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कोरोना वायरस : सफदरजंग अस्पताल के कचरा प्रबंध में शामिल कर्मचारी हुआ संक्रमित
Fri, 15 May 2020 11:26 PM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Fri, 15 May 2020 11:26 PM IST
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कोरोनावायरस
- फोटो : pixabay
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कोरोना वायरस और अस्पतालों के जैविक कचरे को लेकर पिछले कई दिनों से एक बहस छिड़ी हुई है। विशेषज्ञों को आशंका है कि अगर कचरा प्रबंधन पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले दिनों में संक्रमण बढ़ सकता है।
ऐसे में दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में पहला केस सामने आ चुका है। यहां कचरा प्रबंधन में शामिल एक कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव मिला है। अब तक इस अस्पताल में 20 डॉक्टर सहित 30 से ज्यादा कर्मचारी संक्रमित हो चुके हैं।
सफदरजंग अस्पताल की संक्रमण कमेटी के एक सदस्य ने बताया कि सफदरजंग अस्पताल कोरोना का पहला नोडल सेंटर था। इसलिए यहां तैनात स्टाफ को पीपीई कैसे पहनना है और उसे कैसे उतारना है का प्रशिक्षण दिया गया था। बावजूद इसके कई बार स्वास्थ्य कर्मचारी इस ओर ध्यान नहीं देते हैं। जैविक कचरा प्रबंधन को लेकर अब अस्पताल में सख्त नियम कर दिए गए हैं। पीले और लाल रंग अलग अलग डिब्बे लगाए गए हैं ताकि संक्रमण को आगे बढ़ने से रोका जा सकता है।
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ऐसे में दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में पहला केस सामने आ चुका है। यहां कचरा प्रबंधन में शामिल एक कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव मिला है। अब तक इस अस्पताल में 20 डॉक्टर सहित 30 से ज्यादा कर्मचारी संक्रमित हो चुके हैं।
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सफदरजंग अस्पताल की संक्रमण कमेटी के एक सदस्य ने बताया कि सफदरजंग अस्पताल कोरोना का पहला नोडल सेंटर था। इसलिए यहां तैनात स्टाफ को पीपीई कैसे पहनना है और उसे कैसे उतारना है का प्रशिक्षण दिया गया था। बावजूद इसके कई बार स्वास्थ्य कर्मचारी इस ओर ध्यान नहीं देते हैं। जैविक कचरा प्रबंधन को लेकर अब अस्पताल में सख्त नियम कर दिए गए हैं। पीले और लाल रंग अलग अलग डिब्बे लगाए गए हैं ताकि संक्रमण को आगे बढ़ने से रोका जा सकता है।
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जानकारी के अनुसार हाल ही में ईएनटी और एनेस्थिसिया विभाग के दो डॉक्टर कोरोना की चपेट में आ चुके हैं। सबसे पहले बीते महीने अस्पताल के पल्मोनरी विभाग के एक डॉक्टर और बॉयोकेमिस्ट्री विभाग की महिला डॉक्टर कोरोना की चपेट में आई थीं। इनमें से एक कोविड वार्ड में तैनात थे जबकि महिला डॉक्टर विदेश से संक्रमित होकर आई थीं। इसके कुछ समय बाद गायनी विभाग में एक रेजीडेंट डॉक्टर संक्रमित हुई थी जिसके बाद से स्वास्थ्य कर्मचारियों के संक्रमित होने का सिलसिला जारी है।