{"_id":"602774088ebc3ee952578e89","slug":"tattoo-made-the-base-of-bail-in-the-name-of-accused-on-the-hands-of-the-rape-victim","type":"story","status":"publish","title_hn":"दुष्कर्म पीड़िता के हाथ पर आरोपी के नाम का टैटू बना जमानत का आधार, कोर्ट ने कहा- बिना सहमति के टैटू खोदना संभव नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दुष्कर्म पीड़िता के हाथ पर आरोपी के नाम का टैटू बना जमानत का आधार, कोर्ट ने कहा- बिना सहमति के टैटू खोदना संभव नहीं
Sat, 13 Feb 2021 12:09 PM IST
सुशील कुमार कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: सुशील कुमार कुमार
Updated Sat, 13 Feb 2021 12:09 PM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हाईकोर्ट ने दुष्कर्म के आरोप को संदेह के दायरे में लेते हुए आरोपी को जमानत दे दी। अदालत ने पाया कि दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली महिला के हाथ पर आरोपी के नाम का टैटू बनाया गया था। अदालत ने माना कि बिना महिला की सहमति से टैटू नहीं बनाया जा सकता। इस प्रकार दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली महिला के हाथ पर आरोपी के नाम का टैटू लिखा होना, आरोपी को जमानत दिलवाने में अहम भूमिका निभाई।
न्यायमूर्ति रजनीश भटनागर ने आरोपी को जमानत प्रदान करते हुए कहा है कि टैटू कोई आम आदमी नहीं खोद सकता। उसके लिए दक्षता की जरूरत है। महिला ने अपने आरोप में यह भी नहीं कहा कि आरोपी का संबंध टैटू के व्यवसाय से है। अदालत ने कहा कि किसी महिला के हाथ पर टैटू बिना उसकी सहमति से नहीं खुदवाया जा सकता है। टैटू खुदवाने के लिए शांत रहने की जरूरत है।
वहीं बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क रखा कि महिला उनके मुवक्किल के साथ तीन साल से रिलेशनशिप में थी और उनके मुवक्किल द्वारा रिलेशनशिप जारी रखने से मना करने पर महिला ने उस पर दुष्कर्म का आरोप लगा दिया। अदालत ने महिला के उस आरोप पर भी संदेह जताया कि आरोपी ने उसे बंधक बनाकर जबरदस्ती उसके हाथ पर टैटू खुदवा दिया है।
विज्ञापन
अदालत ने कहा कि आरोप पत्र में कहा गया है कि महिला को जहां बंधक बना कर रखने की बात कही गई है, वहां लड़की खुद किराएदार के रूप में रह रही थी। अदालत ने इन सभी तथ्यों को संज्ञान में लेते हुए आरोपी को 25 हजार रुपये के व्यक्तिगत मुचलके व इतनी ही राशि के एक अन्य मुचलके पर जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
न्यायमूर्ति रजनीश भटनागर ने आरोपी को जमानत प्रदान करते हुए कहा है कि टैटू कोई आम आदमी नहीं खोद सकता। उसके लिए दक्षता की जरूरत है। महिला ने अपने आरोप में यह भी नहीं कहा कि आरोपी का संबंध टैटू के व्यवसाय से है। अदालत ने कहा कि किसी महिला के हाथ पर टैटू बिना उसकी सहमति से नहीं खुदवाया जा सकता है। टैटू खुदवाने के लिए शांत रहने की जरूरत है।
विज्ञापन
वहीं बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क रखा कि महिला उनके मुवक्किल के साथ तीन साल से रिलेशनशिप में थी और उनके मुवक्किल द्वारा रिलेशनशिप जारी रखने से मना करने पर महिला ने उस पर दुष्कर्म का आरोप लगा दिया। अदालत ने महिला के उस आरोप पर भी संदेह जताया कि आरोपी ने उसे बंधक बनाकर जबरदस्ती उसके हाथ पर टैटू खुदवा दिया है।
विज्ञापन
अदालत ने कहा कि आरोप पत्र में कहा गया है कि महिला को जहां बंधक बना कर रखने की बात कही गई है, वहां लड़की खुद किराएदार के रूप में रह रही थी। अदालत ने इन सभी तथ्यों को संज्ञान में लेते हुए आरोपी को 25 हजार रुपये के व्यक्तिगत मुचलके व इतनी ही राशि के एक अन्य मुचलके पर जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है।