Delhi News : दिल्ली से कांवड़ लेने गए तीन दोस्त गंगा में डूबे, एक की मौत, दो लापता
एक युवक को तो किसी तरह वहां मौजूद लोगों ने बचा लिया, लेकिन तीन युवक गहरे पानी में डूब गए। घटना के बाद सर्च ऑपरेशन में एक युवक का शव बरामद कर लिया गया है, जबकि दो अभी लापता हैं।
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दिल्ली के मानसरोवर पार्क इलाके से हरिद्वार कांवड़ लेने गए चार दोस्त रविवार को गंगा में डूब गए। एक युवक को तो किसी तरह वहां मौजूद लोगों ने बचा लिया, लेकिन तीन युवक गहरे पानी में डूब गए। घटना के बाद सर्च ऑपरेशन में एक युवक का शव बरामद कर लिया गया है, जबकि दो अभी लापता हैं।
मृतक की शिनाख्त अमन (23) के रूप में हुई है। खबर लिखे जाने तक उसके दोस्तों प्रियांशु श्रीवास्तव (22) और यश गुप्ता (21) का पता नहीं चल सका है। हादसे की खबर मिलते ही इनके घरों में कोहराम मच गया। सभी के परिजन दिन में ही हरिद्वार के लिए रवाना हो गए हैं। बाल-बाल बचे चौथे युवक विनीत उर्फ विन्नी ने परिजनों को हादसे की सूचना दी थी। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।
चारों ही युवक शाहदरा जिले के मानसरोवर पार्क, न्यू मॉर्डन शाहदरा इलाके के रहने वाले हैं। अमन के परिवार में पिता विजय कुमार, बड़ा भाई दिपांशु व अन्य सदस्य हैं। अमन प्राइवेट नौकरी करता था। वहीं, प्रियांशु श्रीवास्तव मानसिंह कोठी के पास रहता है। इसके परिवार में पिता विनोद श्रीवास्तव, मां अनीता और एक बड़ा भाई दीपू श्रीवास्तव है। प्रियांशु आरओ का काम करता है। इसके पिता अपनी दुकान चलाते हैं।
यश गुप्ता के परिवार में पिता मुकेश गुप्ता, बड़ा भाई प्रतीक गुप्ता व अन्य सदस्य हैं। इनका रेडिमेड गारमेंट का कारोबार है। यश डीयू से ग्रेजुएशन करने के अलावा अपने परिवार के कारोबार में मदद करता था। प्रियांशु के बड़े भाई दीपू ने बताया कि शनिवार सुबह चारों दोस्तों का अचानक कांवड़ लाने का प्रोग्राम बना। प्रियांशु अपनी बाइक व उसके दोस्त ने अपनी स्कूटी ली।
इन पर सवार होकर अमन, यश, प्रियांशु व विनीत शनिवार शाम करीब 4.00 बजे हरिद्वार के लिए निकल गए। देर रात को यह हरिद्वार पहुंचे और एक आश्रम में रुक गए। रविवार सुबह करीब 9.30 बजे चारों भारत माता मंदिर के पास जल लेने के अलावा नहाने लगे। चारों दोस्त एक-दूसरे का हाथ पकड़कर नहा रहे थे, अचानक प्रियांशु का पैर गहरे पानी में फिसल गया। अमन, यश और विनीत ने उसे बचाने का प्रयास किया तो चारों ही डूबने लगे। किसी को भी तैरना नहीं आता था। शोर मचा तो वहां मौजूद लोगों ने विनीत को तो किसी तरह पानी से निकाल लिया, लेकिन अमन, यश और प्रियांशु गहरे पानी में डूब गए। सूचना मिलने के बाद प्रशासन के गोताखोरों ने अमन के शव को पानी से निकालकर मोर्चरी भेज दिया। बाकी की तलाश जारी थी।
