दिल्ली का बजट : विज्ञान की आधुनिक पगडंडियों पर उड़ान भरेंगे भविष्य के ‘न्यूटन’, मिलेगी साइंस म्यूजियम की सौगात
बच्चों में विज्ञान के प्रति जिज्ञासा और रुचि विकसित करने के लिए बनेगा स्कूल साइंस म्यूजियम। चिराग एंक्लेव में शुरू होने वाले इस संग्रहालय के लिए 50 करोड़ रुपये खर्च करेगी दिल्ली सरकार।
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दिल्ली सरकार विज्ञान की आधुनिक पगडंडियों के जरिए भविष्य के आइजैक न्यूटन तैयार करने जा रही है। इसलिए जल्द ही दिल्ली को एक स्कूल साइंस म्यूजियम की सौगात मिलेगी। दिल्ली सरकार चिराग एंक्लेव में इसे स्थापित करेगी। यह संग्रहालय शिक्षकों और विद्यार्थियों के बीच विज्ञान के तिलिस्म को तोड़ते हुए बच्चों में विज्ञान के प्रति जिज्ञासा और रुचि विकसित करने में अहम भूमिका निभाएगा। विज्ञान के कई टॉपिक्स को इस संग्रहालय में जाकर आसानी से समझा जा सकेगा। दिल्ली सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल के तीसरेे बजट में इस तरह के म्यूजियम का प्रावधान किया है। इसके लिए सरकार शिक्षा के बजट में से 50 करोड़ रुपये खर्च करेगी।
सरकार स्कूलों में डिजिटल क्रांति भी लेकर आएगी। इसके लिए अगले चार साल में सभी स्कूलों की कक्षाओं को डिजिटल क्लासरूम में बदल दिया जाएगा। उपमुख्यमंत्री व वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया ने वर्ष 2022-23 के बजट में शिक्षा के लिए एक बार फिर से अपना खजाना खोल दिया है। केजरीवाल मॉडल ऑफ गवर्नेंस से शिक्षा में क्रांति लाने के लिए सरकार ने शिक्षा क्षेत्र को 16,278 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की है। यह कुल बजट का सर्वाधिक 22 फीसदी है। बीते साल सरकार ने शिक्षा के बजट के लिए 16, 377 करोड़ रुपये आवंटित किए थे।
सिसोदिया ने बजट पेश करते हुए कहा कि दिल्ली की शिक्षा क्रांति ने दिल्ली में अर्थव्यवस्था की क्रांति का आधार तैयार कर दिया है। सरकार शिक्षा के क्षेत्र पर जोर देते हुए बेघर बच्चों को समाज की मुख्यधारा में लाने का प्रयास कर रही है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ अब भोजन और आश्रय को भी जोड़ा जा रहा है। इसके लिए सड़क किनारे, फुटपाथ, फ्लाईओवर, सीढ़ियों, रेलवे प्लेेटफॉर्म, खुला पूजा स्थलों परिसरों में रहने वाले बच्चों को बुनियादी शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए उपाय किए जा रहे हैं। सरकार ने आधुनिक सुविधाओं के साथ एक बोर्डिंग स्कूल स्थापित करने का फैसला किया है। यह स्कूल शिक्षा के साथ-साथ रहने की भी सुविधा देंगे। इन नई पहल के लिए बजट में 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
स्कूलों के सभी क्लासरूम डिजिटल होंगे
सिसोदिया ने कहा कि सरकार ने पिछले बजट में सभी क्लासरूम को अगले पांच साल में स्मार्ट डिजिटल क्लासरूम में बदलने की योजना बनाई थी। यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहा, जिसके बाद हम इस साल से अगले चार साल में अपने सभी स्कूलों के क्लासरूम को डिजिटल में बदलने का काम शुरू करने जा रहे हैं।
- दिल्ली कौशल और उद्यमिता विवि के 11 और कैंपस में पढ़ाई शुरू होगी : दिल्ली कौशल और उद्यमिता विवि के 15 कैंपस इस साल शुरू किए गए। इनमें स्नातक, स्नातकोत्तर, बीटेक और डिप्लोमा कोर्स के लिए 7,145 सीटों पर दाखिले हुए। अब यूनिवर्सिटी के 11 और कैंपस में पढ़ाई इस साल से शुरू हो जाएगी। इसी साल से हर साल ढाई हजार बच्चों को दाखिला मिल सकेगा।
