगा। इस दिन दिल्ली में 20 से 25 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, इस सप्ताह यानी तीन अप्रैल तक अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस से आगे नहीं जाएगा।
अप्रैल से जून तक पूर्वी, मध्य भारत में अधिक लू के दिन: आईएमडीभारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने मंगलवार को अपने मासिक पूर्वानुमान में बताया कि अप्रैल से जून के बीच देश के कुछ हिस्सों में सामान्य से अधिक लू के दिन रहेंगे। पूर्वी, मध्य और उत्तर-पश्चिमी भारत में अधिक लू के दिन रहेंगे। दक्षिण-पूर्वी प्रायद्वीप में भी लू का प्रभाव अधिक होगा। इन महीनों में, देश के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य रहेगा। कुछ जगह यह सामान्य से कम रहने की संभावना है। पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक होगा। मध्य भारत के पूर्वी हिस्से और आसपास के प्रायद्वीपीय क्षेत्रों में भी तापमान अधिक रहेगा। गर्मियों में (अप्रैल-मई-जून) देश के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रहेगा। महाराष्ट्र और तेलंगाना के कुछ क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान सामान्य रहेगा। यह सामान्य से कम भी रह सकता है।