और सुगम होगा सफर: दक्षिण दिल्ली का मेट्रो हब बन जाएगा तुगलकाबाद मेट्रो स्टेशन, सब-वे से जुड़ेंगे दो स्टेशन
फेज-चार के तुगलकाबाद-एयरोसिटी कॉरिडोर (सिल्वर लाइन) पर भूमिगत हिस्से में निर्माण के लिए जापान इंटरनेशनल को ऑपरेशन (जिका) से मंजूरी मिलने के बाद, इसी साल कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा।
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दक्षिण दिल्ली के तुगलकाबाद मेट्रो स्टेशन को हब के तौर पर विकसित किया जाएगा। इससे फरीदाबाद लाइन से सफर करने वाले मुसाफिरों का एयरपोर्ट का संपर्क सीधा होगा। कम वक्त में अधिक दूरी तय करने की सुविधा से हरियाणा के फरीदाबाद वासियों समेत तुगलकाबाद और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को काफी राहत मिलेगी। फेज-चार के तुगलकाबाद-एयरोसिटी कॉरिडोर (सिल्वर लाइन) पर भूमिगत हिस्से में निर्माण के लिए जापान इंटरनेशनल को ऑपरेशन (जिका) से मंजूरी मिलने के बाद, इसी साल कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा। यह कॉरिडोर एयरपोर्ट एक्सप्रेस लिंक को वायलेट लाइन से जोड़ेगा। बेहतर कनेक्टिविटी के लिए वॉयलेट लाइन-सिल्वर लाइन पर दो स्टेशन होंगे। नए तुगलकाबाद मेट्रो स्टेशन को इंटरचेंज स्टेशन के तौर पर विकसित किया जाएगा।
सिल्वर लाइन पर कुल 15 स्टेशन होंगे। वायलेट लाइन (कश्मीरी गेट-राजा नाहर सिंह) और सिल्वर कॉरिडोर (तुगलकाबाद-एयरोसिटी) पर निर्माण पूरा होने के बाद फरीदाबाद से यात्रियों के लिए एयरपोर्ट पहुंचना बेहद आसान हो जाएगा। इससे बड़ी आबादी को राहत मिलेगी। तुगलकाबाद मेट्रो स्टेशन को फेज-4 के इंटरचेंज स्टेशन का रूप दिया जाएगा। मौजूदा स्टेशन एलिवेटेड है जबकि नया स्टेशन भूमिगत होगा।
नए स्टेशन को चार स्तरीय भूमिगत संरचना के रूप में विकसित किया जाएगा। ग्राउंड पर प्लेटफॉर्म (करीब 23 मीटर की गहराई पर), फिर कॉनकोर्स और इसके बाद पार्किंग के लिए एक पूरी मंजिल होगी। इसके ऊपर छत का स्तर होगा (जमीनी स्तर)। भूमिगत पार्किंग में करीब 200 वाहनों के पार्किंग की सुविधा होगी। इसमें लिफ्ट, सीढ़ियां और एस्केलेटर के जरिये यात्रियों को दोनों लाइनों के बीच मेट्रो इंटरचेंज की सुविधा मुहैया की जाएगी।तुगलकाबाद मेट्रो इंटरचेंज स्टेशन पर प्रस्तावित भूमिगत पार्किंग दिल्ली की पहली पार्किंग होगी। इससे पहले ग्रे लाइन पर ढांसा बस स्टैंड में ही ऐसा प्रावधान है।
नए और पुराने तुगलकाबाद मेट्रो स्टेशनों को जोड़ने के लिए एक सब-वे का निर्माण किया जाएगा। करीब 100 मीटर के सब-वे से यात्रियों को मेट्रो में सफर करने के लिए लाइन बदलने में सहूलियत होगी। नए कॉरिडोर का टर्मिनल स्टेशन होने के कारण तुगलकाबाद को मौजूदा सरिता विहार डिपो से से सुरंग के जरिये जोड़ा जाएगा। सिल्वर लाइन पर मेट्रो के सुचारू परिचालन को ध्यान में रखते हुए सरिता विहार डिपो का विस्तार किया जा रहा है। फिलहाल इस डिपो से केवल वॉयलेट लाइन की जरूरतें पूरी हो रही है।
इस नई लाइन पर मेट्रो परिचालन की शुरुआत से हरियाणा के फरीदाबाद और दूरदराज के यात्रियों को तुगलकाबाद इंटरचेंज से समय की बचत होगी। घरेलू हवाई अड्डे के लिए अब सीधी कनेक्टिविटी का लाभ मिल सकेगा। वर्तमान में वायलेट लाइन से यात्रियों को केंद्रीय सचिवालय तक पहुंचने के बाद घरेलू और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा तक पहुंचने के लिए एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन का उपयोग करना पड़ता है। इसमें करीब डेढ़ घंटा वक्त लगता है जबकि नए कॉरिडोर के तैयार होने से 50 फीसदी समय की बचत होगी। यानि 45-50 मिनट में यात्री तुगलकाबाद से एयरपोर्ट तक पहुंच सकेंगे।