- निजी स्कूल में भी शुरू होंगे बिजनेस ब्लास्टर प्रोग्राम : दिल्ली सरकार ने बिजनेस ब्लास्टर प्रोग्राम को शुरू किया है। अभी इस योजना को सरकारी स्कूलों में शुरू किया गया है, लेकिन अब इसे निजी स्कूलों मेें भी शुरू किया जाएगा
बजट में खास
- राजेंद्र नगर के एक स्कूल में आधुनिक मोंटेसरी लैब बनाने के बाद अब 100 और स्कूलों में इसी तरह लैब बनाई जाएंगी।
- खेलों को आगे बढ़ाते हुए 100 स्कूलों में स्थानीय बच्चों और समाज की जरूरतों के हिसाब से खेल संसाधनों पर काम किया जाएगा।
- हाल ही में शुरू की गई दिल्ली टीचर्स यूनिवर्सिटी ने काम करना शुरू किया। भारत सरकार से जरूरी मंजूरी मिलने के बाद अगले सत्र से यहां भी बीएड कोर्स शुरू करने की तैयारी है।
- दिल्ली खेल विवि में अगले सत्र से देशभर से करीब 250 खेल प्रतिभाओं को दाखिला देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इन प्रतिभाओं को अभी से भावी ओलंपिक चैंपियन के रूप में तैयार किया जाएगा।
- गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय का पूर्वी परिसर इस साल से शुरू हो रहा है।
विशेषज्ञ की राय : नई यूनिवर्सिटी को मजबूत करने की जरूरत है
शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य पर फोकस करने की जरूरत है। यह दिल्ली सरकार के बजट में दिखता है। शिक्षा पर जिस तरह से दिल खोलकर सरकार पैसा खर्च कर रही है, वह प्रगतिशील कदम है। सरकार नए स्कूल, यूनिवर्सिटी खोल रही है वह ठीक है, लेकिन नई संस्था, यूनिवर्सिटी या फिर स्कूल बना देना ही काफी नहीं है बल्कि इन्हें मजबूत करने की भी जरूरत है। यह भी देखना होगा कि किसी प्रकार से निजीकरण न होने पाए। अन्यथा इसका असर छात्रों की फीस पर पड़ेगा। शिक्षा के क्षेत्र में नए सुधार भी जरूरी है। - प्रोफेसर राजेश झा राजधानी कॉलेज, डीयू
नगर निकायों के लिए 4,374 करोड़
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए स्थानीय निकायों को 4,374 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करने का प्रस्ताव रखा है। इसमें स्थानीय निकायों की योजनाओं, कार्यक्रमों, परियोजनाओं के कार्यान्वयन के लिए 2,305 करोड़ रुपये और बेसिक टैक्स असाइनमेंट (बीटीए) के लिए 2,069 करोड़ रुपये शामिल हैं।
दिल्ली के वित्तमंत्री मनीष सिसोदिया ने बताया कि बजट में स्थानीय निकायों को टिकटों, पंजीकरण शुल्क और पार्किंग शुल्क में हिस्सेदारी के लिए 1,780 करोड़ रुपये की अतिरिक्तराशि भी देने का प्रस्ताव है। उधर, दक्षिणी निगम के महापौर मुकेश सूर्यान ने दिल्ली सरकार के बजट में स्थानीय नगर निकायों के लिए प्रस्तावित बजट पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि बजट में नगर निगमों को दिए जाने वाले वित्तीय सहयोग में फिर कटौती की गई है। वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए निगमों के लिए 6154 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जो कि पिछले वर्ष की तुलना में बेहद कम है। ब्यूरो
रोजगार ऑडिट की योजना लाएगी सरकार : सिसोदिया
करदाताओं के पैसे से सृजित नौकरियों का दिल्ली सरकार ऑडिट कराएगी। यह देखेगी कि योजनाओं पर किए गए खर्च से कितने लोगों को रोजगार मिला। खर्च करने का परिणाम क्या है। यह बातें वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया ने बजट पेश करते सद में कही। सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली सरकार यह पता लगाने के लिए एक सर्वेक्षण करेगी कि विभिन्न कार्यक्रमों और योजनाओं पर किए गए खर्च के एवज में कितने लोगों को रोजगार मिला है। जनता के टैक्स के पैसे से किए गए कार्यों के सामान्य परिणाम के साथ यह देश में इस तरह का पहला रोजगार ऑडिट होगा।