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शताब्दी एक्सप्रेस की चपेट में आने से दो रेलवे पुलिसकर्मियों की मौत
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नई दिल्ली। आनंद विहार इलाके में बुधवार देर रात ट्रैक पर पेट्रोलिंग कर रहे दो रेलवे पुलिसकर्मियों की शताब्दी एक्सप्रेस की चपेट में आने से मौत हो गई। ट्रेन के चालक ने हादसे की सूचना नजदीकी रेलवे स्टेशन को दी। दोनों की शिनाख्त हवलदार कैलाश चंद शर्मा (58) और सिपाही रंजन (28) के रूप में हुई है। आनंद विहार रेलवे स्टेशन थाना पुलिस हादसे के कारणों का पता लगा रही है। वहीं पुलिस से ट्रेन के ड्राइवर ने कहा उसने दोनों को हटाने के लिए हॉर्न बजाया था लेकिन पुलिसकर्मी आवाज नहीं सुन पाए और ट्रेन की चपेट में आ गए।
रेलवे पुलिस उपायुक्त हरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि मूलरूप से गांव अजनारा, बुलंदशहर निवासी हवलदार कैलाश चंद शर्मा लालकुआं, गाजियाबाद में रहता था। उसके परिवार में पत्नी, बेटा और दो भाई हैं। वहीं मूलरूप से गया, बिहार का रहने वाला रंजन आनंद विहार रेलवे स्टेशन स्थित आरपीएफ के बैरक में रहता था। उसके परिवार में माता-पिता के अलावा दो भाई हैं। बुधवार शाम 7:00 बजे से सुबह 6:00 बजे तक दोनों की ड्यूटी आनंद विहार से मंडावली रेलवे स्टेशन के बीच रेलवे ट्रैक पर पेट्रोलिंग करने की थी। दोनों गश्त कर रहे थे। आनंद विहार इलाके में ही नाले के पास दिल्ली की ओर से आ रही एक ट्रेन को दोनों दूसरे ट्रैक पर खड़े होकर पास कराने लगे। ट्रेन नाले से गुजर रही थी, इसलिए ट्रेन की आवाज दोगुनी हो गई। वहीं जिस ट्रैक पर दोनों जवान खड़े थे, उस पर गाजियाबाद की ओर से देहरादून शताब्दी एक्सप्रेस आ गई। दोनों ट्रेन की चपेट में आ गए। एक जवान का आधा शव नाले में जा गिरा।
रात 12:40 बजे हादसे की सूचना आनंद विहार रेलवे स्टेशन थाना पुलिस को मिली। तुरंत पुलिस मौके पर पहुंच गई। वहां से दोनों शव बरामद हुए। तुरंत औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम के बाद शवों को परिवार हवाले कर दिया गया। रंजन का शव लेकर उसका भाई गया रवाना हो गया। वहीं कैलाश का गाजियाबाद स्थित श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। पुलिस हादसे के सही कारणों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
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रेलवे पुलिस उपायुक्त हरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि मूलरूप से गांव अजनारा, बुलंदशहर निवासी हवलदार कैलाश चंद शर्मा लालकुआं, गाजियाबाद में रहता था। उसके परिवार में पत्नी, बेटा और दो भाई हैं। वहीं मूलरूप से गया, बिहार का रहने वाला रंजन आनंद विहार रेलवे स्टेशन स्थित आरपीएफ के बैरक में रहता था। उसके परिवार में माता-पिता के अलावा दो भाई हैं। बुधवार शाम 7:00 बजे से सुबह 6:00 बजे तक दोनों की ड्यूटी आनंद विहार से मंडावली रेलवे स्टेशन के बीच रेलवे ट्रैक पर पेट्रोलिंग करने की थी। दोनों गश्त कर रहे थे। आनंद विहार इलाके में ही नाले के पास दिल्ली की ओर से आ रही एक ट्रेन को दोनों दूसरे ट्रैक पर खड़े होकर पास कराने लगे। ट्रेन नाले से गुजर रही थी, इसलिए ट्रेन की आवाज दोगुनी हो गई। वहीं जिस ट्रैक पर दोनों जवान खड़े थे, उस पर गाजियाबाद की ओर से देहरादून शताब्दी एक्सप्रेस आ गई। दोनों ट्रेन की चपेट में आ गए। एक जवान का आधा शव नाले में जा गिरा।
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रात 12:40 बजे हादसे की सूचना आनंद विहार रेलवे स्टेशन थाना पुलिस को मिली। तुरंत पुलिस मौके पर पहुंच गई। वहां से दोनों शव बरामद हुए। तुरंत औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम के बाद शवों को परिवार हवाले कर दिया गया। रंजन का शव लेकर उसका भाई गया रवाना हो गया। वहीं कैलाश का गाजियाबाद स्थित श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। पुलिस हादसे के सही कारणों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
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