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यमुना में बढ़ा अमोनिया स्तर: दिल्ली के 30 फीसदी हिस्सों में गहराया जल संकट; दो संयंत्रों में गिरा उत्पादन

Fri, 08 May 2026 09:09 PM IST
Rahul Kumar Tiwari अमर उजाला ब्यूरो, दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, दिल्ली Published by: Rahul Kumar Tiwari Updated Fri, 08 May 2026 09:09 PM IST
सार

दिल्ली में बढ़ती गर्मी के बीच यमुना नदी में अमोनिया स्तर बढ़ने से वजीराबाद और चंद्रावल जल शोधन संयंत्रों का उत्पादन 40-50 प्रतिशत तक घट गया है। इसका असर राजधानी के करीब 30 प्रतिशत इलाकों में पड़ा है।

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Water production dropped by 40 to 50 percent in two Jal Board plants due to increase in ammonia in Delhi
दिल्ली में यमुना - फोटो : X @ANI

विस्तार

राजधानी दिल्ली में गर्मी के बीच जलसंकट और गहराता नजर आ रहा है। यमुना नदी में अमोनिया (एनएच-3) की मात्रा बढ़ने से दिल्ली जल बोर्ड के दो प्रमुख जल शोधन संयंत्रों का उत्पादन करीब 40 से 50 प्रतिशत तक घट गया है। इसका असर नई दिल्ली समेत राजधानी के लगभग 30 प्रतिशत हिस्सों में पड़ा है। इन इलाकों में लोगों को कम दबाव से पानी मिलने लगा है।

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दिल्ली जल बोर्ड के अनुसार, वजीराबाद पोंड पर यमुना के पानी में अमोनिया की मात्रा 2.8 पीपीएम से अधिक दर्ज की गई है। इसके चलते वजीराबाद और चंद्रावल जल शोधन संयंत्रों (डब्ल्यूटीपी) में पानी शुद्ध करने की प्रक्रिया प्रभावित हुई है। तकनीकी कारणों से दोनों संयंत्रों की क्षमता कम करनी पड़ी, जिससे जल उत्पादन लगभग आधा रह गया। अधिकारियों ने कहा कि जब तक यमुना के पानी की गुणवत्ता में सुधार नहीं होता, तब तक कई इलाकों में पानी की सप्लाई कम दबाव पर जारी रहेगी।
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बोर्ड के मुताबिक, अमोनिया की अधिक मात्रा वाले पानी को शुद्ध करना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है। यदि ऐसे पानी को पूरी तरह साफ किए बिना सप्लाई किया जाए तो यह लोगों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। इसी कारण जल बोर्ड को नियंत्रित जलापूर्ति करनी पड़ रही है, ताकि पेयजल की गुणवत्ता से समझौता न हो। वजीराबाद जल शोधन संयंत्र से जुड़े मजनू का टीला, आईएसबीटी, जीपीओ, एनडीएमसी क्षेत्र, आईटीओ, हंस भवन, एलएनजेपी अस्पताल, डिफेंस कॉलोनी, सीजीओ कॉम्प्लेक्स, राजघाट, आईपी इमरजेंसी, रामलीला मैदान, दिल्ली गेट, सुभाष पार्क, गुलाबी बाग, तिमारपुर, एसएफएस फ्लैट्स, पंजाबी बाग, आजादपुर, शालीमार बाग, वजीरपुर, लॉरेंस रोड, मॉडल टाउन, जहांगीरपुरी, मूलचंद, साउथ एक्सटेंशन, ग्रेटर कैलाश, बुराड़ी, कैंटोनमेंट क्षेत्र और चंद्रावल जल शोधन संयंत्र से जुड़े एनडीएमसी क्षेत्र, करोल बाग, झंडेवालान, हिंदूराव, सिविल लाइंस, पटेल नगर, राजेंद्र नगर और शादीपुर जैसे इलाकों में भी जलापूर्ति प्रभावित हो गई है।
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डीजेबी की अपील, सवाधानी से करें पानी का इस्तेमाल : दिल्ली जल बोर्ड ने लोगों से अपील की है कि वे पानी का इस्तेमाल बेहद सावधानी से करें और अनावश्यक बर्बादी से बचें। लोगों को जरूरत के अनुसार पानी स्टोर करने और घरेलू उपयोग में संयम बरतने की सलाह दी गई है। दरअसल दिल्ली की पेयजल व्यवस्था काफी हद तक यमुना नदी पर निर्भर है। हरियाणा से आने वाले प्रदूषित पानी, औद्योगिक अपशिष्ट और सीवेज के चलते समय-समय पर यमुना में अमोनिया का स्तर बढ़ जाता है। इसका सीधा असर दिल्ली के जल शोधन संयंत्रों और पेयजल आपूर्ति पर पड़ता है। गर्मी के मौसम में पानी की मांग पहले से अधिक होने के कारण मौजूदा संकट ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है।

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