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Delhi News: लीड
Fri, 23 Oct 2026 08:17 PM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, दिल्ली
संवाद न्यूज एजेंसी, दिल्ली
Updated Fri, 23 Oct 2026 08:17 PM IST
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जेवर के लाल वरुण सिंह भाटी ने जापान में चल रहे एशियाई पैरा खेलों में रजत पदक जीतकर क्षेत्र का न
वरुण सिंह भाटी ने एशियाई खेलों में जीता रजत
छोटे भाई प्रवीण की मेहनत लाई रंग, दिलाए देश को दो पदक
आशीष शर्मा
यमुना सिटी। जिंदगी में मुश्किलें कितनी भी बड़ी क्यों न हों, मजबूत हौसले और मेहनत के दम पर उन्हें पार किया जा सकता है। इस बात को दनकौर क्षेत्र के जमालपुर निवासी पैरा एथलीट वरुण सिंह भाटी ने साबित कर दिखाया है। छह साल की उम्र में पैरालिसिस होने के बाद भी वरुण ने हार नहीं मानी। उन्होंने खेल को अपना लक्ष्य बनाया और लगातार मेहनत कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई। जापान में आयोजित एशियाई खेलों में रजत पदक जीतकर उन्होंने एक बार फिर देश और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। वरुण के रजत पदक जीतने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर वरुण को शुभकामनाएं दीं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी बधाई दी। साथ ही क्षेत्रीय राजनेताओं ने भी शुभकामनाओं के साथ उत्साहवर्धन किया।
छोटे भाई प्रवीण की मेहनत ने बढ़ाया हौसला
वरुण की इस उपलब्धि के पीछे उनके परिवार का सहयोग और मेहनत भी अहम रही है। उनके छोटे भाई प्रवीण ने भी खेल के क्षेत्र में योगदान दिया है। परिवार के अनुसार, प्रवीण ने वरुण के साथ कांस्य पदक जीतने वाले राहुल सरोहा को भी प्रशिक्षण दिया है। परिवार को वरुण की उपलब्धि पर गर्व है। हालांकि, वह स्वर्ण पदक जीतने से चूक गए, लेकिन रजत पदक हासिल कर उन्होंने अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
पिता ने बेटे के संघर्ष और मेहनत को सराहा
वरुण के पिता ने बताया कि जब उनका बेटा छह साल का था, तभी उसको पैरालिसिस हो गया था। इसके बावजूद वरुण ने हिम्मत नहीं हारी। गुरु मनीष त्रिपाठी की सलाह पर उन्होंने बास्केटबॉल खेलना शुरू किया। प्रशिक्षण के दौरान उनकी रुचि हाई जंप में बढ़ने लगी। इसके बाद उन्होंने इसी खेल में आगे बढ़ने के लिए कड़ी मेहनत शुरू की। नियमित अभ्यास, लगन और दृढ़ इच्छाशक्ति के दम पर वरुण ने खेल जगत में अपनी अलग पहचान बनाई।
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अर्जुन पुरस्कार से हो चुके हैं सम्मानित
वरुण सिंह भाटी ने अपनी खेल प्रतिभा के दम पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धियां हासिल की हैं। उनकी खेल उपलब्धियों के लिए वर्ष 2018 में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्हें अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया था। इसके साथ ही उन्हें उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से लक्ष्मण पुरस्कार भी मिल चुका है। वरुण की सफलता से जेवर क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है।
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छोटे भाई प्रवीण की मेहनत लाई रंग, दिलाए देश को दो पदक
आशीष शर्मा
यमुना सिटी। जिंदगी में मुश्किलें कितनी भी बड़ी क्यों न हों, मजबूत हौसले और मेहनत के दम पर उन्हें पार किया जा सकता है। इस बात को दनकौर क्षेत्र के जमालपुर निवासी पैरा एथलीट वरुण सिंह भाटी ने साबित कर दिखाया है। छह साल की उम्र में पैरालिसिस होने के बाद भी वरुण ने हार नहीं मानी। उन्होंने खेल को अपना लक्ष्य बनाया और लगातार मेहनत कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई। जापान में आयोजित एशियाई खेलों में रजत पदक जीतकर उन्होंने एक बार फिर देश और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। वरुण के रजत पदक जीतने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर वरुण को शुभकामनाएं दीं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी बधाई दी। साथ ही क्षेत्रीय राजनेताओं ने भी शुभकामनाओं के साथ उत्साहवर्धन किया।
छोटे भाई प्रवीण की मेहनत ने बढ़ाया हौसला
वरुण की इस उपलब्धि के पीछे उनके परिवार का सहयोग और मेहनत भी अहम रही है। उनके छोटे भाई प्रवीण ने भी खेल के क्षेत्र में योगदान दिया है। परिवार के अनुसार, प्रवीण ने वरुण के साथ कांस्य पदक जीतने वाले राहुल सरोहा को भी प्रशिक्षण दिया है। परिवार को वरुण की उपलब्धि पर गर्व है। हालांकि, वह स्वर्ण पदक जीतने से चूक गए, लेकिन रजत पदक हासिल कर उन्होंने अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
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पिता ने बेटे के संघर्ष और मेहनत को सराहा
वरुण के पिता ने बताया कि जब उनका बेटा छह साल का था, तभी उसको पैरालिसिस हो गया था। इसके बावजूद वरुण ने हिम्मत नहीं हारी। गुरु मनीष त्रिपाठी की सलाह पर उन्होंने बास्केटबॉल खेलना शुरू किया। प्रशिक्षण के दौरान उनकी रुचि हाई जंप में बढ़ने लगी। इसके बाद उन्होंने इसी खेल में आगे बढ़ने के लिए कड़ी मेहनत शुरू की। नियमित अभ्यास, लगन और दृढ़ इच्छाशक्ति के दम पर वरुण ने खेल जगत में अपनी अलग पहचान बनाई।
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अर्जुन पुरस्कार से हो चुके हैं सम्मानित
वरुण सिंह भाटी ने अपनी खेल प्रतिभा के दम पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धियां हासिल की हैं। उनकी खेल उपलब्धियों के लिए वर्ष 2018 में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्हें अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया था। इसके साथ ही उन्हें उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से लक्ष्मण पुरस्कार भी मिल चुका है। वरुण की सफलता से जेवर क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है।