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बड़ी कंपनियों में नौकरी का झांसा देकर ठगने वाले तीन गिरफ्तार
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नई दिल्ली। उत्तर पश्चिम जिले की साइबर सेल ने फर्जी कॉल सेंटर के जरिये अमेजन और अन्य नामी कंपनियों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगने वाले तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपी जहांगीरपुरी निवासी हेमंत, किशन चंद और नत्थूपुरा निवासी विरेंद्र यादव के पास से छह मोबाइल फोन बरामद हुए हैं।
जिला पुलिस उपायुक्त उषा रंगनानी ने बताया कि मुखर्जी नगर निवासी नितिश गुप्ता ने 18 फरवरी को दी शिकायत में कहा था कि उन्होंने अमेजन कंपनी में फील्ड बॉय की नौकरी के लिए आवेदन किया था। एक दिन खुद को अमेजन कंपनी का मैनेजर बताने वाले व्यक्ति ने फोन कर कहा कि उनका आवेदन स्वीकार कर लिया गया है। उसने व्हाट्स एप पर नितिश से दस्तावेज मंगवाए और फोन पर साक्षात्कार लिया। इसके बाद दस्तावेज वेरिफिकेशन के नाम पर एक हजार, यूनिफार्म के लिए ढाई हजार और लैपटॉप सिक्योरिटी के नाम पर पांच हजार रुपये कोटक महिंद्रा बैंक के खाते में डलवाए। इसके बाद भी पैसे की मांग नहीं रुकी तो नितिश को ठगी का अहसास हुआ और उन्होंने जहांगीरपुरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
साइबर सेल के निरीक्षक वरुण दलाल के नेतृत्व वाली टीम ने आरोपियों के बैंक खातों और फोन डिटेल को खंगाला। इसके आधार पर तीनों को स्वरूप नगर से गिरफ्तार किया गया। ये यहीं से कॉल सेंटर चला रहे थे। पूछताछ में पता चला कि विरेंद्र सरगना है और दोस्तों के साथ मिलकर ठगी करता था।
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जिला पुलिस उपायुक्त उषा रंगनानी ने बताया कि मुखर्जी नगर निवासी नितिश गुप्ता ने 18 फरवरी को दी शिकायत में कहा था कि उन्होंने अमेजन कंपनी में फील्ड बॉय की नौकरी के लिए आवेदन किया था। एक दिन खुद को अमेजन कंपनी का मैनेजर बताने वाले व्यक्ति ने फोन कर कहा कि उनका आवेदन स्वीकार कर लिया गया है। उसने व्हाट्स एप पर नितिश से दस्तावेज मंगवाए और फोन पर साक्षात्कार लिया। इसके बाद दस्तावेज वेरिफिकेशन के नाम पर एक हजार, यूनिफार्म के लिए ढाई हजार और लैपटॉप सिक्योरिटी के नाम पर पांच हजार रुपये कोटक महिंद्रा बैंक के खाते में डलवाए। इसके बाद भी पैसे की मांग नहीं रुकी तो नितिश को ठगी का अहसास हुआ और उन्होंने जहांगीरपुरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
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साइबर सेल के निरीक्षक वरुण दलाल के नेतृत्व वाली टीम ने आरोपियों के बैंक खातों और फोन डिटेल को खंगाला। इसके आधार पर तीनों को स्वरूप नगर से गिरफ्तार किया गया। ये यहीं से कॉल सेंटर चला रहे थे। पूछताछ में पता चला कि विरेंद्र सरगना है और दोस्तों के साथ मिलकर ठगी करता था।
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