{"_id":"62379c88c31bee77707b6dd0","slug":"vaccine-only-will-save-corbevax-developing-enough-antibodies-in-children-doctors-appeal-to-parents-vaccination-does-not-harm","type":"story","status":"publish","title_hn":"टीका ही बचाएगा: बच्चों में पर्याप्त एंटीबॉडी विकसित कर रही कोर्बेवैक्स, डॉक्टरों की अभिभावकों से अपील, टीकाकरण से नुकसान नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टीका ही बचाएगा: बच्चों में पर्याप्त एंटीबॉडी विकसित कर रही कोर्बेवैक्स, डॉक्टरों की अभिभावकों से अपील, टीकाकरण से नुकसान नहीं
Mon, 21 Mar 2022 02:58 AM IST
सुशील कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: सुशील कुमार
Updated Mon, 21 Mar 2022 02:58 AM IST
सार
अमर उजाला के अभियान ‘टीका ही बचाएगा’ के तहत अध्ययन में शामिल विशेषज्ञों ने बताया कि देश में 95 फीसदी से अधिक आबादी टीकाकरण करा चुकी है। फिर भी लोगों में टीकाकरण के प्रति हिचक और भ्रांतियां देखने को मिल रही हैं, जबकि वैज्ञानिक तथ्य टीकाकरण का समर्थन कर रहे हैं।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कोविड सतर्कता व्यवहार और टीकाकरण, अब तक यही दो उपाय करोड़ों लोगों का कोरोना महामारी से बचाव करते आ रहे हैं। चार दिन पहले ही दिल्ली सहित देशभर में 12 से 14 वर्ष के बच्चों के लिए टीकाकरण भी शुरू किया गया, जिन्हें कोर्बेवैक्स वैक्सीन की खुराक दी जा रही है। कोर्बेवैक्स पर एक चिकित्सीय अध्ययन भी सामने आया है, जिसके मुताबिक बच्चों में यह टीका काफी तेजी से और पर्याप्त मात्रा में संक्रमण के खिलाफ एंटीबॉडी विकसित कर रहा है।
विज्ञापन
अमर उजाला के अभियान ‘टीका ही बचाएगा’ के तहत अध्ययन में शामिल विशेषज्ञों ने बताया कि देश में 95 फीसदी से अधिक आबादी टीकाकरण करा चुकी है। फिर भी लोगों में टीकाकरण के प्रति हिचक और भ्रांतियां देखने को मिल रही हैं, जबकि वैज्ञानिक तथ्य टीकाकरण का समर्थन कर रहे हैं। अभिभावकों को टीकाकरण से घबराने की आवश्यकता नहीं है। इससे बच्चों का नुकसान नहीं होगा, बल्कि उनका कोरोना से बचाव होगा।
विज्ञापन
मेडिकल जर्नल मेडरेक्सिव में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, कोर्बेवैक्स की पहली खुराक लेने के बाद छह माह तक शरीर में पर्याप्त एंटीबॉडी देखने को मिल रही है। दूसरी खुराक लेने के बाद इनकी संख्या और अधिक हो रही है, जो संक्रमण से लड़ने में मददगार है। जानकारी के मुताबिक, भारत सरकार के बायोटेक्नोलॉजी विभाग, बिल और मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन से सहायता प्राप्त यह अध्ययन पटना एम्स, फरीदाबाद स्थित अनुवादकीय स्वास्थ्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी संस्थान सहित देश के शीर्ष अनुसंधान संस्थानों ने मिलकर पूरा किया है।
विज्ञापन
जोखिम को दूर करना बहुत जरूरी : एम्स
नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने बताया कि कोर्बेवैक्स पर अब तक कई चिकित्सीय अध्ययन हुए हैं, जिनमें यह टीका पूरी तरह से सुरक्षित और असरदार साबित हुआ है। अभी तक हमने देखा है कि छोटे बच्चों में संक्रमण का जोखिम बहुत अधिक नहीं है, लेकिन 12 वर्ष या उससे अधिक आयु के बच्चे और किशोरों में संक्रमण का असर दिखाई देता है। इसलिए वयस्क, बुजुर्ग और फ्रंटलाइन वर्कर की भांति इन्हें भी बचाव की सबसे अधिक जरूरत है। अभिभावकों को इसमें बिल्कुल भी देरी नहीं करनी चाहिए और नजदीकी केंद्र पर जाकर टीकाकरण कराना चाहिए।
चार फीसदी बच्चों ने लगवाया टीका
दिल्ली में अभी तक चार फीसदी बच्चों ने टीका लगवाया है। 16 मार्च से शुरू टीकाकरण कार्यक्रम के तहत अब तक 24 हजार से अधिक बच्चों ने पहली खुराक ली है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, राजधानी में 12 से 14 वर्ष की आयु के बच्चों की आबादी छह लाख से अधिक है। अगर इन बच्चों की कुल आबादी से तुलना करें तो रविवार तक 4.05 फीसदी बच्चों का टीकाकरण हो पाया है। विभाग ने उम्मीद जताई है कि आगामी दिनों में स्कूल खुलने के बाद टीकाकरण में तेजी दर्ज की जा सकती है।
दिल्ली में टीकाकरण पर नजर
12 से 14 वर्ष 24359
15 से 17 वर्ष 16,43,492
18 से 44 वर्ष 2,09,24,605
45 से 60 वर्ष 62,31,530
60 से अधिक वर्ष 30,94,286
कुल टीकाकरण 3,19,18,272
पहली खुराक 1,73,73,733
दूसरी खुराक 1,40,87,437