{"_id":"685045f8da8bcb2c4800185c","slug":"the-dream-of-complete-integration-and-development-of-jammu-and-kashmir-is-being-fulfilled-manoj-sinha-ashram-news-c-340-1-del1011-94112-2025-06-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi News: जम्मू कश्मीर के पूर्ण एकीकरण और विकास का सपना पूरा हो रहा- मनोज सिन्हा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi News: जम्मू कश्मीर के पूर्ण एकीकरण और विकास का सपना पूरा हो रहा- मनोज सिन्हा
विज्ञापन
-मनोज सिन्हा ने कहा, अब जम्मू कश्मीर में विकास और काम-काज का हिसाब दोनों हो रहा है
-जम्मू-कश्मीर के एलजी ने आशीष शर्मा की कॉपी टेबल बुक रिइमैजिनिंग जम्मू एंड कश्मीर - ए पिक्टोरियल जर्नी का लोकार्पण किया
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
जम्मू-कश्मीर के पूर्ण एकीकरण और खेती से विकास का सपना पूरा हो रहा है। 5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 को निरस्त कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे भारत का अभिन्न अंग बनाया। 6 जून 2025 को रेल नेटवर्क के जरिये जम्मू-कश्मीर से कन्याकुमारी तक पूरे भारत से जुड़ गया। पीएम मोदी ने दुनिया के सबसे ऊंचे चिनाब ब्रिज पर तिरंगे के साथ इतिहास रच दिया। ये दोनों तारीखें कश्मीर को जीवनधारा से जोड़ गईं। ये बातें जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कही।
दिल्ली में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के कलानिधि संभाग की ओर से सोमवार को आयोजित कार्यक्रम में एलजी मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने किताब के चित्रों पर लगी प्रदर्शनी देखी। ये प्रदर्शनी दर्शकों के लिए 25 जून तक आईजीएनसीए की चित्रदीर्घा दर्शनम्-1 में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक खुली रहेगी। एलजी ने कहा कि आशीष शर्मा की किताब कश्मीर में बदलाव की कहानी कहती है। इसमें चित्रों के जरिये जम्मू कश्मीर के बदलाव को तथ्यात्मक रूप में जस का तस पेश किया है। इस कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी, आईजीएनसीए के अध्यक्ष राम बहादुर राय, सदस्य सचिव डॉ सच्चिदानंद जोशी, कलानिधि के निदेशक डॉ रमेश सी गौड किताब के लेखक आशीष शर्मा शामिल रहे।
अब जम्मू-कश्मीर के लोगों को उनका शहर मिल गया है
एलजी ने कहा कि घाटी के लोगों को उनका शहर बेगाना लगता था। वहां कब क्या हो जाए, पता नहीं था। लेकिन 58 महीने में उनको उनका शहर वापस दिया है। कश्मीर में खेती से जुड़ी 29 योजनाएं शुरू हुई हैं। नदियां, झीलें साफ हुई हैं। शाम ए कश्मीर की चर्चा चल रही है। पोलो व्यू, अप्सरा मार्केट का नजारा पूरी तरह बदल गया है। झेलम फ्रंट का काम दो महीने में पूरा हो जाएगा। सनसेट प्लाजा, सबेस्टियन पार्क, स्थायी शहरी विकास से जम्मू-कश्मीर आगे बढ़ रहा है। ई-गवर्नेंस के जरिये 1137 सेवाएं अब ऑनलाइन उपलब्ध हैं। कश्मीर से जम्मू फाइलें नहीं ढोनी पड़तीं। दो एम्स, दो आईआईटी, दो केंद्रीय विश्वविद्यालय उच्चशिक्षा के कीर्तिमान गढ़ रहे हैं।
विज्ञापन
सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने के लिए हुआ पहलगाम हमला
एलजी ने कहा कि घाटी में सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने के लिए पहलगाम हमला कराया गया। कश्मीर में अलगाववाद, पत्थरबाजी खत्म हो गया है। ऐसा पहली बार हुआ कि उस बर्बर घटना के विरोध में जम्मू-कश्मीर के लोग खुद से सड़कों पर उतरे। उन्होंने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर को लेकर भारत सरकार और राज्य प्रशासन की नीति यही है कि शांति को खरीदा नहीं जा सकता। शांति को स्थापित करना पड़ता है। हम अपने सुरक्षाबलों को कहते हैं कि बेगुनाह को छेड़ो मत और गुनाहगार को छोड़ो मत।
ये बदलते कश्मीर की कहानी - रामबहादुर राय
