{"_id":"5ee80ae42f49452e2a580431","slug":"three-meetings-one-inspection-and-more-than-12-orders-issued-in-36-hours","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"केंद्र-दिल्ली की संयुक्त पहल: 36 घंटे में तीन बैठक, एक निरीक्षण और 12 से ज्यादा आदेश जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
केंद्र-दिल्ली की संयुक्त पहल: 36 घंटे में तीन बैठक, एक निरीक्षण और 12 से ज्यादा आदेश जारी
Tue, 16 Jun 2020 05:27 AM IST
अवधेश कुमार
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
Published by: अवधेश कुमार
Updated Tue, 16 Jun 2020 05:27 AM IST
विज्ञापन
Amit Shah at LNJP hospital
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महामारी संकट से जूझ रही देश की राजधानी दिल्ली में अब कोरोना वायरस समन्वय के साथ लड़ाई में हारेगा। केंद्र और दिल्ली की संयुक्त पहल का असर है कि दो दिन में मरीजों के इलाज से लेकर राजनीतिक दलों के विश्वास जीतने तक पर काम हुआ। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने 36 घंटे में तीन बैठकें कीं। इन मैराथन बैठकों में केंद्र से लेकर नगर निगम तक, कांग्रेस से लेकर आम आदमी पार्टी तक कोविड से जुड़े हर पहलु पर न सिर्फ चर्चा हुई बल्कि एक के बाद एक बारह आदेश भी जारी किए गए। इसी बीच दिल्ली सरकार के लोकनायक अस्पताल भी पहली बार केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पहुंचे और वहां उन्होंने इस संकट से बचाने में मददगार कोरोना योद्घाओं की हौसलाफजाई भी की।
रविवार को सबसे पहले अमित शाह ने उपराज्यपाल अनिल बैजल, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन के साथ बैठक की। इस बैठक के खत्म होने के करीब चार घंटे बाद वापस एलजी, सीएम और तीनों निगम के मेयर के साथ बैठक हुई। इसके बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक के बाद एक तीन आदेश जारी किए, जिसमें एम्स की हेल्पलाइन, शव प्रबंधन और तीन समितियों का गठन शामिल है।
विज्ञापन
रविवार को सबसे पहले अमित शाह ने उपराज्यपाल अनिल बैजल, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन के साथ बैठक की। इस बैठक के खत्म होने के करीब चार घंटे बाद वापस एलजी, सीएम और तीनों निगम के मेयर के साथ बैठक हुई। इसके बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक के बाद एक तीन आदेश जारी किए, जिसमें एम्स की हेल्पलाइन, शव प्रबंधन और तीन समितियों का गठन शामिल है।
विज्ञापन
चौथा आदेश जांच को लेकर था, जिसके बाद दिल्ली में निजी लैब को विशेष निर्देश देते हुए 48 घंटे में रिपोर्ट देने के लिए कहा है। पांचवां आदेश नगर निगमों को मिला जिसके जरिए मरीजों की पहचान, घर घर सर्वे और क्षेत्रीय व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके कुछ देर बाद ही उत्तरी नगर निगम ने हिंदूराव अस्पताल को कोविड घोषित कर दिया। छठवां आदेश स्वयंसेवी संगठनों की मदद लेने का हुआ। गरीब व छोटे घरों में रहने वाले मरीजों के लिए उनके इलाकों में आइसोलेशन होम की व्यवस्था करने का।
सातवां आदेश बिस्तरों की संख्या बढ़ाने के लिए दिल्ली के होटलों में व्यवस्था शुरू हुई। पहली बैठक खत्म होने के बाद एलजी स्वयं छतरपुर निरीक्षण करने पहुंचे थे। इसके बाद कोविड वार्ड में सीसीटीवी, मरीजों के लिए कैंटीन, कोरोनो योद्घाओं के लिए मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग, नई डिस्चॉर्ज नीति पर फोकस, भेदभाव न करने के लिए प्रमाण पत्र जैसे आदेश भी जारी किए जा चुके हैं।
सातवां आदेश बिस्तरों की संख्या बढ़ाने के लिए दिल्ली के होटलों में व्यवस्था शुरू हुई। पहली बैठक खत्म होने के बाद एलजी स्वयं छतरपुर निरीक्षण करने पहुंचे थे। इसके बाद कोविड वार्ड में सीसीटीवी, मरीजों के लिए कैंटीन, कोरोनो योद्घाओं के लिए मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग, नई डिस्चॉर्ज नीति पर फोकस, भेदभाव न करने के लिए प्रमाण पत्र जैसे आदेश भी जारी किए जा चुके हैं।
विशेषज्ञों ने भी जताई खुशी
महामारी की इस लड़ाई में केंद्र और दिल्ली के बीच एक मजबूत समन्वय देख विशेषज्ञों ने भी खुशी जताई है। सामुदायिक चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. जुगल किशोर का कहना है कि इस महामारी से निपटने के लिए यह एक बहुत जरूरी कदम था जिसे अब बेहतर तरीके से किया जा रहा है। वहीं केंद्रीय स्वास्थ्यमंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी की मानें तो बीते दो दिन में दिल्ली को फोकस करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर पूरा दारोमदार सौंप दिया गया है। राजनैतिक सीमाओं को हटाकर उन्हें कार्य करने की आजादी मिलने से उत्साह भी बढ़ा है।
महामारी की इस लड़ाई में केंद्र और दिल्ली के बीच एक मजबूत समन्वय देख विशेषज्ञों ने भी खुशी जताई है। सामुदायिक चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. जुगल किशोर का कहना है कि इस महामारी से निपटने के लिए यह एक बहुत जरूरी कदम था जिसे अब बेहतर तरीके से किया जा रहा है। वहीं केंद्रीय स्वास्थ्यमंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी की मानें तो बीते दो दिन में दिल्ली को फोकस करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर पूरा दारोमदार सौंप दिया गया है। राजनैतिक सीमाओं को हटाकर उन्हें कार्य करने की आजादी मिलने से उत्साह भी बढ़ा है।