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अतिरिक्त 1.40 लाख सीसीटीवी कैमरों के लिए निविदा आमंत्रित
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नई दिल्ली। दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन ने सोमवार को विधानसभा को बताया कि राजधानी में 2.80 लाख सीसीटीवी कैमरे लगवाने की दिशा में कदम बढ़ा दिया गया है। सरकार ने सोमवार को दूसरे फेज में अतिरिक्त 1.40 लाख सीसीटीवी कैमरों के लिए निविदा आमंत्रित की है। वहीं, पहले फेज में 1.40 लाख कैमरे लगाने का काम जारी है। वे सदन में अल्पकालिक चर्चा में हिस्सा ले रहे थे।
सत्येंद्र जैन ने बताया कि सीसीटीवी कैमरे में खर्च होने वाली बिजली का भार दिल्ली सरकार वहन करेगी। फिलहाल जिस तरह के कैमरे लगाए जा रहे हैं, उनमें हरेक में प्रतिमाह 6 यूनिट बिजली खर्च होगी। वहीं, सीसीटीवी के एक पैनल पर 20 यूनिट का खर्चा आएगा। एक पैनल से चार सीसीटीवी कैमरे जुड़े होंगे। इस लिहाज से महीने में कुल 44 यूनिट बिजली का खर्च आएगा। सरकार ने 50 यूनिट तक के लिए डिस्काउंट दिया है। सत्येंद्र जैन ने बताया कि अत्याधुनिक तकनीक के एचडी कैमरों की रिकॉर्डिंग एक महीने तक सुरक्षित रखी जा सकेगी। 50 मीटर के दायरे की तस्वीरें साफ-सुथरी होंगी। वाई-फाई से युक्त सारे कैमरे वायरलेस हैं। किसी कैमरे में कोई खराबी आती है तो तुरंत इसकी सूचना दिल्ली पुलिस के साथ पीडब्ल्यूडी, लगाने वाली कंपनी व आरडब्ल्यूए के पास चली जाएगी। सत्येंद्र जैन ने बताया कि सोमवार को अपलोड किए गए टेंडर से संबंधित अतिरिक्त 1.40 लाख कैमरे निविदा जारी होने के एक साल के भीतर लग जाएंगे। इसके बाद दिल्ली दुनिया का पहला शहर होगा, जहां इतने बड़े पैमाने पर सीसीटीवी लगाए गए होंगे।
विधायक जरनैल सिंह ने दिया धन्यवाद
इससे पूर्व, अल्पकालिक चर्चा की शुरुआत करते हुए विधायक जरनैल सिंह ने दिल्ली सरकार को इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि कैमरे लगने से दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता होगी। दूसरे विधायकों ने भी इस दौरान अपनी बातें रखीं।
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सिसोदिया बोले, छोटे अपराधों में आ रही कमी
उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सदन में कहा कि सीसीटीवी कैमरों को आम दिल्लीवाले अपनी सुरक्षा के लिए बेहतर कदम मान रहे हैं। सिसोदिया ने कहा कि वह जहां-जहां इस बारे में बात करते हैं, वहां के लोगों का मानना है कि बड़े ही नहीं, छोटे-छोटे अपराधों में भी इससे कमी आई है। एक उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि अभी एक मंदिर कमेटी की तरफ से बताया गया कि कैमरे लगने से ऐसा पहली बार हुआ कि जन्माष्टमी के दौरान उनके मंदिर में चप्पल चोरी नहीं हुईं। बच्चे कहते हैं कि स्कूलों में अब उनकी पेंसिल गुम नहीं होती।
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सत्येंद्र जैन ने बताया कि सीसीटीवी कैमरे में खर्च होने वाली बिजली का भार दिल्ली सरकार वहन करेगी। फिलहाल जिस तरह के कैमरे लगाए जा रहे हैं, उनमें हरेक में प्रतिमाह 6 यूनिट बिजली खर्च होगी। वहीं, सीसीटीवी के एक पैनल पर 20 यूनिट का खर्चा आएगा। एक पैनल से चार सीसीटीवी कैमरे जुड़े होंगे। इस लिहाज से महीने में कुल 44 यूनिट बिजली का खर्च आएगा। सरकार ने 50 यूनिट तक के लिए डिस्काउंट दिया है। सत्येंद्र जैन ने बताया कि अत्याधुनिक तकनीक के एचडी कैमरों की रिकॉर्डिंग एक महीने तक सुरक्षित रखी जा सकेगी। 50 मीटर के दायरे की तस्वीरें साफ-सुथरी होंगी। वाई-फाई से युक्त सारे कैमरे वायरलेस हैं। किसी कैमरे में कोई खराबी आती है तो तुरंत इसकी सूचना दिल्ली पुलिस के साथ पीडब्ल्यूडी, लगाने वाली कंपनी व आरडब्ल्यूए के पास चली जाएगी। सत्येंद्र जैन ने बताया कि सोमवार को अपलोड किए गए टेंडर से संबंधित अतिरिक्त 1.40 लाख कैमरे निविदा जारी होने के एक साल के भीतर लग जाएंगे। इसके बाद दिल्ली दुनिया का पहला शहर होगा, जहां इतने बड़े पैमाने पर सीसीटीवी लगाए गए होंगे।
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विधायक जरनैल सिंह ने दिया धन्यवाद
इससे पूर्व, अल्पकालिक चर्चा की शुरुआत करते हुए विधायक जरनैल सिंह ने दिल्ली सरकार को इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि कैमरे लगने से दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता होगी। दूसरे विधायकों ने भी इस दौरान अपनी बातें रखीं।
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सिसोदिया बोले, छोटे अपराधों में आ रही कमी
उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सदन में कहा कि सीसीटीवी कैमरों को आम दिल्लीवाले अपनी सुरक्षा के लिए बेहतर कदम मान रहे हैं। सिसोदिया ने कहा कि वह जहां-जहां इस बारे में बात करते हैं, वहां के लोगों का मानना है कि बड़े ही नहीं, छोटे-छोटे अपराधों में भी इससे कमी आई है। एक उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि अभी एक मंदिर कमेटी की तरफ से बताया गया कि कैमरे लगने से ऐसा पहली बार हुआ कि जन्माष्टमी के दौरान उनके मंदिर में चप्पल चोरी नहीं हुईं। बच्चे कहते हैं कि स्कूलों में अब उनकी पेंसिल गुम नहीं होती।