आईजीएनसीए के अध्यक्ष रामबहादुर राय ने कहा, इस पुस्तक का महत्त्व पहलगाम की घटना के बाद और बढ़ गया है। ये एक फोटो की बड़ी किताब भर नहीं है, बल्कि एक किताब में हजारों किताबें छिपी हैं। डॉ सच्चिदानंद जोशी ने कहा, कि यह किताब एक भावनात्मक यात्रा है, इसमें निजी पीड़ा छिपी हुई है। लेखक आशीष शर्मा ने कहा कि यह उनके लिए सिर्फ एक किताब नहीं है, बल्कि उनकी निजी यात्रा है।
विज्ञापन
-जम्मू-कश्मीर के एलजी ने आशीष शर्मा की कॉपी टेबल बुक रिइमैजिनिंग जम्मू एंड कश्मीर - ए पिक्टोरियल जर्नी का लोकार्पण किया
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
जम्मू-कश्मीर के पूर्ण एकीकरण और खेती से विकास का सपना पूरा हो रहा है। 5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 को निरस्त कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे भारत का अभिन्न अंग बनाया। 6 जून 2025 को रेल नेटवर्क के जरिये जम्मू-कश्मीर से कन्याकुमारी तक पूरे भारत से जुड़ गया। पीएम मोदी ने दुनिया के सबसे ऊंचे चिनाब ब्रिज पर तिरंगे के साथ इतिहास रच दिया। ये दोनों तारीखें कश्मीर को जीवनधारा से जोड़ गईं। ये बातें जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कही।
दिल्ली में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के कलानिधि संभाग की ओर से सोमवार को आयोजित कार्यक्रम में एलजी मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने किताब के चित्रों पर लगी प्रदर्शनी देखी। ये प्रदर्शनी दर्शकों के लिए 25 जून तक आईजीएनसीए की चित्रदीर्घा दर्शनम्-1 में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक खुली रहेगी। एलजी ने कहा कि आशीष शर्मा की किताब कश्मीर में बदलाव की कहानी कहती है। इसमें चित्रों के जरिये जम्मू कश्मीर के बदलाव को तथ्यात्मक रूप में जस का तस पेश किया है। इस कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी, आईजीएनसीए के अध्यक्ष राम बहादुर राय, सदस्य सचिव डॉ सच्चिदानंद जोशी, कलानिधि के निदेशक डॉ रमेश सी गौड किताब के लेखक आशीष शर्मा शामिल रहे।
विज्ञापन
अब जम्मू-कश्मीर के लोगों को उनका शहर मिल गया है
एलजी ने कहा कि घाटी के लोगों को उनका शहर बेगाना लगता था। वहां कब क्या हो जाए, पता नहीं था। लेकिन 58 महीने में उनको उनका शहर वापस दिया है। कश्मीर में खेती से जुड़ी 29 योजनाएं शुरू हुई हैं। नदियां, झीलें साफ हुई हैं। शाम ए कश्मीर की चर्चा चल रही है। पोलो व्यू, अप्सरा मार्केट का नजारा पूरी तरह बदल गया है। झेलम फ्रंट का काम दो महीने में पूरा हो जाएगा। सनसेट प्लाजा, सबेस्टियन पार्क, स्थायी शहरी विकास से जम्मू-कश्मीर आगे बढ़ रहा है। ई-गवर्नेंस के जरिये 1137 सेवाएं अब ऑनलाइन उपलब्ध हैं। कश्मीर से जम्मू फाइलें नहीं ढोनी पड़तीं। दो एम्स, दो आईआईटी, दो केंद्रीय विश्वविद्यालय उच्चशिक्षा के कीर्तिमान गढ़ रहे हैं।
विज्ञापन
सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने के लिए हुआ पहलगाम हमला
एलजी ने कहा कि घाटी में सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने के लिए पहलगाम हमला कराया गया। कश्मीर में अलगाववाद, पत्थरबाजी खत्म हो गया है। ऐसा पहली बार हुआ कि उस बर्बर घटना के विरोध में जम्मू-कश्मीर के लोग खुद से सड़कों पर उतरे। उन्होंने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर को लेकर भारत सरकार और राज्य प्रशासन की नीति यही है कि शांति को खरीदा नहीं जा सकता। शांति को स्थापित करना पड़ता है। हम अपने सुरक्षाबलों को कहते हैं कि बेगुनाह को छेड़ो मत और गुनाहगार को छोड़ो मत।
ये बदलते कश्मीर की कहानी - रामबहादुर राय
आईजीएनसीए के अध्यक्ष रामबहादुर राय ने कहा, इस पुस्तक का महत्त्व पहलगाम की घटना के बाद और बढ़ गया है। ये एक फोटो की बड़ी किताब भर नहीं है, बल्कि एक किताब में हजारों किताबें छिपी हैं। डॉ सच्चिदानंद जोशी ने कहा, कि यह किताब एक भावनात्मक यात्रा है, इसमें निजी पीड़ा छिपी हुई है। लेखक आशीष शर्मा ने कहा कि यह उनके लिए सिर्फ एक किताब नहीं है, बल्कि उनकी निजी यात्रा है।