सूचना से इलाके में मचा कोहराम
रविवार सुबह हादसे के कुछ ही देर बाद परिवार को लड़कों के डूबने की सूचना मिल गई। खबर मिलते ही पूरे इलाके में कोहराम मच गया। फौरन इनके परिवार वाले हरिद्वार के लिए रवाना हो गए। वहां पहुंचने पर प्रियांशु और यश के परिजन अपने लड़कों का सुराग लगाने के लिए मिन्नतें कर रहे थे। रात होने की वजह से रेस्क्यू का काम रोक दिया गया था। सुबह दोबारा दोनों की तलाश की जाएगी। दूसरी ओर दिल्ली स्थित तीनों लड़कों के घरों में मातम छाया हुआ था। इनके रिश्तेदार घरों पर जुटे थे।
गोमुख और हरिद्वार से आने वाले कांवड़ियों का सैलाब उमड़ा
राजधानी में गोमुख एवं हरिद्वार से पैदल कांवड़ लेकर आने वाले कांवड़ियों का सैलाब उमड़ गया है और यह सिलसिला सोमवार की शाम तक जारी रहेगा। लिहाजा राजधानी की सड़कें कांवड़ियों और उनकी सेवा के लिए लगाए गए शिविरों से पूरी तरह शिवमय हो चुकी हैं। कांवड़िए बम भोले के जयघोष के साथ अपनी मंजिल की ओर बढ़ रहे हैं, वहीं शिविर शंकर भगवान के भजनों से गूंज रहे हैं।
राजधानी की सड़कों पर दूसरे राज्यों के साथ-साथ स्थानीय कांवड़ियों का का आना शुरू हो गया है। राजधानी के अधिकतर कांवड़िए सोमवार की शाम तक आ जाएंगे। रिज रोड, जयपुर हाईवे आदि स्थानों पर लगे शिविरों में विश्राम करने के लिए रुके कांवड़ियों की भारी भीड़ दिखाई दी। शिविर लगाकर बैठे श्रद्धालु कांवड़ियों को बिना कुछ खिलाए आगे नहीं बढ़ने दे रहे हैं। शिविरों की जानकारी देने के लिए शिवभक्तों ने जगह-जगह बैनर लगाए हैं। शिविरों में कांवड़ियों के लिए खाने, आराम करने, नहाने आदि की सुविधाओं के अलावा चिकित्सा सेवाएं भी हैं। चिकित्सा मुहैया कराने के लिए चलती-फिरती डिस्पेंसरी की सुविधा भी शुरू की गई है। कर दी। यह डिस्पेंसरी रिज रोड पर पूरा दिन सक्रिय रही।
शिवभक्त अलग-अलग रिवाज एवं अंदाज में ला रहे कांवड़ : नई दिल्ली। गोमुख और हरिद्वार से अनेक शिवभक्त अलग-अलग अंदाज में कांवड़ लेकर आ रहे हैं। अधिकतर कांवड़िया झुला कांवड़ लेकर आ रहे हैं। वहीं कुछ कांवड़ियां खड़ी कांवड़ तो कुछ बैठी कांवड़ भी ला रहे हैं। कुछ कांवड़िया अपनी कांवड़ की इतना सजा रखा है कि भव्यता देखते ही बनती है।रस्सी व भगवा कपड़े में गंगा जल से भरी छोटी-छोटी कैन गले में लटकाकर भी कावड़िया आते दिखाई दिए। शिव मंदिर की तरह कांवड़ बनाकर दो-दो व चार-चार कांवड़िया अपने कंधों पर उठाकर आते दिखाई दिखाई दिए। बने हुए मंदिर में शिवलिंग और गंगाजल से भरा पात्र रखा हुआ है।
भजनों की धुन पर नृत्य करते चल रहे कांवड़िए
कांवड़ लेकर पहुंचे रहे श्रद्धालु भक्ति के साथ-साथ मौज मस्ती भी जमकर कर रहे हैं। रविवार को विभिन्न स्थानों पर शिविरों में भजनों की धुन पर नृत्य करते हुए कावड़िए दिखाई दिए। रिज रोड स्थित एक शिविर में कुछ ऐसा ही नजारा दिखाई दिया।